
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Written By: Mishra Kishori | Updated : December 2, 2024 11:49 AM IST
Year Ender 2024
Year Ender 2024 : साल 2024 का आखिरी महीना चल रहा है। ऐसे में इस महीने हर किसी की नजर सालभर हुए एक्विटिज पर काफी रहेगी। आखिर इस साल क्या हुआ और आगे का साल कैसा होगा, इसे लेकर कई लोग विचार भी कर रहे होंगे। हम आपको आगे का तो कुछ बता नहीं सकते, लेकिन इस साल यानि 2024 में हेल्थ में क्या-क्या सर्च में रहा और किन-किन बीमारियों ने अपने पैर फैलाए, इस बारे में जरूर बता सकते हैं। इस लेख में हम आपको कुछ ऐसी नई बीमारियों के बारे में बताएंगे, जिन्होंने पूरे साल लोगों को काफी ज्यादा परेशान किया। 2024 में कुछ नई-नई और पुरानी बीमारियों ने नया रूप लेकर लोगों को काफी ज्यादा परेशान किया, जिसे लेकर लोगों में काफी ज्यादा डर भी रहा। इन बीमारियों में निपाह वायरस, जीका, क्रीमियन-कांगो ब्लीडिंग बुखार और क्यासनूर वन जैसी बीमारियों का प्रकोप रहा। आइए जानते हैं इन नई बीमारियों के बारे में-
यह वायरस लोगों के बीच काफी ज्यादा नया वायरस है, मुख्य रूप से इस वायरस का प्रकोप गुजरात, राजस्थान, केरल और उत्तर प्रदेश में काफी ज्यादा फैला। सीसीएचएफ एक टिक-जनित वायरस के कारण होने वाली बीमारी है और इसे विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा 'प्राथमिकता वाली बीमारी' के रूप में बांटा गया है। इस वायरस की मृत्यु दर 40% तक है और वर्तमान में इसका कोई टीका नहीं है। ऐसे में इस वायरस को लेकर भी लोगों में काफी ज्यादा डर फैला।
साल 2024 में जापानी इंसेफेलाइटिस ने भी भारत में दस्तक दी। यह पीत ज्वर और वेस्ट नाइल वायरस से संबंधित एक फ्लेविवायरस है और यह मच्छरों (मुख्य रूप से से क्यूलेक्स ट्राइटेनियोरिंचस ) द्वारा फैलने वाला वायरस है। इसके अधिकांश मामले 15 वर्ष से कम आयु के बच्चों में सामने आते हैं। भारत के कुछ राज्य जैसे- उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, बिहार में इसके मामले सामने आए हैं।
साल 2024 में यह भारत में एक उभरता हुआ वायरस है, जिसके ज्यादातर मामले दक्षिणी भारत में देखे गए हैं। लोगों में टिक के काटने या संक्रमित पशुओं के संपर्क में आने से यह वायरस फैलता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, 2024 में चांदीपुरा वायरस का प्रकोप पिछले 20 वर्षों में सबसे बड़ा प्रकोप होगा। जून की शुरुआत से 15 अगस्त के बीच, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने तीव्र इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (AES) के 245 मामलों की सूचना दी, जिसके परिणामस्वरूप 82 मौतें हुईं, यानी मृत्यु दर 33% रही। इनमें से 64 मामलों की पुष्टि चांदीपुरा वायरस संक्रमण के रूप में हुई, जिससे यह पिछले दो दशकों में सबसे बड़ा प्रकोप बन गया।
निपाह वायरस भले ही सुनने में काफी पुराना हो, लेकिन 2024 में भारत के कई लोग इससे प्रभावित हुए। बता दें कि यह एक जूनोटिक पैरामाइक्सोवायरस, जो दक्षिण-पूर्व एशिया में स्थानिक है। इसका भारत में पहला केस मई 2018 में सामने आया है, जिसमें केरल का एक व्यक्ति प्रभावित हुआ था। मुख्य रूप से यह वायरस चमगादड़ या सूअरों के द्वारा फैलता है। 2024 में भारत के कई इलाकों में इसके मामले सामने आए हैं।
2024 में महाराष्ट्र के अलावा देश के कई हिस्सों में जीका वायरस का प्रकोप देखने को मिला। जी यह एडीज एजिप्टी द्वारा फैलने वाली बीमारी है। 2024 में इस वायरस की वजह से काफी लोग चपेट में आए। हालांकि, भारत में पहला प्रकोप जुलाई 2021 में केरल में हुआ था।
Disclaimer : प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।