
आशु कुमार दास
आशु कुमार दास एक अनुभवी हेल्थ कंटेंट स्पेशलिस्ट हैं। इन्हें हेल्थ कंटेंट राइटर के तौर पर काम करते हुए 6 ... Read More
Written By: Ashu Kumar Das | Published : October 16, 2025 7:55 AM IST
World Spine day 2025: रीढ़ की हड्डी (Spine) हमारे शरीर का सबसे अहम हिस्सा होती है। रीढ़ की हड्डी न केवल शरीर को सीधा रखने का काम करती है बल्कि पूरे शरीर के मूवमेंट, बैलेंस और नसों की कार्यप्रणाली को भी नियंत्रित करती है। खेलने-कूदने, लंबे समय तक डेस्क पर बैठने और गाड़ी चलाते समय, अगर रीढ़ की हड्डी में कोई समस्या हो जाए तो इससे चलने-फिरने में परेशानी, कमर दर्द, हाथ-पैरों में झनझनाहट, सुन्नपन, कमजोरी और कई गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।
पिछले कुछ सालों में डेस्क जॉब, गलत खानपान और खाने में पोषक तत्वों की कमी के कारण युवाओं को रीढ़ की हड्डी से जुड़ी बीमारी हो रही हैं। लोगों को रीढ़ की हड्डी से जुड़ी बीमारी के प्रति जागरूक करने के लिए हर साल 16 अक्टूबर को वर्ल्ड स्पाइन डे मनाया जाता (World Spine Day 2025) है। वर्ल्ड स्पाइन डे के खास मौके पर हम आपको बताने जा रहे हैं रीढ़ की हड्डी की बीमारी को दूर रखने के लिए कौन-कौन सी आदतें (reed ki haadi ki bimari kaise dur karen) अपनानी चाहिए।
जयपुर स्थित सीके बिड़ला अस्पताल के डायरेक्टर न्यूरोसर्जरी डॉ. अमित चक्रवर्ती (Dr. Amit Chakrabarty, Director Neurosurgery , CK Birla Hospitals, Jaipur) के अनुसार, किसी भी व्यक्ति को रीढ़ की हड्डीसे जुड़ी बीमारियां अचानक नहीं होतीं बल्कि धीरे-धीरे गलत आदतों और जीवनशैली के कारण बढ़ती हैं। रीढ़ की हड्डी की बीमारियों के कारणों में शामिल हैः
डॉ. अमित चक्रवर्ती का कहना है कि रीढ़ की हड्डी से जुड़ी बीमारी दूर रहे, इसके लिए रोजमर्रा की आदतों में छोटे-छोटे बदलाव करने की जरूरत होती है। इनमें शामिल हैः
1. सही पॉश्चर में बैठें और खड़े रहें
ऑफिस या घर में बैठते या खड़े होते समय सीधी पीठ करके ही बैठें। ऑफिस में बैठते समय कंप्यूटर स्क्रीन आंखों की सीध में रखें। जब आप खड़े होते समय वजन दोनों पैरों पर समान रखें। झुककर मोबाइल देखने की बजाय उसे आंखों की ऊंचाई पर रखें। इससे पॉश्चर सही बनाने में मदद मिलेगी।
2. एक्सरसाइज जरूर करें
रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाने के लिए हल्के और स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज बहुत फायदेमंद होती हैं। Cat-Cow Pose, भुजंगासन, सेतुबंध आसन और साइकिलिंग जैसी एक्सरसाइज करने से रीढ़ की हड्डी से जुड़ी बीमारी दूर रहती हैं। डॉक्टर का कहना है कि जो लोग फिजिकली एक्टिव रहते हैं और नियमित रूप से एक्सरसाइज करते हैं, उनमें रीढ़ की हड्डी से जुड़ी परेशानी कम देखने को मिलती है।
3. वजन को मैनेज करें
बढ़ता हुआ वजन और मोटापा रीढ़ की हड्डी की बीमारी की मुख्य वजह है। ओवरवेट लोगों में कमर के निचले हिस्से पर सबसे ज्यादा प्रेशर पड़ता है। इसलिए रीढ़ की हड्डी से जुड़ी बीमारियों को दूर रखने के लिए हेल्दी डाइट और एक्सरसाइज से वजन संतुलित रखना जरूरी है।
4. सही गद्दा और तकिया चुनें
बहुत नरम या बहुत सख्त गद्दा दोनों ही पीठ के लिए हानिकारक हो सकते हैं। मीडियम फर्म गद्दा और गर्दन को सपोर्ट देने वाला तकिया सबसे अच्छा होता है। आपके शरीर के लिए कौन सा तकिया और गद्दा सही है, इस विषय पर अपने डॉक्टर से बात जरूर करें।
हमारे साथ खास बातचीत के दौरान डॉ. अमित चक्रवर्ती कहते हैं कि वर्ल्ड स्पाइन डे हम सभी को याद दिलाता है कि पीठ में अकड़न, झुनझुनी या सुन्नता जैसे शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज करने से समय के साथ गंभीर रीढ़ की हड्डी से जुड़ी बीमारी हो सकती है। इसलिए रीढ़ की हड्डी से जुड़ी किस भी परेशानी को हल्के में नहीं लेना चाहिए। किन्हीं भी कारणों से अगर आपको पीढ़ में दर्द हो रहा या किसी प्रकार की जकड़न महसूस हो रही है तो इसका इलाज खुद से करने की बजाय डॉक्टर को दिखाना जरूरी है।
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।