
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
Written By: Rashmi Upadhyay | Updated : September 10, 2021 9:32 AM IST
World Suicide prevention Day : किसी को आत्महत्या करने से रोक सकती हैं आपकी ये 3 बातें, इस तरह करें मोटिवेट
पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ की उठापटक में इंसान खुद को ढालने की कोशिश तो करता है लेकिन जब उसे लगता है कि अब चीजें उसके हाथ से जा रही हैं तो वह धीरे-धीरे मानसिक रोगों की ओर बढ़ता जाता है। जब व्यक्ति अपने दिमाग में कुछ चीजों या किसी विषय पर सोचता रहता है और किसी से उस बारे में जिक्र नहीं करता तो वह सबसे पहले एंग्जाइटी का शिकार होता है जो उसे आगे चलकर डिप्रेशन का शिकार बना देती है। जब व्यक्ति पूरी तरह से डिप्रेशन में चला जाता है तो उसके सोचने-समझने का तरीका बहुत अलग हो जाता है। वह जहां खुद को पूरी तरह से अकेला, असहाय और कमजोर समझने लगता है वहीं उसके दिमाग में आत्महत्या के ख्याल भी आने लगते हैं। जब व्यक्ति आत्महत्या करने के बारे में सोचता है तो उसे मुक्ति पाने का यही एक आखिरी विकल्प दिखता है। इसलिए कहते हैं कि कभी भी अंदर ही अंदर घुटने के बजाय किसी भरोसेमंद व्यक्ति, दोस्त या काउंसलर से खुलकर बात करनी चाहिए। किसी की जिंदगी बचाना सबसे बड़ा कर्म होता है। इसलिए आज विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस 2021 (World Suicide Prevention Day 2021) के मौके पर हम आपको कुछ ऐसी टिप्स दे रहे हैं जिनसे आप किसी को आत्महत्या करने से रोक सकते हैं।
यदि आत्महत्या के बारे में सोचने वाला व्यक्ति किसी बीमारी से जूझ रहा है तो उसे इलाज कराने के लिए प्रोत्साहित करें। यदि उस व्यक्ति को कोई शारीरिक बीमारी नहीं बल्कि मानसिक रोग है तो उसे किसी अच्छे मनोवैज्ञानिक या काउंसलर से मिलने के लिए प्रोत्साहित करें। यदि ऐसा व्यक्ति किसी डॉक्टर या एक्सपर्ट से नहीं मिलना चाहता है तो उसे किसी सपोर्ट ग्रुप, किसी भरोसेमंद कम्युनिटी या एनजीओ से संपर्क कराने में मदद करें।
यदि आपके पास कोई ऐसा व्यक्ति बात करने के लिए आया है जो आत्महत्या के बारे में सोच रहा है या सोच सकता है तो उसे एकदम नॉर्मल और कम्फरटेबल फील कराएं। उसे इस बात का एहसास कराएं कि जिस चीज को लेकर वह आत्महत्या जैसा विचार अपने अंदर ला रहा है वह असल में बहुत छोटी बात है। ऐसे व्यक्ति को अपनी या किसी और की जिंदगी के ऐसे एक्सपीरियंस बताएं जिससे उसे प्रेरणा मिले और यह एहसास हो कि उसकी समस्या वाकई बहुत छोटी है और यह जिंदगी में चलता रहता है।
इंसान आत्महत्या जैसी चीज के बारे में तभी सोचता है जब उसे लगने लगता है कि वह जिंदगी में पूरी तरह से अकेला पड़ गया है और कोई उसके साथ नहीं है। ऐसे लोगों को अपने अंदर हजार तरह की कमियां और बुराईयां दिखने लगती हैं। यदि आप किसी ऐसे इंसान से टकराते हैं तो उसे यह एहसास दिलाएं कि आप हर घड़ी में उसके साथ हैं। उसे दिन या रात कभी भी जरूरत पड़ी तो आप उसके एक बार कहने पर हाजिर हो जाएंगे। इससे उस व्यक्ति को यह लगेगा कि अभी उसकी जिंदगी में लोगों का साथ और प्यार है। अभी भी ऐसे लोग हैं जिन्हें उसकी फिक्र है। यकीन मानिए आपके कुछ शब्द या वाकया किसी की जिंदगी बचा सकते हैं।