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Written By: Yogita Yadav | Updated : August 31, 2019 1:51 PM IST
टीनएज में लड़के और लड़कियां अपने लुक के प्रति बहुत ज्यादा संवेदनशील हो जाते हैं, पर हाल ही में हुए एक शोध में यह बात सामने आई है कि चेहरे पर पिंपल हो जाने भर से कुछ लोगों में अवसाद का खतरा बढ़ जाता है। © Shutterstock
हम सभी अपने लुक (Pimple causes depression) को लेकर थोड़े-बहुत कॉन्शियस होते ही हैं। कई बार दूसरों से बेहतर भी दिखना चाहते हैं। पर हाल ही में हुए शोध में एक नया चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। इसमें दावा किया गया है कि चेहरे पर मुंहासे (Pimple causes depression) हो जाने से अवसाद का जोखिम 63 फीसदी तक बढ़ जाता है। अगर वाकई ऐसा है तो डॉक्टरों को अपने मरीजों के साथ और सजगता से पेश आना होगा।
एक शोध से पता चला है कि वैसे लोग जिनके चेहरे पर मुंहासे होते हैं उनमें डिप्रेशन के विकसित होने का खतरा काफी बढ़ जाता है। इसलिए यह जरूरी है कि स्किन के डॉक्टर मुंहासे के रोगियों में समय-समय पर डिप्रेशन के लक्षणों की भी जांच करें।
लुक यानी शारीरिक छवि का तात्पर्य होता है हम अपने शरीर को किस तरह देखना चाहते हैं। टीनएज में यह भी एक बड़ी समस्या होती है। स्वयं को परिभाषित करने में इसकी अहम भूमिका रहती है और इसका सीधा असर आत्म-मूल्यांकन और आत्मविश्वास (Pimple causes depression) पर पड़ता है। जो अपने शरीर को लेकर सन्तुष्ट रहते हैं और अपने आत्म-मूल्यांकन से आश्वस्त होते हैं, उनकी शारीरिक छवि सकारात्मक होती है। दूसरी ओर, जिन्हें लगता है कि वे अच्छे नहीं दिखते हैं या मानते हैं कि उन्हें अपने चहरे या विचारों को बदलने की जरूरत है, उनकी शारीरिक छवि नकारात्मक होती है।
लुक के प्रति वे क्या सोचते हैं (Pimple causes depression) और कैसे दिखना चाहते हैं, इस पर भी बहुत सी चीजों का प्रभाव होता है। कई पहलू होते है जिनपर यह निर्भर करता है कि एक किशोर या किशोरी अपने शरीर के बारे में क्या सोच रखता या रखती है – पारिवारिक परिवेश, टीवी और सिनेमा, विज्ञापन और मौजूदा फैशन का रूझान इनमें से कुछ कारण है।
आज के युग में सोशल मीडिया भी किशोरों के जीवन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वे अपनी फोटो पर दोस्तों से 'लाईक’ के माध्यम से मान्यता प्राप्त करने की कोशिश (Pimple causes depression) में लगे रहते हैं। कुछ अनुभव जिनकी वजह से किशोरावस्था में नकारात्मक शारीरिक छवि की समस्या उत्पन्न होती है।
डिप्रेशन जैसी समस्याओं से ग्रसित होने का खतरा मुंहासों (Pimple causes depression) के पता चलने के बाद पहले 5 वर्षों तक ही रहता है। ब्रिटिश जर्नल ऑफ डर्मेटोलॉजी ने यूके के एक बड़े प्राथमिक देखभाल डेटाबेस द हेल्थ इंप्रूवमेंट नेटवर्क (टीएचआईएन) के 1986 से 2012 तक के आंकड़ों का विश्लेषण किया।
इसलिए टीनएज में यह जरूरी है कि मानसिक स्वास्थ्य (Pimple causes depression) पर भी ध्यान रखा जाए। पेरेंट्स के साथ-साथ यह उन डॉक्टरों की भी जिम्मेदारी है कि वे युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर भी ध्यान दें। खासतौर से स्किन के डॉक्टर। जो स्किन के डॉक्टर पिंपल्स का इलाज करते हुए यह भी देखें कि मरीज को किसी तरह की काउंसलिंग या मनोवैज्ञानिक उपचार की आवश्यकता तो नहीं है।
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