
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Published : March 24, 2022 9:44 AM IST
हर साल इस दिन यानी 24 मार्च को विश्व तपेदिक दिवस (World TB Day) के रूप में मनाया जाता है। इस दिन का मुख्य उद्देश्य लोगों को इस बीमारी के प्रति जागरूक करना है, ताकि वैश्विक स्तर पर इस बीमारी को रोका जा सके। विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा इस दिन दुनियाभर में कई तरह के कैंप व अभियान चलाए जाते हैं, ताकि लोगों को इस रोग के प्रति ज्यादा से ज्यादा जानकारी मिल सके और साथ ही इससे पड़ने वाले स्वास्थ्य और सामाजिक प्रभावों को पता चल सके। टीबी एक प्रकार का बैक्टीरियल इंफेक्शन है, जो प्रमुख रूप से माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरक्लोसिस नामक बैक्टीरिया के कारण होता है। कोरोना वायरस की तरह टीबी का बैक्टीरिया भी मरीज के खांसने, छींकने और बोलने के दौरान हवा में फैल जाता है। कोरोना एक वायरल इंफेक्शन है, जिसका कोई इलाज नहीं है लेकिन मरीज की उचित देखभाल करने पर वह अपने आप ठीक हो जाता है। वहीं टीबी एक बैक्टीरियल इंफेक्शन है, जिससे छुटकारा पाने के लिए इलाज की आवश्यकता पड़ती है। एक्सपर्ट्स भी मानते हैं कि टीबी के प्रति जागरूकता ही उसके इलाज और बचाव का सबसे पहला कदम है। विश्व तपेदिक दिवस के मौके पर इस लेख में ट्यूबरकुलोसिस से जुड़ी कुछ जरूरी जानकारियां दी गई हैं।
टीबी के प्रति उचित जानकारी न होना एक जानलेवा स्थिति पैदा कर सकती है। यह एक जानलेवा रोग है और इसका समय पर इलाज न किए जाने पर यह मरीज की स्थिति को गंभीर बना सकता है जो उसकी मृत्यु का कारण बन सकती है। टीबी कैसे फैलता है इसका उचित इलाज क्या है और इससे बचाव कैसे करना है आदि से जुड़ी बातों की जानकारी होना ही इससे बचने का अच्छा तरीका है।
जैसा कि हमने आपको ऊपर भी बताया है कि यह कोरोना की तरह एक संक्रमित व्यक्ति से दूसरे स्वस्थ व्यक्ति में वायु के माध्यम से भी फैल सकता है। इसके पीछे का फैक्ट यह है कि टीबी से ग्रसित जब कोई व्यक्ति खांसता, छींकता या बोलता है, तो उसके मुंह से द्रव की अति सूक्ष्म बूंदें बाहर निकलती हैं। ये बूंदें इतनी सूक्ष्म होती हैं कि इन्हें नंगी आंखों से नहीं देखा जा सकता है और इतनी हल्की होती हैं कि हवा में तैरने लगती हैं। इन द्रव की बूंदों में टीबी के बैक्टीरिया होते हैं और जब किसी स्वस्थ व्यक्ति के सांस लेने के दौरान ये बूंदें व्यक्ति के शरीर में चली जाती हैं, तो वह भी संक्रमित हो जाता है।
हालांकि, टीबी का बैक्टीरिया भी कुछ हद तक कोरोना की तरह ही फैलता है, लेकिन इसका इलाज कोरोना संक्रमण की तरह नहीं है। दरअसल टीबी के मरीज का इलाज 6 से 12 महीनों तक चल सकता है, जो मरीज की गंभीरता और टीबी के प्रकार पर निर्भर करता है। टीबी का इलाज इसलिए लंबा चलता है, ताकि शरीर से बैक्टीरिया को पूरी तरह से खत्म किया जा सके। अगर ऐसा नहीं होता है और किसी कारण से इलाज बीच में छूट गया है, तो शरीर में बैक्टीरिया फिर से पनपने लगते हैं और व्यक्ति फिर से बीमार पड़ जाता है।
स्वस्थ जीवनशैली की आदतें डालना और पोषण युक्त आहार लेना ही टीबी के बचाव का सबसे पहला उपाय है। हालांकि, अगर आपके घर में पहले से ही कोई टीबी का मरीज है, तो आपको निम्न बातों का ध्यान रखना चाहिए -
यदि आपको या परिवार में किसी अन्य व्यक्ति को दो हफ्ते से ज्यादा खांसी हो रही है, तो यह टीबी का संकेत होता है और ऐसे में जल्द से जल्द डॉक्टर से जांच करा लेनी चाहिए। साथ ही यदि आपको बार-बार बुखार या अन्य कोई स्वास्थ्य समस्या हो रही है, तो भी एक बार डॉक्टर से जांच करवा लें।