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सोने-जागने का समय बदलता रहता है तो बीमारियों से बचने के लिए करें यह एक्सरसाइज

व्यायाम व्यस्त दिनचर्या से पैदा होने वाली थकान से निपटने में भी लोगों की मदद कर सकता है। ‘जेट लैग’ अलग अलग समय जोन में यात्रा करने पर व्यक्ति की नींद में आने वाली दिक्कत को कहते हैं।

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Written By: akhilesh dwivedi | Published : February 22, 2019 8:39 PM IST

बदलती जीवनशैली के दौर में लोगों के सोन-जागने का समय कोई निश्चित नहीं रहता है। सोने-जागने में लगातार बदलाव की वजह से इंसान की बॉडी क्लॉक प्रभावित होती है। बॉडी क्लॉक के साथ जेट लैग में भी परिवर्तन होने लगता है।

बॉडी क्लॉक और जेट लैग के प्रभावित होने की वजह से लोगों में कई तरह की बीमारिया होने लगी हैं। डायबिटीज, मोटापा, कैंसर जैसी बीमारियां सोने और जागने के बदलाव की वजह से भी होती हैं। 6 शाकाहारी कीटोजेनिक डाइट फूड जो वजन कम करने में करते हैं मदद।

जेट लैक क्या है ?

what-is-jet-lag जेट लैग क्या है ? ©pixabay

व्यायाम व्यस्त दिनचर्या से पैदा होने वाली थकान से निपटने में भी लोगों की मदद कर सकता है। ‘जेट लैग’ अलग अलग समय जोन में यात्रा करने पर व्यक्ति की नींद में आने वाली दिक्कत को कहते हैं। लहसुन और प्याज आंत के कैंसर से आपको बचा सकते हैं।

बॉडी क्लॉक औ जेट लैक को ठीक करने के लिए क्या करें ?

अमेरिका के कैलीफोर्निया विश्वविद्यालय, सैन डिएगो एवं एरिजोना विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने इस विषय पर अध्ययन के लिए करीब पांच दिन तक 101 प्रतिभागियों में व्यायाम के बाद शरीर की गतिविधियों का परीक्षण किया। दूध का सेवन कैसे आपके मोटापे को कम करता है ?

क्या कहता है नया शोध ?

‘द जर्नल ऑफ फिजियोलॉजी’ में प्रकाशित अध्ययन में पता चला कि सुबह सात बजे या दिन में एक से चार बजे के बीच व्यायाम ‘बॉडी क्लॉक’ को थोड़ा पहले कर देता है जबकि शाम सात बजे से रात दस बजे के बीच व्यायाम ‘बॉडी क्लॉक’ को आगे बढ़ा देता है। दिमाग को बढ़ती उम्र में भी बेहतर रखना है तो करें सिर्फ एक काम।

एरिजोना विश्वविद्यालय के शॉन यंगस्टेट ने कहा कि ‘बॉडी क्लॉक’ पर व्यायाम के प्रभाव की तुलना करने वाला यह पहला अध्ययन है और यह अध्ययन ‘जेट लैग’ और अलग अलग पाली में काम करने के नकारात्मक प्रभावों को कम करने में मदद हेतु व्यायाम के इस्तेमाल की संभावना बता सकता है। बॉडी क्लॉक बिगड़ने से बढ़ जाता है डिप्रेशन का खतरा।