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World Tuberculosis Day 2021: बचना है टीबी से तो शरीर में न होने दें इस विटामिन की कमी

भारत में तीन तरह की टीबी ज्यादा देखने में आती हैं। इनमें भी सबसे ज्यादा समस्‍या फेफड़ों की टीबी की है। देश भर में किसी को गांठ तो किसी को फेफड़ों में टीबी शिकायत हो रही है।

World Tuberculosis Day 2021: बचना है टीबी से तो शरीर में न होने दें इस विटामिन की कमी
बचना है टीबी से तो शरीर में न होने दें इस विटामिन की कमी

Written by Yogita Yadav |Updated : March 24, 2021 11:32 AM IST

World Tuberculosis Day 2021:  24 मार्च को दुनिया भर में विश्‍व तपेदिक दिवस यानी के वर्ल्‍ड टीबी डे मनाया जाता है। इस दिन का विशेष उद्देश्‍य ये होता है कि दुनिया भर के लोगों को इस भयावह बीमारी के बारे में जागरूक किया जाए। इसके कारण, लक्षण और उपचार के प्रति लोगों की समझ ज्‍यादा से ज्‍यादा विकसित हो। टीबी से होने वाली मौतों का आंकड़ा अब भी कम नहीं हुआ है। इसकी सबसे बड़ी वजह लोगों का इस बीमारी के प्रति लापरवाहीपूर्ण रवैया है। इसलिए जरूरी है‍ कि आप इसके हर पहलू से वाकिफ हों।

भारत में टीबी की स्थिति

भारत में टीबी की बीमारी से आज कई लोग पीडि़त हैं। भारत में तीन तरह की टीबी ज्‍यादा देखने में आती हैं। इनमें भी सबसे ज्‍यादा समस्‍या फेफड़ों की टीबी की है। देश भर में किसी को गांठ तो किसी को फेफड़ों में टीबी शिकायत हो रही है। इससे लड़ना जितना जरूरी हैं वहीं उन कारणों को जानना भी जरूरी है जो टीबी को पनपने में मदद करते हैं।

तपेदिक (टीबी) से संबंधित एक शोध में यह बात सामने आई है कि जो लोग टीबी से ग्रसित व्‍यक्ति के साथ रहते हैं उनमें भी टीबी होने का जोखिम ज्‍यादा रहता है। इसके साथ ही अगर उनमें विटामिन ए की कमी है तो उनमें इस बीमारी के जोखिम की संभावना 10 गुना अधिक बढ़ जाती है। इसलिए यह जरूरी है कि टीबी से ग्रसित व्‍यक्ति और उसके साथ रहने वाले लोगों को भी सही पोषण मिलता रहे।

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क्‍या कहते हैं एक्‍सपर्ट  

अमेरिका के बोस्टन में हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के प्रोफेसर व वरिष्ठ लेखक मेगन मरे ने कहा, "यदि विटामिन ए की पूरक आहार के तौर पर नैदानिक परीक्षण में संबंध की पुष्टि की गई है, तो यह टीबी के अधिक जोखिम वालों में यह टीबी रोकने में अत्यधिक सहायक होगा।" इस शोध के निष्कर्षो का प्रकाशन पत्रिका 'क्लिनिकल इंफेक्शियस डिजीजेज' में हुआ है। यह निष्कर्ष पेरू के लीमा में 6000 से ज्यादा घरों से लिए गए लोगों के रक्त नमूनों के विश्लेषण पर आधारित है।

साल 2015 के आंकड़ों से ये पता चलता है कि टीबी कम और मध्यम आय वाले देशों में सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाती है, जहां विटामिन ए की कमी जनसंख्या के 30 फीसदी से ज्यादा को प्रभावित कर सकती है।

इन स्रोतों से कर सकते हैं विटामिन एक की कमी पूरी

विटामिन ए दो प्राथमिक रूपों में पाया जाता है जिसे एक्टिव विटामिन और बीटा विटामिन के नाम से जाना जाता है। एक्टिव विटामिन जानवरों के मांस, लीवर और डेयरी प्रोडक्ट में पाया जाता है जिसे रेटिनॉल कहते हैं। अन्य प्रकार का विटामिन ए सब्जियों और फलों से पाया जाता है, जिसे कैरोनॉयड के नाम से जानते हैं। यह शरीर द्वारा भोजन पचने के बाद रेटिनॉल में परिवर्तित किया जाता है।

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विटामिन ए के सबसे अच्छे स्रोतों में अंडा,  दूध,  यकृत,  गाजर, पीली या नारंगी सब्जियां जैसे स्क्वैश, पालक, स्वीट पोटैटो, काले, पपीता, अंडे की जर्दी, दूध, दही, सोयाबीन और अन्य पत्तेदार हरी सब्जियां शामिल हैं। स्टडी में यह पाया गया है कि विटामिन डी एक बढ़िया एंटीऑक्सीडेंट है जो शरीर को लंबे समय तक स्वस्थ बनाए रखता है। इसके अलावा यह आंखों के लिए भी काफी फायदेमंद होता है, इम्यून सिस्टम को बेहतर बनाता है और कोशिकाओं की संख्या में वृद्धि करता है। पोषण विशेषज्ञ अधिक विटामिन युक्त फल, सब्जियां, होल फूड आदि खाने की सलाह देते हैं।

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