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इन 3 चीजों का कॉकटेल बढ़ा रहा लोगों में ब्लैक फंगस का खतरा, IMA अधिकारी ने बताया रोगी कैसे बचाएं अपनी जान

Causes behind Black Fungus in hindi : हेल्थ एक्सपर्ट की मानें तो कोरोनोवायरस पॉजिटिव रोगियों द्वारा स्टेरॉयड का अत्यधिक सेवन और अनकंट्रोल्ड डायबिटीज के साथ ये 3 कारण अधिक जिम्मेदार हैं।

इन 3 चीजों का कॉकटेल बढ़ा रहा लोगों में ब्लैक फंगस का खतरा, IMA अधिकारी ने बताया रोगी कैसे बचाएं अपनी जान
इन 3 चीजों का कॉकटेल बढ़ रहा लोगों में ब्लैक फंगस का खतरा, IMA अधिकारी ने बताया रोगी कैसे बचाएं अपनी जान

Written by Jitendra Gupta |Updated : May 27, 2021 3:52 PM IST

Causes behind Black Fungus in hindi : देश में लगातार बढ़ते कोरोना के मामलों का कहर अभी थमा भी नहीं था कि घातक फंगल इंफेक्शन, जिसे म्यूकोर्मिकोसिस या ब्लैक फंगस नाम से भी जाना जा रहा है, एक नई स्वास्थ्य चुनौती लेकर आया है। देश के अलग-अलग राज्यों से अब तक ब्लैक फंगस के 11,000 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं, जिसके कारण कई राज्य सरकार इस बीमारी को महामारी भी घोषित कर चुकी हैं। हेल्थ एक्सपर्ट की मानें तो इस फंगल संक्रमण का सबसे बड़ा कारण कोरोनोवायरस पॉजिटिव रोगियों द्वारा स्टेरॉयड का अत्यधिक सेवन और अनकंट्रोल्ड डायबिटीज से जोड़कर बताया है। अब एक्सपर्ट इस बात का दावा कर रहे हैं कि कोविड -19 संक्रमण के इलाज में जिंक के अंधाधुंध प्रयोग भी ब्लैक फंगस से जुड़ा हो सकता है।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के पूर्व अध्यक्ष, डॉ राजीव जयदेवन ने अपने ट्विटर हैंडल पर ब्लैक फंगस के दौरान कोरोनावायरस रोगियों के इलाज में भाप का अधिक उपयोग, जिंक का अधिक सेवन और साथ में कई सारी एंटीबायोटिक दवाओं की भूमिका पर ध्यान देने पर जोर दिया। जयदेवन ने महात्मा गांधी मेमोरियल गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, इंदौर के एचओडी डॉ वीपी पांडे द्वारा 4 अस्पतालों में 210 कोरोना पॉजिटिव रोगियों पर हुए एक अध्ययन का हवाला दिया और बताया कि कैसे ये तीन कारक फंगस को बढ़ाने में मदद करते हैं।

अपने ट्वीट में उन्होंने जिक्र किया है ढेर सारी एंटीबायोटिक दवाओं जैसे एजिथ्रोमाइसिन, डॉक्सीसाइक्लिन और कार्बापेनम, फंगल संक्रमण के खतरे को बढ़ा सकती हैं। उन्होंने कहा कि जिंक के ज्यादा सेवन से फंगस बढ़ती है और संक्रमण से बचने के लिए जिंक के सेवन से दूर रहने की सलाह दी जाती है।

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COVID-19 की दवा और ब्लैक फंगस

देश में लगभग 80 प्रतिशत कोरोना वायरस के मामले में रोगियों को पेरासिटामोल के साथ पांच से सात अन्य सप्लीमेंट और एंटीबायोटिक दवाएं लेने की सलाह दी जा रही हैं। इसके अलावा उन्हें दिन में 2-3 बार भाप लेने की सलाह भी दी जाती है। बता दें कि फिलहाल कोरोना के इलाज के लिए कोई विशेष दवा उपलब्ध नहीं है इसलिए मरीजों को वायरस से बचने के लिए एंटीबायोटिक दवाओं के कॉम्बिनेशन को लेने की सलाह दी जाती है।

कोरोना के इलाज में क्यों जरूरी बताया जा रहा है जिंक

इम्यूनिटी को बढ़ाने और जल्दी ठीक होने के लिए जिंक सप्लीमेंट लेने की सलाह दी जाती है। दरअसल जिंक, शरीर में 300 से अधिक एंजाइम को सक्रिय रखने में मदद करता है, जो इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने सहित विभिन्न कार्यों का समर्थन करते हैं। कई अध्ययन इस बात की ओर इशारा कर रहे हैं कि जिंक, फंगस के विकास कारक में मुख्य रूप से काम करता है। अध्ययनों से यह भी सामने आया है कि जिंक को हटा देने से फंगस का जीवित रहना बहुत मुश्किल हो सकता है।

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भाप और कोरोनावायरस

COVID से लड़ने के लिए भाप लेना एक प्रचलित तकनीक है, जो कि ऊपरी श्वसन पथ में बलगम से राहत पाने के लिए काफी उपयोगी है। हालांकि एक्सपर्ट दावा कर रहे हैं कि भाप लेने से निमोनिया या फेफड़ों की किसी भी स्थिति में मदद नहीं मिलती है।

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