
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Published : October 28, 2025 12:34 PM IST
Does Psoriasis Spread: शरीर को स्वस्थ रखने और बीमारियों से दूर रहने के लिए जितना ज्यादा जरूरी सही लाइफस्टाइल और सही डाइट है, उतना ही ज्यादा जरूरी बीमारियों की जानकारी होना भी है। आज भी शायद सोरायसिस बीमारी के बारे में बहुत से लोग जानते नहीं हैं और उसे एक स्किन एलर्जी समझ लेते हैं। सोरायसिस में स्किन पर हल्के लाल व गुलाबी रंग के चकत्ते बनने लगते हैं, जिनके ऊपर सफेद रंग की पपड़ी आती है और ये सूजन व लालिमा के कारण त्वचा से ऊभरे हुए होते हैं। यही कारण है कि यह दिखने में एक स्किन एलर्जी जैसा दिखता है और इसे लोग एलर्जी समझ लेते हैं और उन्हें यह भी डर रहता है कि कहीं इसे छूने से यह किसी दूसरे व्यक्ति में फैल न जाए।
जिनके घर में सोरायसिस के मरीज हैं उन्हें समय के साथ-साथ यह तो विश्वास हो जाता है कि यह किसी दूसरे व्यक्ति में नहीं फैल रहा है, लेकिन बच्चों के मामलों में लोग फिर भी खतरा मोल नहीं लेना चाहते हैं। ऐसे में कई बार नवजात शिशुओं को सोरायसिस के मरीजों के पास लाने से कई बार पेरेंट्स कतराते हैं, जो सोरायसिस के मरीज की भावनाओं को आहत पहुंचाता है और मानसिक रूप से भी उन्हें बीमार बनाता है। लेकिन क्या सोरायसिस सच में छोटे बच्चों में फैल सकता है? इस बारे में डॉ. क्षितिज गोयल सीनियर कंसल्टेंट, डर्मेटोलॉजी, शारदाकेयर हेल्थसिटी ने कुछ खास जानकारियां दी जिनके बारे में आप इस लेख में जानेंगे।
डॉ. क्षितिज गोयल ने पेरेंट्स को कहा कि सोरायसिस बिलकुल भी कोई छुआछूत की बीमारी नहीं है, मरीज के घाव को छूने, स्किन टू स्किन कांटेक्ट और यहां तक कि मरीज का इस्तेमाल किया हुआ तौलिया आदि इस्तेमाल करने से भी सोरायसिस फैल नहीं सकता है। क्योंकि यह रिंगवर्म, स्केबीज जैसी कोई संक्रामक या फैलने वाली बीमारी नहीं है। बल्कि यह एक ऑटोइम्यून डिजीज है, जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली में किसी तरह की गड़बड़ी होने के कारण त्वचा की कोशिकाएं डैमेज होने लगती हैं।
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यह बीमारी जेनेटिक होती है, जिसका मतलब है कि अगर सोरायसिस के मरीज के जीन में यह बीमारी है, तो इसका मतलब है कि उसके बच्चों में जीन के माध्यम से यह बीमारी जा सकती है। लेकिन इसका फैलने या छूआछूत से कोई लेना देना नहीं है और न ही यह किसी तरह का संक्रमण या एलर्जी है।
अगर माता या पिता में से किसी को सोरायसिस है और अगर जीन के माध्यम से उनके बच्चों में भी यह चली गई है तो उन्हें भी अपने जीवन में कभी भी सोरायसिस हो सकता है। ऐसे में बच्चे को सोरायसिस होने के बाद कई बार माता-पिता को यही भ्रम होता है कि यह उन्हें छूने से फैल गई है जबकि ऐसा नहीं है। क्योंकि अगर किसी बच्चे के पेरेंट्स में से किसी को भी सोरायसिस है, तो वह अगर उनके दूर कहीं रहता है तो भी उसे यह बीमारी होने का उतना ही खतरा है।
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इसलिए अगर आपके परिवार में या फिर आपको कोई दोस्त सोरायसिस का मरीज है, तो आपको बिल्कुल भी उसे असहज नहीं कराना चाहिए। आप उसे हाथ मिलाएं, गले मिलें, उसके साथ खाना खाएं और कोई भी एक्टिविटी उसके साथ करें ऐसा करने से यह बीमारी आपको नहीं फैलेगी।
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।