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Written By: Yogita Yadav | Updated : June 19, 2020 9:41 AM IST
सिकल सेल से पीडि़त बच्चे को शरीर के अलग-अलग हिस्सों में असहनीय दर्द होता है। अगर इसके प्रति ध्यान न दिया जाए तो यह जोखिमकारक हो सकता है। जरूरी है कि इस दौरान कुछ खास टिप्स को फॉलो कर बच्चे को आराम देने की कोशिश करें। © Shutterstock.
World Sickle Cell Day : सिकल सेल रोग खून से जुड़ी एक बीमारी है, जो बच्चे में अपने माता या पिता या दोनों से आनुवंशिक रूप से आती है। इस बीमारी में खून में पर्याप्त संख्या में लाल रक्त कोशिकाएं (आरबीसी/ रेड ब्लड सैल्स) नहीं होतीं, जो शरीर में ऑक्सीजन ले जाने के लिए जरूरी हैं। आमतौर पर यह बीमारी अफ्रीका, अरब और भारतीय प्रायद्वीप में पाई जाती है। हर साल 19 जून को वर्ल्ड सिकल डे (World Sickle Cell Day ) मनाया जाता है।
इस वर्ष संयुक्त राष्ट्र और अन्य इच्छुक देश 19 जून को विश्व सिकल सेल दिवस की 40वीं वर्षगांठ मनाएंगे। सिकल सेल सोसायटी द्वारा सरकारों, डॉक्टरों, पेरेंट्स, गैर सरकारी संगठनों और अन्य इच्छुक पार्टियों के साथ मिलकर जागरूकता बढ़ाने और सिकल सेल रोग से पीड़ित लोगों का समर्थन करने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। विश्व सिकल सेल दिवस संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा (United Nations General Assembly) 2008 में स्थापित किया गया था ताकि सिकल सेल रोग और आम जनता में इसके इलाज के बारे में जागरूकता बढ़ सके। 2009 में 19 जून को पहली बार इस दिन को मनाया गया।
सिकल सेल रोग (Sickle Cell Disease) खून का अनुवांशिक विकार है, जिसमें व्यक्ति का हीमोग्लोबिन प्रारूपिक एस आकार (एचबीएस) में दोषपूर्ण होता है। आमतौर पर हीमोग्लोबिन का आकार ‘ओ’ शेप (एचबीए) का होता है। हीमोग्लोबिन शरीर के विभिन्न हिस्सों तक ऑक्सीजन पहुंचाता है। इस रोग में हीमोग्लोबिन के दोषपूर्ण आकार के कारण लाल रक्त कोशिकाएं एक-दूसरे के साथ जुड़कर क्लस्टर बना लेती हैं और रक्त वाहिकाओं में आसानी से बह नहीं पातीं।
सिकल सेल (Sickle Cell Disease) से पीड़ित बच्चों के माता-पिता के लिए बार-बार अस्पताल जाना सबसे खराब अनुभव होता है। हालांकि माता-पिता अस्पताल जाने में कभी न थकें क्योंकि जरा सा आलस भी बच्चे की जान के लिए खतरा बन सकता है। ये क्लस्टर धमनियों और शिराओं में बाधा बन जाते हैं और जिसकी वजह से ऑक्सीजन से युक्त रक्त का प्रवाह शरीर में ठीक से नहीं हो पाता। इससे व्यक्ति कई (World Sickle Cell Day ) जटिलताओं का शिकार हो जाता है।
अगर किसी बच्चे को तेज बुखार, शरीर में कमजोरी, सिरदर्द, एक या दोनों आंखों में धुंधली दृष्टि या विशेष रूप से लड़कों के प्राइवेट पार्ट में दर्द हो तो आपको तभी डॉक्टर को दिखाना चाहिए। शुरुआती देखभाल के लिए अपने बच्चे को सिकल सेल के बारे में सिखाने/बताने की सलाह दी जाती है।