प्रेगनेंसी ही नहीं इन 5 कारणों से भी रुक जाते हैं पीरियड्स, जानिए पीरियड्स नहीं आने के कारण

Periods na aane ke karan: प्रेगनेंसी का पहला लक्षण पीरियड्स मिस होना है। लेकिन, अन्य कई कारणों से भी पीरियड्स मिस हो सकता है।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : February 25, 2025 5:44 PM IST

Missed Periods Causes Other Than Pregnancy:  पीरियड्स या माहवारी महिलाओं के जीवन का एक हिस्सा है और फर्टाइल एज (Fertile Age) या प्रजनन की उम्र (20-45 साल की उम्र) की महिलाओं में हर महीने पीरियड्स आते हैं। आमतौर पर पीरियड्स खत्म होने के 28-45 दिनों के बाद अगली बार पीरियड्स आ सकते हैं। लेकिन, कुछ महिलाओं को पीरियड्स समय पर ना आने जैसी समस्याएं भी होती हैं। इसे मेडिकली इर्रेग्यूलर पीरियड्स या अनियमित पीरियड्स की स्थिति कहा जाता है। समय पर पीरियड्स ना आना या पीरियड्स मिस होना (Missing periods) इन दिनों महिलाओं और लड़कियों में एक कॉमन-सी समस्या हो चली है और इसकी वजह है उनकी लाइफस्टाइल और डाइट से जुड़ी आदतें।

पीरियड्स मिस होना प्रेगनेंसी का सबसे पहला लक्षण (first sign of pregnancy) होता है। लेकिन, कई बार महिलाओं के पीरियड्स अन्य कई कारणों से भी मिस हो जाते हैं। आइए जानें, पीरियड्स मिस होने के कारण (reasons and causes of missed periods) क्या हैं और इनसे बचाव के उपाय क्या है।

पीरियड्स मिस होने के कारण - Periods miss hone ke karan

आमतौर पर पीरियड्स 3-4 दिन लेट हो सकते हैं लेकिन, अगर इससे अधिक समय तक पीरियड्स आने में देर हो तो यह असामान्य हो सकती है। आइए जानें पीरियड्स देर से आने (Reasons of late periods) के पीछे कौन-सी स्थितियां कारण बन सकती हैं-

तनाव से बदल सकता है पीरियड्स का साइकल (Missed period causes- Stress)

स्ट्रेस की वजह से भी पीरियड्स (stress effects of periods) मिस हो सकते हैं। जब आप फिजिकली और मेंटली बहुत अधिक तनाव महसूस करते हैं तो इससे आपके पीरियड्स पर भी असर पड़ सकता है।

दवाओं के साइड-इफेक्ट्स (Missed period causes- Side effects of medicines)

कुछ स्टडीज के अनुसार डिप्रेशन और एंटी-स्ट्रेस दवाओं का सेवन करने वालों में इसके साइड-इफेक्ट्स दिखायी दे सकते हैं। इन दवाओं की वजह से पीरियड्स मिस होने की समस्याहो सकती है।

पीसीओएस की बीमारी (Missed period causes- PCOS)

महिलाओं में पीरियड्स अनियमित होने का एक बड़ा कारण पीसीओएस (Polycystic Ovary Syndrome) भी है। पीसीओएस की बीमारी में महिलाओं के प्रजनन तंत्र पर असर पड़ता है और उन्हें पीरियड्स से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। पीसीओएस में हेवी ब्लीडिंग (Heavy bleeding during periods), पीरियड्स समय पर ना आना, वजन बढ़ने (Sudden weight gain) और बहुत कम ब्लीडिंग  जैसी परेशानियां भी हो सकती हैं। पीसीओएस से राहत के लिए आपको डॉक्टरी मदद के साथ-साथ, दवाओं, डाइट और नियमित एक्सरसाइज जैसे उपाय करने पड़ सकते हैं।

इसके अलावा, बुखार, डायबिटीज (Diabetes) जैसी क्रोनिक बीमारियों या हाइपरएक्टिव थायरॉइड जैसी स्थितियों में भी महिलाओं को पीरियड्स न आने की समस्या हो सकती है।

Disclaimer : प्र‍िय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्‍य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसल‍िए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए ज‍िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।