Add The Health Site as a
Preferred Source
Add The Health Site as a Preferred Source

World Stroke Day: बुजुर्ग नहीं बल्कि युवा जल्दी होते हैं स्ट्रोक के शिकार, जानिए स्ट्रोक के बारे में सबकुछ

स्ट्रोक एक ऐसी बीमारी है जो मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी है। हर साल लगभग 18 लाख लोग स्ट्रोक के शिकार होते हैं। जिसमें बुजुर्गों के साथ ही युवा और बच्चे भी शामिल हैं। रिसर्च बताती हैं कि स्ट्रोक के 10-15 फीसदी मामले सिर्फ युवाओं में होते हैं। आज वर्ल्ड स्ट्रोक डे (World Stroke Day) के मौके पर हम आपको इससे जुड़ी जरूरी जानकारी दे रहे हैं।

World Stroke Day: बुजुर्ग नहीं बल्कि युवा जल्दी होते हैं स्ट्रोक के शिकार, जानिए स्ट्रोक के बारे में सबकुछ
World Stroke Day: बुजुर्ग नहीं बल्कि युवा जल्दी होते हैं स्ट्रोक के शिकार, जानिए स्ट्रोक के बारे में सबकुछ

Written by Rashmi Upadhyay |Updated : October 29, 2020 12:47 PM IST

स्ट्रोक के कारण हर साल लगभग 18 लाख लोग स्ट्रोक के शिकार होते हैं। जब ब्रेन में एक खास हिस्से में खून की सप्लाई सही तरह से नहीं होती है तो स्ट्रोक की स्थिति बन जाती है। इसका खतरा बुजुर्गों के साथ ही युवाओं और बच्चों को भी है। हैरानी की बात यह है कि हर साल भारत में स्ट्रोक के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं। न्यूरोलॉजिक डिसॉर्डर के चलते शरीर में कई लक्षणों को देखकर आप इस बीमारी का अंदाजा लगा सकते हैं। रिसर्च बताती हैं कि स्ट्रोक के 10-15 फीसदी मामले सिर्फ युवाओं में होते हैं। आज वर्ल्ड स्ट्रोक डे (World Stroke Day) के मौके पर हम आपको इससे जुड़ी जरूरी जानकारी दे रहे हैं।

भारत में क्यों बढ़ रहे हैं स्ट्रोक के मामले?

भारत जैसे निम्न एवं मध्यम आय वर्ग वाले देशों में स्ट्रोक के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, इसका मुख्य कारण यही है कि बीमारी की रोकथाम के बारे में जागरूकता की कमी है। भारत में हर साल स्ट्रोक के 14 लाख नए मामले आते हैं। वहीं दूसरी ओर उच्च आयवर्ग वाले देशों में स्ट्रोक के मामलों की संख्या कम हो रही है। समय रहते मरीज को एमरजेन्सी में इलाज देकर बीमारी के जानलेवा प्रभाव से बचाया जा सकता है।

Stroke

Also Read

More News

स्ट्रोक की रोकथाम के लिए महत्वपूर्ण टिप्स

  • स्मोकिंग और शराब के सेवन से रहें दूर

    ब्लड प्रेशर यानी रक्तचाप को नियंत्रण में रखना

    मधुमेह पर नियंत्रण

    कॉलेस्ट्रॉल पर नियंत्रण

    हेल्दी डाइट का सेवन

    दिल की बीमारियों, खासतौर पर एट्रियल फाइब्रिलेशन से बचना

स्ट्रोक के लक्षण

स्ट्रोक के लक्षण ऐसे होते हैं जिन्हें व्यक्ति आसानी से पहचान सकता है और समय रहते सतर्क हो सकता है। स्ट्रोक के लक्षणों में चेहरे, हाथ या पैर (विशेष रूप से शरीर के एक तरफ) की अचानक कमजोरी, भ्रम, बोलने में परेशानी, देखने में परेशानी, चलने में परेशानी, चक्कर आना, संतुलन बनाने में दिक्कत और गंभीर सिरदर्द आदि शामिल हैं।

स्ट्रोक के कारण

  • मोटापा या ओवरवेट

    काफी ज्यादा धूम्रपान करना

    उच्च रक्तचाप

    शराब का सेवन

    डायबिटीज

    पारिवारिक इतिहास आदि स्ट्रोक की प्रमुख वजह हैं

स्ट्रोक आने पर क्या करें

स्ट्रोक वाले किसी भी व्यक्ति को जल्द से जल्द अस्पताल ले जाया जाना चाहिए और क्लॉट डिजॉल्विंग थेरेपी दी जानी चाहिए। इस दिशा में एक और बड़ी चुनौती यह है कि स्ट्रोक के लिए इलाज अभी भी हमारे देश में धीरे-धीरे ही विकसित हो रहा है यानि कि कोई ऐसा इलाज नहीं है जिससे स्ट्रोक को पूरी तरह से सही किया जा सके। स्ट्रोक के कारण होने वाली विक्लांगता अस्थायी या स्थायी हो सकती है, जो इस बात पर निर्भर करती है कि मस्तिष्क में रक्तप्रवाह कितना है और उससे कौन सा हिस्सा प्रभावित हो रहा है।

स्ट्रोक से कैसे बचें

  • तनाव से घिरे हैं, तो इसका इलाज करवाएं। मानसिक रूप से खुद को शांत रखें।

    स्मोकिंग और एल्कोहाल का सेवन करना बंद कर दें।

    नियमित रूप से एक्सरसाइज और योग का अभ्यास करें।

    वजन को कंट्रोल में रखें।

    दिल और डायबिटीज के मरीजों को अधिक सतर्क रहना चाहिए।

    सोडियम का सेवन सीमित मात्रा में करें।

  • Add The HealthSite as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source

    TRENDING NOW

स्ट्रोक में इन फूड का सेवन है फायदेमंद

  • ओटमील बुरे कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम करने में मदद करता है। स्ट्रोक का खतरा कम करने के लिए आप रोजाना ओटमील का सेवन कर सकते हैं।
  • शक्करकंद में पर्याप्त मात्रा में फाइबर होता है। रोजाना एक कप शक्करकंद का सेवन से स्ट्रोक का खतरा कम हो जाता है।
  • पालक में पर्याप्त मात्रा में मैग्नीशियम होता है साथ ही इसमें पर्याप्त मात्रा में विटामिन बी और फोलेट भी होता है। रोजाना पालक का सेवन करने से ब्लड प्रेशर कम होता है जिससे स्ट्रोक की समस्या नहीं होती है। इसलिए रोजाना पालक का सेवन लाभकारी होता है।
  • ब्लूबेरी में पर्याप्त मात्रा में एंटी-ऑक्सीडेंट्स होते हैं जो कि ब्लड वैसल्स को चौड़ा करते हैं। रोजाना फल और सब्जियां खाने से स्ट्रोक का खतरा कम हो जाता है।
  • केले में पर्याप्त मात्रा में पोटेशियम होता है जो कि ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद करता है। रोजाना केले का सेवन करने से स्ट्रोक का रिस्क 24 प्रतिशत कम हो जाता है।