World Osteoporosis Day 2021: बच्चे भी हो रहे हैं ऑस्टियोपोरोसिस से ग्रस्त, जानें इसके कारण, लक्षण और इलाज
आज (20 अक्टूबर) 'वर्ल्ड ऑस्टियोपोरोसिस डे 2021' है। वयस्कों के साथ आज बच्चों में भी हड्डियों की ये समस्या हो रही है। अपोलो हॉस्पिटल्स (नई दिल्ली) के सीनियर कन्सलटेन्ट आर्थोपेडिक्स, जॉइन्ट रिप्लेसमेंट एंड स्पाइन डॉ. यश गुलाटी बता रहे हैं बच्चों में ऑस्टियोपोरोसिस होने के कारण, लक्षण और उपचार के बारे में विस्तार से....
आज (20 अक्टूबर) 'वर्ल्ड ऑस्टियोपोरोसिस डे 2021' (World Osteoporosis Day 2021) है। इस दिवस की शुरुआत नेशनल ऑस्टियोपोरोसिस सोसाइटी इंग्लैंड और यूरोपीय कमीशन के सहयोग से वर्ष 1996 में हुई थी। पूरी दुनिया में हड्डियों की इस बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए कई कैंपेन, कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। ऑस्टियोपोरोसिस बीमारी होने पर हड्डियों की सेहत बुरी तरह से प्रभावित होती है। इसमें हड्डियां कमजोर हो जाती हैं। हड्डियों में जरा सा भी चोट लगने पर ये टूट सकती हैं। एक आंकड़े के अनुसार, 50 वर्ष से अधिक उम्र की प्रत्येक तीन में एक महिला ऑस्टियोपोरोटिक फ्रैक्चर (Osteoporotic Fracture) से ग्रस्त होती हैं। प्रत्येक पांच में से एक पुरुष इस समस्या से पीड़ित होते हैं। सिर्फ 20 प्रतिशत ऑस्टियोपोरोसिस से ग्रस्त मरीजों का ही इलाज ठीक तरह से हो पाता है। वयस्कों के साथ ही अब बच्चों में भी हड्डियों की ये समस्या देखने को मिल रही है। इन्द्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल्स (नई दिल्ली) के सीनियर कन्सलटेन्ट आर्थोपेडिक्स, जॉइन्ट रिप्लेसमेंट एंड स्पाइन डॉ. यश गुलाटी बता रहे हैं बच्चों में ऑस्टियोपोरोसिस होने के कारण, लक्षण और उपचार के बारे में विस्तार से....
बच्चे भी हो रहे हैं ऑस्टियोपोरोसिस से ग्रस्त
ऑस्टियोपोरोसिस अब बच्चों में भी तेजी से बढ़ रहा है। जब बच्चों को ऑस्टियोपोरोसिस होते है, तो इसे बाल्यावस्था ऑस्टियोपोरोसिस (childhood osteoporosis) कहा जाता है। ऑस्टियोपोरोसिस एक ऐसी स्थिति है, जिसमें हड्डियां कमजोर हो जाती हैं और अपनी ताकत खोने लगती हैं। इस वजह से सामान्य हड्डियों की तुलना में इनके टूटने की संभावना अधिक बढ़ जाती है। आजकल गतिहीन जीवनशैली के कारण यह समस्या बच्चों में भी बढ़ रही है। यदि बच्चे हड्डियों से संबंधित किसी भी समस्या को महसूस कर रहे हैं, उन्हें हड्डियों में दर्द रहता है, गिरने से हड्डियों में फ्रैक्चर हो जाती है, तो इसे आप नजरअंदाज ना करें और डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें।
बच्चों में ऑस्टियोपोरोसिस के कारण
बच्चों में ऑस्टियोपोरोसिस के निम्नलिखित कारण हो सकते हैं:
- ऑस्टियोजेनेसिस इम्परफेक्टा
- इन्फ्लामेटरी स्थितियां जैसे जुवेनाइल अर्थराइटिस या क्रोहन डिजीज
- टाइप- 1 डायबिटीज
- टाइप- 2 डायबिटीज
- हाइपरथॉयराइडिज्म
- कैल्शियम और विटामिन डी की कमी
- क्रोनिक रोग और इसके उपचार
बच्चों में ऑस्टियोपोरोसिस के लक्षण
बच्चों में ऑस्टियोपोरोसिस के मुख्य लक्षण हैं:
- पीठ के नीचले हिस्से, कूल्हों, घुटनों, टखनों और पैरों में दर्द
- चलने में परेशानी
- बार-बार हड्डी टूटना- खासतौर पर पैर, टांग या टखने में फ्रैक्चर
- आसानी से हड्डी टूटना, खासतौर पर लम्बी हड्डियां आसानी से टूटती हैं
- रीढ़ का मुड़ना या ऊंचाई में कमी आना
- अचानक वजन कम होना
- सांस फूलना
ऑस्टियोपोरोसिस का उपचार क्या है?
- कैल्शियम, विटामिन डी और प्रोटीन से युक्त आहार बच्चों को खाने के लिए दें।
- प्रतिदिन सुरक्षित शारीरिक व्यायाम जरूर कराएं।
- ऑस्टियोपोरोसिस के उपचार के लिए डॉक्टर के निर्देशानुसार दवाएं खिलाएं।