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Written By: Yogita Yadav | Updated : September 28, 2019 7:48 PM IST
हार्ट अटैक के बाद भी आप स्वस्थ और लंबा जीवन जी सकते हैं। बस जरूरत है कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखने की। © Shutterstock
हार्ट अटैक या हार्ट स्ट्रोक एक गंभीर स्थिति है। जिसके बाद कई तरह की जटिलताएं शुरू हो जाती हैं। पर इसका यह अर्थ नहीं है कि आपकी जिंदगी के प्रति ही निराश हो जाएं। हार्ट अटैक के बाद भी आप स्वस्थ और लंबा जीवन जी सकते हैं। बस जरूरत है कुछ जरूरी बातों का ध्यान (Healthy heart tips) रखने की। खासतौर से लाइफस्टाइल और डाइट के संदर्भ में आपको बिल्कुल भी लापरवाही नहीं करनी है।
29 सितंबर को दुनिया भर में विश्व हृदय दिवस (World heart day) मनाया जा रहा है। इस खास दिन को मनाए जाने के पीछे यही कोशिश है कि आप अपने दिल के स्वास्थ्य के प्रति जागरुक बनें। दुनिया भर में हर वर्ष दो करोड़ से ज्यादा मौतें हार्ट फैलियर के कारण ही होती हैं। इनमें बड़ी संख्या सर्दियों के मौसम में होने वाले हार्ट अटैक की होती है।
हृदय स्वास्थ्य के लिए आगे आने वाला मौसम यानी सर्दियों का मौसम ज्यादा खतरनाक होता है। इस मौसम में सबसे ज्यादा हृदय समस्याओं के मामले सामने आते हैं। इसकी वजह है बढ़ती ठंड में हार्ट की पंपिंग में बाधा उत्पन्न होना। इसलिए इस मौसम में हृदय स्वास्थ्य का सबसे ज्यादा ख्याल रखने की जरूरत होती है। जरा सी सावधानी बरतें तो हार्ट अटैक के बाद भी आप हेल्दी और लंबी उम्र जी सकते हैं।
हार्ट के साथ यह खास बात है कि ज्यादा ठंड होने पर इसके फंक्शन में बाधा पहुंचती है। यही वजह है कि ज्यादातर हार्ट स्ट्रोक और हार्ट अटैक के मामले सर्दियों में या उंचाई वाले स्थानों पर होते हैं। अगर आपको एक बार हार्ट स्ट्रोक आ चुका है तो आपके लिए इस बात का ध्यान रखना और भी ज्यादा जरूरी हो जाता है। सर्दियों में धूप में बैठने का समय निकालें। गर्म पानी की बॉटल आदि से खुद को गर्म रखें।
विटामिन डी हमारे शरीर के स्वस्थ संचालन में मददगार है। इसकी कमी होने पर कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। हार्ट हेल्थ भी इनमें से एक है। इसलिए इस बात का ध्यान रखें कि आप में विटामिन डी की कमी न होने पाए। धूप में बैठने का पर्याप्त समय निकालें। फिर भी जांच करवाते रहें। अगर जांच में शरीर में विटामिन डी की कमी आए तो सप्लीमेंट लेने में देर न करें।
हार्ट स्ट्रोक के बाद आपको अपनी डाइट पर बहुत ध्यान रखना है। एम्स में एक ऐसा प्रभाग बनाया गया है जहां हार्ट स्ट्रोक से गुजर चुके मरीजों को हेल्दी डाइट के बारे में जानकारी दी जाती है। कई अन्य प्राइवेट क्लिनिक में भी यह सुविधा उपलब्ध है। इस बारे में आपका डॉक्टर भी आपको गाइड कर सकता है कि आपको अपने आहार में फैट की मात्रा को कितना नियंत्रित रखना है।
यह सभी के लिए जरूरी है, कि वे तनाव न लें। पर जिन लोगों को हृदय संबंधी समस्याएं हैं, उनके लिए तो यह और भी ज्यादा जरूरी है कि वे खुद को तनाव से दूर रखें। उन लोगों और उन हालात से बचने की कोशिश करें, जिनके कारण तनाव बढ़ जाता है। तनाव के कारण धमनियों में प्लाक जमने शुरू हो जाते हैं, जो हार्ट तक ब्लड और ऑक्सीजन के बढ़ने को रोकते हैं।
आपकी डाइट में नमक एक ऐसी चीज है जो अब आपको बहुत सीमित कर देनी है। नमक हाइपरटेंशन को बढ़ाने वाला तत्व है। जिसकी वजह से हार्ट हेल्थ के लिए समस्या खड़ी हो सकती है। इसलिए अब आपको बहुत सीमित मात्रा में नमक का सेवन करना है। दही, सलाद आदि ये ऐसी चीजें हैं जिनमें नमक डालना बंद कर दें तो काफी कंट्रोल हो सकता है।