Add The Health Site as a
Preferred Source
Add The Health Site as a Preferred Source

Tinnitus Overview : जानें कान से जुड़ी समस्या टाइनाइटस के कारण, लक्षण

टाइनाइटस में मरीज एक या दोनों कानों में हमेशा शोर या घंटी या फिर भन्न-भन्न की आवाज सुनता है, जिसकी वजह कान के अंदर की कोशिका का क्षतिग्रस्त होना है। मरीज को ये आवाजें लगातार या फिर रुक-रुक कर सताती हैं। वाहन आदि के शोर के अलावा सिर में चोट लगने, दवाइयों के साइड इफेक्ट, कान में वैक्स जमा होने और संक्रमण की वजह से भी टाइनाइटस हो सकता है।

Tinnitus Overview : जानें कान से जुड़ी समस्या टाइनाइटस के कारण, लक्षण
कान की समस्या टाइनाइटस के बारे में जानें। © Shutterstock.

Written by Anshumala |Published : July 18, 2019 6:15 PM IST

आज ध्वनि प्रदूषण काफी बढ़ता जा रहा है। कुछ ध्वनि प्रदूषण जैसे टीवी, रेडियो, ईयरफोन/हेडफोन कान में लगाकर म्यूजिक सुनना आदि चीजों से भी उत्पन्न होता है। इस वजह से ये सुनने का संकट पैदा

कर सकती हैं। वाहनों और कल-कारखानों के लगातार शोर से कान की कई समस्याएं बढ़ रही हैं। इनमें सबसे आम समस्या टाइनाइटस (Tinnitus Overview in hindi) की है। पूरी दुनिया के 360 मिलियन लोग यानी कि 5 में 1 लोग इसके शिकार हैं। हियरिंग हेल्थ फाउंडेशन की रिपोर्ट देखें तो 2035 तक 15.6 मिलियन लोगों के समस्याग्रस्त होने का खतरा है। लिहाजा इसके उपचार पर बिना देर किए अधिक ध्यान देना होगा।

क्या है टाइनाइटस (Tinnitus Overview in hindi)?

टाइनाइटस में मरीज एक या दोनों कानों में हमेशा शोर या घंटी या फिर भन्न-भन्न की आवाज सुनता है, जिसकी वजह कान के अंदर की कोशिका का क्षतिग्रस्त होना है। मरीज को ये आवाजें लगातार या फिर रुक-रुक कर सताती हैं। वाहन आदि के शोर के अलावा सिर में चोट लगने, दवाइयों के साइड इफेक्ट, कान में वैक्स जमा होने और संक्रमण की वजह से भी टाइनाइटस हो सकता है। मनुष्य के कान 60-70 डेसीबेल की आवाज सहज सुनते हैं। अब शादी के बैंड या फिर आतिशबाजी के पटाखे का सोचिए, जो 140-160 डेसीबल तक आवाज करते हैं। यदि आप कल-कारखानों के नजदीक रहते हैं तो लगातार तेज आवाज सुनने से कान खराब होने का खतरा बढ़ जाता है। पर, यह समस्या चूंकि धीमी गति से आती है इसलिए समझते-समझते देर हो जाती है। नतीजा, लोग सुनने की क्षमता खो बैठते हैं।

Also Read

More News

ये हैं कान दर्द को दूर करने के रामबाण उपचार, जरूर आजमाएं

बढ़ रही है टाइनाइटस की समस्या

टाइनाइटस की समस्या लगातार बढ़ रही है। आज हम सभी के लिए टाइनाइटस को समझना जरूरी है वरना इसकी अनदेखी से आप सुनने की क्षमता खो सकते हैं। टाइनाइटस में आप आसपास आवाज नहीं होने के बावजूद आवाज सुनते हैं। यह घंटी, ‘हिस्स’ या फिर दहाड़ की आवाज भी हो सकती है। आवाज अस्पष्ट या फिर संगीत की भी हो सकती है। यह समस्या एक या दोनों कानों में हो सकती है। इससे परेशान मरीज डिप्रेशन में जा सकता है। उसकी याददाश्त कमजोर पड़ सकती है। हालांकि, टाइनाइटस अपने-आप में बीमारी नहीं है, बल्कि एक लक्षण है, जिसके कई कारण हैं।

Add The HealthSite as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source

क्या हैं टाइनाइटस के इलाज

डॉ. सोनिया गुप्ता और प्रशांत गोयल ने डॉ. स्पेक्ट्रा (नई दिल्ली) की शुरुआत की जो आज भारत में अपने क्षेत्र का सबसे तेज विकसित संगठनों में एक है। उन्होंने कई डिवाइस डिजाइन किए हैं, जैसे टाइनाइटसरिलीफ, स्पीचीफाई और स्पीकफ्लूएंट। टाइनाइटस की रोकथाम के लिए डिवाइस थेरेपी का इस्तेमाल होता है, जो टाइनाइटस की आवाज पैदा करने वाले न्यूरॉन्स पर असर करते हैं। मेडिकेटेड ईयरफोन की मदद से दिन में 2 से 3 बार लगभग 20 से 40 मिनट के लिए थेरेपी की जाती है। न्यूरोमाड्यूलेशन थेरेपी मरीज की उम्र के हिसाब से निर्धारित की जाती है। इससे तुरंत राहत मिलती है, पर जरूरी यह है कि यह उपचार योग्यता प्राप्त विशेषज्ञ की देख-रेख में हो, जो 90 प्रतिशत सफलता का भरोसा देता है।

About the Author

... Read More