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2025 Mai Konsi Bimari Faili: साल 2025 का आखिरी महीना शुरु हो गया है और यह भी निकल जाएगा, लेकिन अच्छे के साथ कुछ बुरी यादों के साथ। 2025 में कई ऐसी बीमारियों थी जिन्होंने सभी को दहला दिया और जानें भी लीं। वह लोग जिन्होंने अपनों को खोया, उनके लिए यह साल बहुत बुरा गुजरा है। खासकर कोविड के बाद आने वाली हर बीमारी हमें डालकर रख देती हैं, क्योंकि उस दौरान 47 लाख लोगों की मौत हुई थी, और यह आंकड़े विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की रिपोर्ट पर आधारित हैं।
ऐसी ही कुछ बीमारियां 2025 में भी देखने को मिलीं, जिन्होंने विदेश सहित भारत के कई हिस्सों में हाहाकार मचाया और कई लोगों की भी जान ली। आज हम आपको इस लेख में 5 ऐसी बीमारियों के बारे में बताने वाले हैं जो 2025 में फैली व बहुत चर्चित रहीं। हम आपको इनके लक्षण के बारे में भी बताएंगे ताकि आप अपनी व अपने परिवार की सुरक्षा कर पाएं।
CDC की रिपोर्टके अनुसार भारत में 2025 में 2 लोगों की मौत हुई, जिसमें एक बच्चा और एक वयस्क व्यक्ति था। उनमें इन्फ्लूएंजा ए (H5N1) वायरस से होने वाले दो घातक संक्रमणों की सूचना मिली। भले ही इससे मौतें कम हुईं, लेकिन इसके लक्षण इतने आम थे कि हर किसी को डर था कि कहीं उन्हें भी H5N1 वायरस तो नहीं हो गया।
आइए आपको वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के अनुसार बताए इस वायरस के लक्षणों के बारे में बताते हैं
भारत सहित कई देशों में एम-पॉक्स के कई मामले दिखे और जब WHO ने कहा कि एम-पॉक्स कई देशों में फैल रहा है और इस जानलेवा वायरस ने 14 सितंबर से 19 अक्टूबर तक यानी कि छह हफ्तों में अफ्रीका में 17 लोगों की जान ले ली है। 2023 में ही WHO ने दुनिया भर में Mpox संक्रमण के 85,000 से अधिक मामलों और 1,000 से अधिक मौतों की सूचना दी थी। वैसे तो भारत में एम-पॉक्स का पहला केस 2022 में सामने आया था, इसके बाद लगातार मरीजों के आंकड़े बढ़ रहे थे। डरने की बात इसलिए कम थी क्योंकि यह अन्य देशों की तुलना में कम थे।
निपाह वायरस मुख्य रूप से चमगादड़ और फल खाने से फैलने वाला वायरस है, लेकिन यह अन्य जानवरों से भी फैल सकता है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के अनुसार'NiV संक्रमण एक चमगादड़ जनित जूनोटिक रोग है जो संक्रमित जानवरों (जैसे चमगादड़ या सूअर) या संक्रमित जानवरों के लार, मूत्र और मल से दूषित भोजन के माध्यम से मनुष्यों में फैलता है। यह संक्रमित व्यक्ति के निकट संपर्क के माध्यम से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भी सीधे फैल सकता है। फल चमगादड़ या उड़ने वाली लोमड़ी (प्टेरोपस प्रजाति) इस वायरस के प्राकृतिक मेजबान हैं।'
निपाह वायरस होने पर-
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार साल 2025 में डेंगू से दो मौतें हुई और 1136 मामले सामने आए। बता दें कि डेंगू मच्छरों से होने वाली बीमारी है, जिसमें ऐसा बुखार होता है व्यक्ति का पूरा बदन टूट जाता है। यह फैलने वाली बीमारी नहीं है, बल्कि एडीज इजिप्टी मच्छर से फैलती है। आइए अब हम आपको डेंगू में दिखने वाले लक्षणों के बारे में बताते हैं।
डेंगू में भी तेज और लगातार बना रहने वाला बुखार, सिरदर्द, जोड़ों व मांसपेशियों में दर्द, चकत्ते और थकान महसूस होती है। ये आम से दिखने वाले लक्षण अगर 3-4 दिन से दिख रहे हैं तो एक बार डॉक्टर के पास जाएं डेंगू का टेस्ट जरूर करवाएं।
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
H3N2 एक इन्फ्लूएंजा A वायरस का स्ट्रेन है, जो मौसमी फ्लू का कारण बनता है।
मंकीपॉक्स से बचाव करने के लिए संक्रमित व्यक्ति व जानवर से दूर रहें, हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं। इस बीमारी के प्रकोप वाले क्षेत्रों में ट्रैवल न करें।
मंकीपॉक्स एक जूनोटिक बीमारी है और इसलिए यह किसी संक्रमित जानवर के संपर्क में आने से और साथ ही संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से भी फैल सकता है।
डेंगू बुखार का सबसे पहला संकेत तेज बुखार है। डेंगू होने पर व्यक्ति को 104°F तक बुखार हो सकता है। इसके अलावा, सिरदर्र और मांसपेशियों में दर्द भी हो सकता है।