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Causes of osteoporosis in hindi: ऑस्टियोपोरोसिस एक ऐसी बीमारी है जिसमें कि हड्डियां कमजोर हो कर अंदर से खोखली पड़ जाती हैं। इसमें समय के साथ हड्डियों में इतनी कमजोरी आ जाती है कि कई बार ये अपने आप ही टूट सकती है। जी हां, ऑस्टियोपोरोसिस की बीमारी में लोगों को कभी भी फ्रैक्चर हो सकता है। हालांकि, इस बीमारी को 40 के बाद के लोगों के साथ जोड़ा जाता है लेकिन आज कल ये कम उम्र के लोगों को भी हो रही है। जी हां, 20 से 30 की उम्र के युवाओं में भी ये समस्या तेजी से बढ़ रही है। इसके कारणों के बारे में जानने के लिए हमने Dr. Ashish Sinha, Orthopedic surgeon, Max Polyclinic Centre, Lucknow से बात की।
जो लोग बहुत अधिक समय बैठे रहते हैं, उनमें ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा ज्यादा होता। आज के युवा इनएक्टिव लाइफस्टाइल का पालन करते हैं और एक्सरसाइज नहीं करते। इससे समय के साथ बड्डियां तेजी से कमजोर होने लगती हैं और कभी भी फ्रैक्चर का शिकार हो सकती हैं।
ज्यादा शराब पीने से आपकी हड्डियां कमजोर होने लगती हैं। शराब हड्डियों को नुकसान पहुंचाता है और कैल्शिम के क्षरण को बढ़ाता है। इससे हड्डियां अंदर से खोखली हो जाती हैं और ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ जाता है।
तंबाकू के सेवन से हड्डियां कमजोर होने लगती हैं। ये कैल्शियम के क्षरण को बढ़ाता है और फिर हड्डियों को अंदर से खोखला करके कमजोर बनाता है। इससे हड्डियां कमजोर हो जाती हैं और टूट
डाइट में कैल्शियम की कमी हड्डियों को कमजोर करने में मदद कर सकती है। दरअसल, कैल्शियम की कमी के कारण हड्डियों के घनत्व में कमी आने लगती है, हड्डियों को नुकसान होने लगता है और ये फ्रैक्चर के जोखिम को बढ़ाता है। तो, आप अपनी डाइट में कैल्शियम से भरपूर फूड्स की मात्रा बढ़ाएं।
लंबे समय तक विटामिन सी और डी की कमी से भी ऑस्टियोपोरोसिस हो सकता है। दरअसल, विटामिन डी जहां हड्डियों को कमजोर करता है, वहीं विटामिन सी की कमी वाले लोगों में कैल्शियम की कमीबनी रहती है। इस तरह ये दोनों मिल कर कमजोर हड्डियों का कारण बनते हैं। इससे ऑस्टियोपोरोसिस हो सकता है।
महिलाओं में जब एस्ट्रोजन की कमी होती है तो भी ये ऑस्टियोपोरोसिस की ओर ले जता है। दरअसल, एस्ट्रोजन की कमी से हड्डियां और कमजोर होने लगती हैं जिससे ऑस्टियोपोरोसिस हो सकता है। ये खास कर हार्मोनल असंतुलन वाली महिलाओं में होता है।
लो टेस्टोस्टेरोन का स्तर ऑस्टियोपोरोसिस ला सकता है। टेस्टोस्टेरोन का ऑस्टियोब्लास्ट पर एण्ड्रोजन रिसेप्टर के माध्यम से ट्रैब्युलर हड्डी के गठन को नुकसान पहुंचाता है जिससे ऑस्टियोसाइट्स की समस्या हो सकती है। तो, कम उम्र के पुरुषो में ऑस्टियोपोरोसिस लो टेस्टोस्टेरोन का संकेत हो सकता है।
ईटिंग डिसऑर्डर जिसमें या तो व्यक्ति या तो ज्यादा खाना खाए या फिर कम खाना खाए, दोनों ही स्थितियों में अगर हड्डियां कमजोर हो रही हैं, तो ये समय के साथ ऑस्टियोपोरोसिस का कारण बन सकता है।
कई दवाइयां हड्डियों को खोखली कर देती हैं और कैल्शियम का दोहन करती है। साथ ही कुछ दवाइयों के कारण शरीर में कैल्शियम की कमी हो जाती है। जैसे कि ग्लूकोकार्टिकोइड्स और कुछ एंटीकॉन्वेलेंट्स जैसी कुछ दवाओं के लंबे समय तक उपयोग से हड्डियों के घनत्व और फ्रैक्चर का कारण बन सकता है।
आनुवंशिकता कारणों से भी आपको यह बीमारी हो सकती है। ऐसे लोग जिनके घर में ऑस्टियोपोरोसिस के रोगी रहे हैं उनमें भी फ्रैक्चर का जोखिम ज्यादा होता। जिन लोगों के माता-पिता में फ्रैक्चर का इतिहास रहा है, उन्हें भी लगता है कि उनकी हड्डियों का भार कम है और उन्हें फ्रैक्चर का खतरा हो सकता है।