Benefits of Writing in Hindi : लिखेंगे तो बूस्ट होगी इम्यूनिटी, तनाव होगा कम, जानें लिखने के अन्य फायदे

एक शोध के अनुसार, लिखने से भावनात्मक सेहत में सुधार आता है। इम्यून सिस्टम बूस्ट होती है। जानें, लिखने के अन्य सेहत लाभ क्या हैं।

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Written By: Anshumala | Published : February 22, 2020 6:07 PM IST

आजकल ऑफिस का वर्क कल्चर ऐसा हो गया है कि उसमें आपको लिखने (writing) के लिए पेपर-पेन की जरूरत ही नहीं पड़ती है। सारा काम लैपटॉप, डेस्कटॉप पर हो जाता है। ऐसे में अधिकतर लोगों की ना सिर्फ लिखने की आदत छूट जाती है, बल्कि हैंड राइटिंग भी बहुत खराब हो जाती है। यदि आप पेपर पर नहीं लिखते हैं, तो आज से ही लिखना शुरू कर दें, क्योंकि पेपर पर लिखना सेहत के लिए काफी हेल्दी होता है। लिखने को एक कला माना गया है, इससे आप स्मार्ट बनते हैं। हालांकि, एक अध्ययन की मानें, तो जो लोग नहीं लिखते हैं, उनमें तनाव और चिंता बढ़ सकता है। जानें, लिखना सेहत के लिए किस तरह से है हेल्दी यानी फायदेमंद (writing health benefits in hindi)...

लिखने के होते हैं कई फायदे (Health benefits of writing)

1 एक शोध के अनुसार, लिखने से भावनात्मक सेहत में सुधार आता है। इम्यून सिस्टम बूस्ट होती है।

2 जब बच्चे पेपर पर लिखकर पढ़ाई करते हैं, तो उन्हें चीजें जल्दी समझ आती हैं। लिखने से मस्तिष्क में सारी बातें अच्छी तरह से बैठ जाती हैं। जब आप कंप्यूटर पर काम करते हैं, तो कोई भी चीज जल्दी नहीं सीख व समझ पाते हैं। ऐसा इसलिए, क्योंकि हाथों से लिखने के दौरान कई तरह की ज्ञानेन्द्रियां काम करती हैं। हाथ से लिखने पर मस्तिष्क मांसपेशियों और उंगलियों के पोरों से प्रतिक्रिया हासिल करता है।

3 जब भी आपके दिमाग या मन में कोई विचलित करने वाले ख्याल या अनुभव आते हैं, तो इन सभी बातों को साथ ही अपनी समस्याओं को पेपर पर लिख दें। इससे इम्यून सिस्टम मजबूत होती है। शरीर के जख्म भी जल्दी भरने लगते हैं।

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4 हाथों से जब आप पेपर पर लिखते हैं, तो फील गुड हार्मोन का निर्माण होता है। आपको अधिक खुशी महसूस होती है, मानसिक शांति और सुकून का अहसास होता है। लिखने से विचारों को आसानी से व्यक्त कर पाते हैं। लिखने से आप अपनी सोचने की प्रक्रिया को आसानी से जाहिर कर सकते हैं।

5 लिखते समय आप हर तरह के अनुभवों को लिख सकते हैं जैसे अच्छे-बुरे। जब कोई अच्छी बात लिखते हैं, तो फील गुड हार्मोन एन्डॉर्फिन रिलीज होता है। बुरे अनुभवों को लिखते हैं, तो तनाव का स्तर कम होता है।

6 लिखने से सीखने की क्षमता बढ़ती है। लिखने की प्रक्रिया आपके दिमाग के उन हिस्सों को प्रोत्साहित करती है, जिससे क्रिएटिविटी बढ़ती है। आप जितना अधिक पेपर पर लिखेंगे, दिमाग की एक्सरसाइज होगी और आप अधिक रचनात्मक बनेंगे।

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