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Prevention of Blindness Week 2020: आंखों को रखें स्वस्थ, आज से अजमाएं ये 5 जरूरी टिप्स

Dry-Eye

Prevention of Blindness Week 2020: आज लोगों की जैसी लाइफस्टाइल होती जा रही है, उससे उनके आंखों पर भी बुरा असर पड़ता है। कम उम्र में ही आंखें खराब होने की समस्या देखी जाती है। यदि आप नहीं चाहते कि आपकी आंखें कमजोर हो जाएं, तो अपनी आदतों को बदल डालें...

Written by Kishori Mishra |Updated : April 6, 2020 12:10 AM IST

Prevention of Blindness Week 2020: उम्र के साथ हर दूसरे व्यक्ति की आंखें कमजोर हो जाती हैं। इसक वजह से उन्हें आंखों का चश्मा इस्तेमाल करना होता है। आज के समय में छोटे-छोटे बच्चों को चश्मा लगाना पड़ रहा है। आज लोगों की जीवनशैली इतनी खराब होती जा रही है कि कम उम्र में ही आंखों की रोशनी प्रभावित हो जाती है। ऐसे में अपनी आंखों को स्वस्थ रखने के बारे में खुद आपको ही सोचना होगा। इसी बात को ध्यान में रखते हुए हर साल 1 से 7 अप्रैल को 'प्रिवेंशन ऑफ ब्लाइंडनेस वीक 2020' (Prevention of Blindness Week 2020) के रूप में मनाया जाता है।

इस पूरे एक सप्ताह के दौरान आंखों की देखभाल पर खास जोर दिया जाता है। आंखों से जुड़ी समस्या के बचाव पर बल दिया जाता है। अगर आंखों की अच्छी तरह से देखभाल की जाए और नियमित रूप से चेकअप कराया जाए, तो उम्रदराज लोगों की भी आंखें खराब नहीं होंगी।

भारत सरकार द्वारा ब्लाइंडनेस वीक (Prevention of Blindness Week 2020) नेत्रहीनों को जागरूक करने के लिए मनाया जाता है। इस पूरे एक सप्ताह के दौरान कई सरकारी केंद्रों में आंखों की देखभाल के तरीकों के बारे में बताया जाता है। आज हम भी आपको कुछ ऐसे ही टिप्स बता रहे हैं, जिससे आप अपनी आंखों की देखभाल अच्छी तरह से कर सकते हैं।

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खानपान पर  दें विशेष ध्यान

अगर आप सही खानपान लेते हैं, तो आंखों से संबंधित समस्या से दूर रह सकते हैं। पौष्टिक और संतुलित आहार से इंसान काफी समय तक स्वस्थ और लंबा जीवन व्यतीत कर सकता है। आंखों को स्वस्थ रखने के लिए विटामिन ई, ओमेगा -3 फैटी एसिड, विटामिन सी, ल्यूटिन और जिंक जैसे पोषक तत्वों की जरूरत होती है। ये सभी पोषक तत्व आपको हरी पत्तेदार सब्जियां, अंडे, मछली, घी, नट्स, बीन्स और दालों से प्राप्त होगा। इन चीजों को अपने भोजन में अधिक मात्रा में शामिल करें।

धूम्रपान को कहें ना

धूम्रपान करने से शरीर को कई तरह से नुकसान पहुंचता है। धूम्रपान से ना सिर्फ फेफड़ों की समस्या होती है, बल्कि इससे आंखों की रोशनी पर भी बुरा असर पड़ता है। कई रिसर्च में इस बात को साबित किया जा चुका है कि धूम्रपान करने से ड्राईआई, मेक्यूलर डिजनरेसन, आई सिंड्रोम और मोतियाबिंद जैसी समस्याओं के होने का खतरा बढ़ता है। यदि आप धूम्रपान करते हैं, तो आज ही इस को छोड़ दें।

पराबैगनी (UV) किरणों से करें आंखों की रक्षा

जब भी घर से तेज धूप में कहीं जाना हो, तब अपनी आंखों को ढंकें, क्योंकि सूर्य की किरणों में मौजूद हानिकारक पराबैंगनी किरणें आपकी आंखों पर बुरा असर डालती है। इन किरणों से मैक्यूलर डिजनरेसन और मोतियाबिंद होने का खतरा बढ़ जाता है।

लैपटॉप या फोन ज्यादा  चलाएं

ज्यादा समय तक लैपटॉप और फोन की स्क्रीन को देखने से भी आंखों में समस्या होने लगती है। कंप्यूटर और मोबाइल की स्क्रीन को देखने की वजह से नजरें धुंधली होने की संभावना होती है। इसके साथ ही सिरदर्द, कंधा दर्द जैसी समस्या भी होने लगती है। अगर आप लंबे समय तक लैपटॉप पर काम करते हैं, तो इसके लिए अपनी एंटी ग्लेयर स्क्रीन का चश्मा पहनें। इसके साथ ही हर दो घंटे पर 15-15 मिनट का ब्रेक लें।

नियमित रूप से आंखों की कराएं जांच

आंखों में किसी तरह की समस्या महसूस होने पर इसकी नियमित रूप से जांच कराएं। ऐसा करने से आपको आंखों में होने वाली दिक्कत का पता समय से पहले लग सकता है।

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