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Early Warning Signs You Should Never Ignore: हर साल नवंबर महीने के तीसरे गुरुवार को World Pancreatic Cancer Day मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य आम लोगों के बीच पैनक्रियाटिक कैंसर (अग्नाशय का कैंसर) के बारे में जागरूकता बढ़ाना, पैनक्रियाटिक कैंसर शुरुआती लक्षणों की पहचान पर जोर देना और समय रहते स्क्रीनिंग व इलाज की जरूरत पर ध्यान दिलाना है। अन्य कैंसर के मुकाबले पैनक्रियाटिक कैंसर के शुरुआती लक्षण बेहद हल्के होते हैं और लोग अक्सर इसे नजरअंदाज कर दिए जाते हैं। यही कारण है कि ज्यादातर मामलों में इसका पता देर से चलता है। वर्ल्ड पैनक्रियाटिक कैंसरडे के खास मौके पर हम आपको बताने जा रहे हैं इसके शुरुआती लक्षणों के बारे में, जिसे लोग अक्सर इग्नोर कर देते हैं।
डॉ. रमन नारंग, कंसल्टेंट मेडिकल एवं हेमेटोलॉजी ऑन्कोलॉजी, MOC कैंसर केयर एंड रिसर्च सेंटर, लाजपत नगर, नई दिल्ली के अनुसार, पैनक्रियाटिक कैंसर के कुछ ऐसे लक्षण हैं, जो अगर 2 से 3 सप्ताह तक बने रहे, तो मरीज को तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
1. पेट या पीठ का दर्द
पेट के ऊपरी हिस्से या पीठ में दर्द होना इस बीमारी का सबसे आम संकेत है। ये दर्द अक्सर धीरे-धीरे बढ़ सकता है। आगे झुकने पर थोड़ा आराम लग सकता है। डॉ. रमन नारंग कहते हैं लोग इसे आम गैस या एसिडिटी मानकर अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं।
2. पीलिया
अगर आंखें, त्वचा या मूत्र पीला दिखने लगे तो यह पैनक्रियास से संबंधित समस्या का संकेत हो सकता है। 40 से 45 साल की उम्र के बाद अगर किसी व्यक्ति को पीलिया हो रहा है, तो ये पैनक्रियाटिक कैंसर का संकेत हो सकता है। इस स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करके इलाज करवाना चाहिए।
3. भूख न लगना
लगातार भूख न लगना और थोड़ा खाकर भी पेट भारी लगना पैनक्रियास से जुड़े मुद्दों का संकेत हो सकता है। डॉ. बताते हैं कि अगर किसी व्यक्ति को लगातार भूख में कमी महसूस हो रही है, तो इस स्थिति में तुरंत डॉक्टर से बात करनी चाहिए।
4. ब्लड क्लॉट्स का जमना
बिना कारण पैरों में दर्द, सूजन या सांस लेने में तकलीफ की समस्या भी पैनक्रियाटिक कैंसर से जुड़ी हुई हो सकती है। ये गहरे नसों में जैम्ड ब्लड क्लॉट्स (DVT) का संकेत हो सकते हैं, जो पैनक्रियाटिक कैंसर से जुड़े हैं।
5. शारीरिक थकान और कमजोरी
लगातार थकान रहना, ऊर्जा की कमी महसूस होना और काम करने में मन न लगना भी लक्षण हो सकता है। अगर आपको लगातार किसी प्रकार की शारीरिक थकान, कमजोरी या कोई अन्य मानसिक परेशानी हो रही है, तो अपने डॉक्टर को इस बारे में बताए।
हमारे साथ बातचीत में डॉ. रमन नारंग बताते हैं कि कुछ खास लोगों को एक उम्र के बाद पैनक्रिया कैंसर होने का खतरा ज्यादा रहता है। इन लोगों में शामिल हैः
1. धूम्रपान करने वाले लोग - लगभग 25% मामलों में स्मोकिंग बड़ी वजह होती है।
2. परिवार का इतिहास- परिवार में किसी को पैनक्रियाटिक कैंसर रहा हो तो जोखिम बढ़ जाता है।
3. ज्यादा वजन- अधिक वजन और पेट के आसपास चर्बी जमा होना रिस्क बढ़ाता है।
World Pancreatic Cancer Day 2025 हमें यह याद दिलाता है कि पैनक्रियाटिक कैंसर के शुरुआती संकेत बेहद हल्के होते हैं, लेकिन इन्हें पहचानना जीवन बचा सकता है। समय पर डॉक्टर से मिलना, सही जांचें कराना और लाइफस्टाइल में बदलाव लाना इस बीमारी से बचाव के सबसे प्रभावी तरीके हैं।