
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : October 29, 2019 12:55 PM IST
वर्ल्ड स्ट्रोक डे (29 अक्टूबर- World Stroke Day) इस बात की ओर लोगों का ध्यान खींचने की कोशिश करता है कि लोग स्ट्रोक और दिल की बीमारियों से खुद को बचाने के लिए क्या कर सकते हैं। (World Stroke Day) दिल की बीमारियां या ख़राब कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ स्ट्रोक की वजह बनता है। भारत में दिल के मरीज़ों की संख्या अधिक है और इसके खतरे को डायबिटीज़, मोटापा, हायपरटेंशन और हाई कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याओं के साथ जोड़कर भी देखा जाता है। इन सबके अलावा खून के थक्के बनना या ब्लड क्लॉटिंग (Blood Clotting) भी स्ट्रोक का एक अहम कारण है।
खून के थक्के बनना, खून गाढ़ा होना या ब्लड क्लॉटिंग हमारे शरीर को सुरक्षित बनाने की एक प्रक्रिया है। शरीर के किसी हिस्से से खून के रिसाव या ब्लीडिंग को रोकने के लिए ब्लड क्लॉटिंग सुरक्षित और ज़रूरी मानी जाती है। लेकिन इन स्थितियों के अलावा जब शरीर में ब्लड के थक्के बनने लगें तो यह सेहत के लिए और शरीर की कार्य-प्रणाली के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।
शरीर में खून के थक्के बनने से दिल की सेहत पर प्रभाव पड़ता है और स्ट्रोक का खतरा बढ़ता है।
इस तरह की क्लॉटिंग के कारण रक्त-धमनियों में ब्लड सर्कुलेशन सही तरीके से नहीं हो पाता। जिसके चलते दिल तक खून सही मात्रा नहीं पहुंच पाता। हार्ट बीट बिगड़ने के पीछे यह ब्लड क्लॉटिंग भी एक वजह होती है। दिल की तरफ ब्लड सर्कुलेशन सही ना रहने से स्ट्रोक होने की संभावना बढ़ जाती है।
जब कोई व्यक्ति ब्लड क्लॉटिंग की समस्या से परेशान हो तो एक्सपर्ट्स ब्लड थिनर्स की मदद से खून के थक्कों के निर्माण को रोकने की कोशिश करते हैं। इन दवाइयों का सेवन डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं करना चाहिए। ( Ways to prevent Blood Clotting naturally) इसके अलावा अपनी डायट में ऐसी चीज़ों को शामिल करना चाहिए जो नैचुरल ब्लड थिनर के तौर पर काम करते हैं। लहसुन, हल्दी, प्याज़, दालचीनी और अदरक ऐसे ही कुछ आम मसाले हैं जो भारतीय किचन्स में इस्तेमाल होते हैं और ब्लड क्लॉटिंग (Blood Clotting) रोकने में मदद भी करते हैं।
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