... Read More
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
Written By: IANS | Updated : October 11, 2019 9:00 AM IST
भारत में दृष्टि क्षीणता में 25 फीसदी की कमी का लक्ष्य पूरा हुआ।© Shutterstock
भारत ने मंद दृष्टि या कम दिखाई देना (vision impairment) में 25 फीसदी की कमी का अपना लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल कर लिया है। इसकी पुष्टि राष्ट्रीय दृष्टिहीन एवं दृष्टि क्षीणता (vision impairment) (नेशनल ब्लाइंडनेस एंड विजुअल इंपेयरमेंट) सर्वेक्षण से हुई है। यूनिवर्सल आई हेल्थ 2014-2019 के लिए डब्ल्यूएचओ ग्लोबल एक्शन प्लान में 2010 के आधारभूत स्तर से 2019 तक कम दिखाई देने की समस्या में 25 फीसदी तक की कमी को लक्षित किया गया।
मौजूदा सर्वेक्षण में आधारभूत स्तरों की तुलना में दृष्टिहीनता में 47.1 फीसदी, मध्यम गंभीर दृष्टि क्षीणता (एमएसवीआई) में 52.6 फीसदी और दृष्टि क्षीणता (वीआई) में 51.9 फीसदी की कमी देखी गई है।
यह उन अनुमानों से ऊपर है जो विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने 2010 में निर्धारित किए थे। यह दर्शाता है कि भारत ने दृष्टि क्षीणता में 25 फीसदी की कमी का लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल कर लिया है।
एक आंख कमजोर और दूसरी सामान्य होने के पीछे क्या कारण है ?
भारत में अंधता और दृष्टि क्षीणता की वर्तमान स्थिति के बारे में पूर्णतया जानकारी हासिल करने के लिए यह सर्वेक्षण आयोजित किया गया था। इसकी योजना केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा बनाई गई थी।
इसके लिए एम्स के डॉ. राजेंद्र प्रसाद सेंटर फॉर ऑफ्थैल्मिक साइंसेज की जिम्मेदारी थी कि वे फील्ड वर्क, मॉनिटरिंग, एनालिसिस और सर्वे की रिपोर्ट लिखने की योजना बनाएंगे। सर्वेक्षण देश के विभिन्न प्रतिष्ठित नेत्र स्वास्थ्य संस्थानों की साझेदारी में किया गया था।