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Can Air Pollution Cause Stroke : भारत समेत दुनिया के कई विकासशील देशों के लिए इन दिनों वायु प्रदूषण का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। एक तरफ वायु प्रदूषण बढ़ रहा है तो दूसरी तरफ कई प्रकार की गंभीर बीमारियां भी बढ़ रही हैं। इन दिनों दिल्ली-एनसीआर में एक बार फिर वायु प्रदूषण से लोगों की सांसों पर संकट आया हुआ है, तब ये जानना जरूरी है कि क्या वायु प्रदूषण के कारण स्ट्रोक (Kya Vayu Pradushan ke Karan Stroke Hota hai) हो सकता है?
इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल के न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. पुष्पेंद्र रंजन के अनुसार, स्ट्रोक तब होता है जब मस्तिष्क (Brain) तक खून की आपूर्ति अचानक रुक जाती है।
1. इस्केमिक स्ट्रोक (Ischemic Stroke)- जब मस्तिष्क की किसी रक्त वाहिका में रुकावट आ जाती है।
2. हेमरेजिक स्ट्रोक (Hemorrhagic Stroke)- जब मस्तिष्क की रक्त वाहिका फट जाती है और खून रिसने लगता है।
डॉ. पुष्पेंद्र रंजन बताते हैं कि वायु प्रदूषण में कई हानिकारक गैसें और कण मौजूद होते हैं जैसे - PM2.5, PM10, कार्बन मोनोऑक्साइड (CO), सल्फर डाइऑक्साइड (SO₂), नाइट्रोजन डाइऑक्साइड (NO₂) और ओजोन (O₃)। प्रदूषण के ये छोटे-छोटे कण जब सांसों के जरिए शरीर में जाते हैं और खून में घुलकर ब्लड सेल्स को नुकसान पहुंचाते हैं। इससे ब्लड क्लॉट की संभावना बढ़ती है। जिसके कारण स्ट्रोक का खतरा होता है। इसके अलावा वायु प्रदूषण में रहने वाले लोगों में ब्लड प्रेशर बढ़ने की संभावना रहती है। हाई ब्लड प्रेशर स्ट्रोक के प्रमुख कारणों में से एक है।
वायु प्रदूषणका असर सभी पर पड़ता है, लेकिन कुछ लोगों को वायु प्रदूषण के कारण स्ट्रोक का खतरा ज्यादा होता है। इसमें शामिल हैः
बुजुर्ग (60 वर्ष से ऊपर)
हाई ब्लड प्रेशर या डायबिटीज के मरीज
हार्ट से जुड़ी बीमारी से पीड़ित लोगों को
जिनकी इम्यूनिटी कमजोर है
प्रेग्नेंट महिलाओं को
छोटे बच्चों और महिलाओं को।
अगर आप भी देश के उन शहरों में रहते हैं जहां प्रदूषण का स्तर अक्सर ज्यादा रहता है, तो आप डॉ. पुष्पेंद्र रंजन द्वारा बताए गए उपायों को अपनाकर स्ट्रोक से बचाव कर सकते हैं।
- N95 या N99 मास्क बाहर निकलते समय जरूर पहनें, खासकर जब AQI (Air Quality Index) 200 से ज्यादा हो।
- घर के अंदर की हवा को साफ करने के लिए एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें। स्नेक प्लांट, मनी प्लांट, पीस लिली, एलोवेरा आदि जो हवा को साफ करते हैं।
- सुबह के समय हवा में प्रदूषक कण अधिक होते हैं। दोपहर या शाम में वॉक या योग करना ज्यादा फायदेमंद होता है।
- खाने में एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर फूड्स को शामिल करें। फल, सब्जियां, ग्रीन टी, हल्दी, नट्स और मछली** का सेवन करें जो शरीर को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाते हैं।