
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
Red-eyes
आंखें मानव शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग होने के साथ ही स्वभाव में बहुत नाजुक भी होती हैं। यही कारण है कि इनकी खास देखभाल करने की जरूरत होती है। जरा सी लापरवाही से आंखों का लाल होना, आंसू आना, दर्द और जलन होना व इंफेक्शन होने का खतरा रहता है। अधिकतर लोग आंखों में लालिमा और आंसू की समस्या को महसूस करते हैं। यह समस्या तब होती है जब व्यक्ति थकान, प्रदूषण, तनाव, कम्प्युटर के बैठने, आंखों में मिट्टी के कण जाने और अधिक देर तक कॉनटेक्ट लैंस लगाने से होती है। वैसे यह समस्या गर्मियों में या मानसून के वक्त अधिक महसूस की जाती है।
1. जब आंख कॉर्नियल अल्सर नामक विकार की चपेट में आती है तो कॉर्निया प्रभावित होता है जिससे आंखें लाल हो जाती हैं और आंसू निकलने लगते हैं। इस स्थिति में आंखों में जलन और सूजन भी हो सकती है।
2. लूब्रिकैशन के लिए आंखों द्वारा पर्याप्त आंसू नहीं पैदा कर पाने के कारण आंखें ड्राई आई सिंड्रोम की चपेट में आ जाती है। वैसे तो इस स्थिति में आंखों में पानी नहीं बचता है लेकिन कभी कभी अचानक से आंसू आ जाते हैं।
3. जब कभी आप जरूरत से ज्यादा टीवी देख लेते हैं या सिस्टम के आगे बैठ जाते हैं तब भी आंखे लाल हो जाती हैं और आंसू निकल जाते हैं। इससे बचने के लिए बीच-बीच में ब्रेक लेते रहें।
4. बार-बार आंखें छूने से आंखों में इन्फेक्शन पैदा हो सकता है। इसके अलावा खराब क्वालिटी वाले मेक-अप प्रोडक्ट से इन्फेक्शन हो सकता है।
5. लंबे समय तक कॉन्टेक्ट लेंस पहनना और उनकी सही तरह से देखभाल नहीं करने पर आपकी आंखें लाल हो सकती हैं। इतना ही नहीं इससे जलन और फंगल आई इन्फेक्शन भी हो सकता है। इस स्थिति में भारी मात्रा में आंखों से आंसू निकलते हैं।
6. ओक्युलर हर्पीज एक वायरल इन्फेक्शन है, जो टाइप 1 हर्पीज सिंप्लेक्स वायरस की वजह से होता है, जो कॉर्निया के लिए परेशानी का सबब बन सकता है। इससे आंखे लाल होना, सूजन, दर्द और पानी बहने की समस्या भी हो सकती है।
1. जब भी घर से बाहर निकलें 100 प्रतिशत यूवी प्रोटेक्टेड धूप का चश्मा लगाएं।
2. बादल यूवी किरणों को नहीं रोक पाते हैं, इनके होने पर भी सूरज की किरणें नीचे आती हैं इसलिए चश्मा लगाए रहें।
3. मानसून में जब भी घर से बाहर से आएं तो हमेशा आंखों को ठंडे पानी से धोंएं।
4. अपने कॉन्टेक्स लेंस को खुले में कभी भी नहीं रखें ओर इनकी जल्दी-जल्दी सफाई करते रहें।
5. आंखों की सुरक्षा के लिए हैट पहन लें या छाता प्रयोग करें।
6. गर्मियों में अगर आपको आंखों में थकान या खुश्की महसूस हो तो आंखों को ठंडा करने के लिए मास्क लगा सकते हैं।
7. सूरज को कभी भी सीधे न देंखें।
8. अगर आंखों में संक्रमण हों तो कॉस्मेटिक्स का प्रयोग करने से बचें, मानसून के मौसम में।
9. अगर गंभीर रूप से डीहाईड्रेशन होता है तो आंसू बनने बंद हो जाते हैं और ड्राई आई व विजन की समस्या जन्म ले लेती है। हर दिन अधिक मात्रा में पीना डीहाईड्रेशन के नकारात्मक प्रभावों को कम कर सकता है।
10. अपनी आंखों को बारिश की बौछारों से बचाना बहुत आवश्यक है क्योंकि बूंदों में धुली गंदगी आंखों को संक्रमित कर सकती है।
11. अगर आप आंधी में फंस गए हैं तो अपनी आंखें तुरंत धोने का प्रबंध करें। आंखों में धूल के कण संक्रमण पैदा कर सकते हैं और आंखों में जलन व खुजली हो सकती है।
12. सबसे महत्वपूर्ण यह है कि अगर आपकी आंखों में किसी भी प्रकार की परेशानी और संक्रमण लग रहा है तो किसी सर्टिफाइड नेत्र रोग विशेषज्ञ से ही अपनी आंखें चेक करवाएं।