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World Pneumonia Day 2022: प्रदूषण और मौसम बदलने के साथ क्यों बढ़ जाते हैं निमोनिया के केसेस,जानें कारण और बचाव के उपाय

स्मॉग और प्रदूषित हवा के कारण लोगों की इम्यूनिटी पर प्रभाव पड़ सकता है। यहां पढ़ें कैसे हवा में फैली गंदगी निमोनिया जैसी बीमारियों का रिस्क बढ़ा सकती है।

World Pneumonia Day 2022: प्रदूषण और मौसम बदलने के साथ क्यों बढ़ जाते हैं निमोनिया के केसेस,जानें कारण और बचाव के उपाय

Written by Sadhna Tiwari |Updated : November 11, 2022 8:01 AM IST

World Pneumonia Day 2022: मौसम बदलने के साथ-साथ हवा में प्रदूषण और स्मॉग (Smog) बढ़ जाता है और हवा की बिगड़ती क्वालिटी से आपके हेल्थ पर भी प्रभाव पड़ता है। इससे कुछ मामूली तो कुछ गम्भीर और कुछ स्थायी और अस्थायी स्तर की समस्याएं भी हो सकती है। इसीलिए, मौसम बदलने के साथ ही निमोनिया, फ्लू (seasonal flu) और अस्थमा जैसी अन्य कई तरह की समस्याएं बढ़ जाती है और लोग बीमार पड़ने लगते हैं। विभिन्न स्टडीज के अनुसार, जैसे-जैसे ठंड बढ़ती है वैसे-वैसे हवा की क्वालिटी (Quality of air) बिगड़ जाती है और इससे हेल्थ बुरी तरह प्रभावित होती है। स्मॉग और प्रदूषित हवा के कारण लोगों की इम्यूनिटी पर प्रभाव पड़ सकता है और उनकी बीमारियां गम्भीर हो सकती हैं। इस आर्टिकल में आप पढ़ेंगे कि कैसे हवा में फैली गंदगी निमोनिया, अस्थमा और फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों का रिस्क बढ़ा सकती है। (Pollution And Pneumonia Cases In Hindi)

जहरीली हवा फैलाती है निमोनिया जैसी बीमारियां (Air Pollution And Pneumonia In Hindi.)

हवा में प्रदूषण फैलने और इस जहरीली हवा (polluted air) में सांस लेने से लोगों के फेफड़े कमजोर होने लगती है। हवा में फैलने वाली नुकसानदायक गैसेस जैसे कार्बन मोनोऑक्साइड और केमिकल कम्पाउंड से लंग्स पर बुरा असर पड़ता है और श्वसन मार्ग से जुड़ी समस्याएं (respiratory system related problems) बढ़ सकती है। इससे चेस्ट इंफेक्शन (Chest infection) की समस्या भी गम्भीर हो जाती है। प्रदूषित हवा के कारण न्यूरोलॉजिकल डिसॉर्डर (neurological disorder) जैसी समस्याएं भी होती है। ये सभी समस्याएं निमोनिया के रिस्क को बढ़ाती जाती हैं और जैसे-जैसे प्रदूषण गम्भीर होती है निमोनिया के मामलों में बढ़ोतरी का डर भी बढ़ने लगता है।

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एक्सपर्ट्स के अनुसार, हमारे देश में हर साल ठंड बढ़ने के साथ ही हवा में जहरीली गैसेस और केमिकल्स का स्तर भी बढ़ जाता है और इसके साथ ही निमोनिया के मामलों में भी बढ़ोतरी देखी जाती है। हवा में फैली गंदगी के कारण सांस फूलने की समस्या भी बढ़ जाती है। वहीं, अधिक उम्र के लोगों में अस्थमा (Asthma) और सीने में दर्द (Chest pain) की समस्या बढ़ जाती है। वहीं, छोटे बच्चे जब इस जहरीली हवा में सांस लेते हैं तो इससे बच्चे के श्वसन मार्ग में प्रदूषण और छोटे पार्टिकल्स भी प्रवेश कर जाते हैं। इससे फेफड़ों में इंफेक्शन (Lung infection) हो जाता है और निमोनिया की बीमारी भी इसी वजह से तेजी से फैलती है। (Causes of Pneumonia in kids)

निमोनिया से बचाव के लिए क्या करना चाहिए ? (Ways to prevent Pneumonia in winters in Hindi.)

हवा में फैले प्रदूषण के कारण होनेवाले नुकसान (damage of Air pollution) और निमोनिया की बीमारी से बचाव के लिए इस तरह के उपाय (how to prevent pneumonia) आजमाए  जा सकते हैं-

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  • जब हवा में प्रदूषण बढ़ने लगे तो जरूरी ना हो तो घर से बाहर ना निकलें। (stay indoors to minimize the risk of pneumonia)
  • पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं। (Stay hydrated)
  • स्मोकिंग से परहेज करें। (quit smoking)
  • बाहर निकलने पर मास्क पहनें। (wear mask)
  • प्राणायाम करें और योग का अभ्यास करें।
  • सांस से जुड़ी परेशानियां महसूस हो तो डॉक्टर से सम्पर्क करें।