World Tuberculosis Day 2020: टी.बी का कैसे करें रोकथाम, जानें इसके उपचार

World Tuberculosis Day 2020: आज पूरी दुनिया में विश्व क्षय रोग दिवस (World Tuberculosis Day) मनाया जा रहा है। यह एक जानलेवा बीमारी है, जो भारत में काफी मात्रा में फैल रही है।

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Written By: Kishori Mishra | Published : March 24, 2020 1:24 PM IST

World Tuberculosis Day 2020: आज पूरी दुनिया में विश्व क्षय रोग दिवस (World Tuberculosis Day) मनाया जा रहा है। यह एक जानलेवा बीमारी है, जो भारत में काफी मात्रा में फैल रही है। भारत में दुनिया की 27 फीसदी हैं। डॉक्टर्स के अनुसार, आज के समय में बच्चों में टीबी की बीमारी काफी देखी जा रही है। इसका सबसे प्रमुख कारण है, बच्चों को ब्रेस्ट फीडिंग ना कराना।

भारत में टीबी (Tuberculosis) एक बहुत गंभीर बीमारी है। आंकड़ों के अनुसार, भारत में  प्रत्येक तीन मिनट के अंदर दो भारतीय की जान टीबी की वजह से जाती है। इस हिसाब से हर दिन करीब 1000 लोगों की जान टीबी की वजह से जाती है। भारत में सभी स्वास्थ्य केंद्र में टीबी का मुफ्त इलाज किया जाता है। ताकि लोगों को इस बीमारी से बचाया जा सके।

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टीबी की ऐसे कर सकते हैं रोकथाम-

  • टीबी (Tuberculosis) जैसी गंभीर बीमारी के  रोकथाम के लिए शिशुओं को बैसिलस कैल्मेट-ग्यूरिन (बीसीजी) का टीका लगवाना जरूरी होता है। इस टीके से शिशु में टीबी होने का खतरा 20% से भी अधिक कम हो जाता है।
  • इसका का उपचार जल्द से जल्द शुरू करवाना जरूरी होता है। जल्दी उपचार कराने से टीबी जैसी समस्या से मुक्ति मिल सकती है।
  •  मरीजों को खांसते वक्त मुंह पर कपड़ा रखना चाहिए। साथ ही भीड़-भाड़ वाली जगहों पर थूकने से बचाव करना चाहिए।
  •  साफ-सफाई का ध्यान रखना बहुत ही जरूरी होता है।
  • इस बीमारी के रोगियों को रेड मीट का सेवन नहीं करना चाहिए। इसके साथ ही फैट युक्त चीजों से दूर रहना चाहिए।

टीबी का उपचार

मरीजों के अंदर से जीवाणुओं को खत्म करने के लिए एंटीबायोटिक दवाओं का इस्तेमाल किया जाता है। टीबी के उपचार में सबसे ज्यादा रिफाम्पिसिन और आइसोनियाजिड जैसी एंटीबायोटिक दवाई का उपयोग किया जाता है। इसके उपचार में कई महीने लगते हैं।
टीबी के उपचार में करीब 6 से 9 माह का समय लगता है। इसके उपचार में पहले 2 माह  रिफाम्पिसिन, आइसोनियाजिड,  पायराजीनामाइड और इथाम्बुटोल का इस्तेमाल किया जाता है। दो महीने के बाद इथाम्बुटोल और पैराजिनामाइड दवाई बंद कर दिया जाता है। इसके बाद 3 से 6 महीने मरीज को आइसोनियाजिड और रिफाम्पिसिन दवाई दी जाती है। इसके अलावा टीबी के मरीज को इलाज के दौरान स्ट्रेप्टोमाइसिन इंजेक्शन भी दिया जाता है।
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