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World Osteoporosis Day 2020: पुरुषों की तुलना में महिलाओं में ऑस्टियोपोरोसिस होने का जोखिम अधिक, जानें वजह।© Shutterstock.
Osteoporosis Symptoms in Hindi: आज हड्डी और जोड़ों की बिमारियों की समस्या आम होती जा रही है। आलम यह है कि कम उम्र में ही लोगों को हड्डियों से संबंधित रोग होने लगे हैं। हड्डी के रोग जैसे अर्थराइटिस, ऑस्टियोपोरोसिस, ऑस्टियोपेनिया, क्रोनिक ऑस्टियोअर्थराइटिस आदि से अधिकतर लोग पीड़ित होते जा रहे हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया भर में, ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis) के कारण प्रत्येक वर्ष 89 लाख से अधिक फ्रैक्चर (Bone fracture) होते हैं। इतना ही नहीं, प्रत्येक 3 सेकेंड में एक ऑस्टियोपोरोटिक फ्रैक्चर (Osteoporotic fracture) होता है। कल (20 अक्टूबर) को पूरी दुनिया में ओस्टियोपोरोसिस के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए 'वर्ल्ड ऑस्टियोपोरोसिस डे 2020' (World Osteoporosis Day 2020 in hindi) मनाया जाता है।
ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis in hindi) जैसे गंभीर हड्डियों के रोग की तरफ लोगों का ध्यान दिलाने के लिए वर्ष 1999 से इंटरनेशनल ऑस्टियोपोरोसिस फाउंडेशन हर वर्ष 20 अक्टूबर को 'वर्ल्ड ऑस्टियोपोरोसिस डे' मनाया जा रहा है। हालांकि, इस दिन की शुरुआत यूनाइटेड किंगडम में 1996 में नेशनल ऑस्टियोपोरोसिस सोसायटी द्वारा की गई थी।
एक अनुमानित रिपोर्ट के अनुसार, ऑस्टियोपोरोसिस से दुनिया भर में लगभग 20 करोड़ महिलाएं प्रभावित होती हैं। इनमें हर उम्र की महिलाएं शामिल होती हैं। दस में से एक महिला की उम्र 60 वर्ष, 5 में से 1 महिला की उम्र 70, 5 में से 2 महिला की उम्र 80 वर्ष और दो तिहाई महिलाएं 90 वर्ष की होती हैं। 'वर्ल्ड ऑस्टियोपोरोसिस डे' के उपलक्ष पर जानें क्या है ऑस्टियोपोरोसिस, इसके लक्षण, कारण…
हड्डियों की यह एक गंभीर बीमारी है, जिसमें हड्डियां कमजोर हो जाती हैं। इससे आपको चलने-फिरने और अपने रूटीन वर्क को पूरा करने में भी समस्या हो सकती है। महिलाओं में यह समस्या पुरुषों से ज्यादा होती है।ऑस्टियोपोरोसिस में हड्डियां इतनी कमजोर हो जाती हैं कि इस रोग से पीड़ित मरीज आसानी से गिर जाते हैं। ऐसी घटनाओं में, कूल्हे व जोड़ों की हड्डियों के टूटने की संभावना अधिक होती है। इस समस्या को बढ़ती उम्र की समस्या मानकर अनदेखा ना करें वरना आपको पूरी तरह से दूसरों पर निर्भर रहना पड़ेगा।
यह समस्या होने पर पीठ दर्द, हल्की चोट लगने से भी हड्डियों का टूटना, थकान महसूस करना, बौना कद और कूबड़ निकलना आदि शामिल हैं। हड्डियां कैल्शियम, प्रोटीन, फॉस्फोरस के साथ ही कई प्रकार के मिनरल्स से बनी होती हैं। ऐसे में जरूरी है कि आप उम्र बढ़ने के साथ ही अपनी हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए कैल्शियम से भरपूर खान-पान लेना शुरू कर दें।
हड्डी के इस रोग से बचना चाहते हैं, तो बोन डेंसिटी और घनत्व को दोबारा पाने के लिए कैल्शियम में भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन अधिक शामिल करें। आयुर्वेद के अनुसार, अपने खानपान में वात को शांत करने वाले खाद्य पदार्थ, कैल्शियम, विटामिन डी और अन्य पोषक तत्त्वों को शामिल करें। इसके लिए हरी-पत्तेदार सब्जियां, साबुत अनाज, दूध, दही और अन्य पेय पदार्थ जो कैल्शियम से भरपूर होते हैं, उन चीजों को जरूर खाएं।
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