World No-Tobacco Day 2026: भारत में तंबाकू से 13 लाख मौतें, WHO की नई चेतावनी!
क्या आप जानते हैं कि भारत में हर साल तंबाकू उतने लोगों की जान लेता है जितनी कई बड़ी बीमारियां मिलकर भी नहीं ले पातीं? World No-Tobacco Day 2026 पर WHO ने ऐसा क्या कदम उठाया है, जो करोड़ों लोगों की जिंदगी बदल सकता है?
हर फिल्म से पहले सिनेमा हॉल और टीवी पर एक विज्ञापन चलता है धूम्रपान स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। कृपया इससे दूरी बनाएं। बड़े स्तर पर जागरूकता चलाए जाने के बावजूद भारत के लोग एक बड़ी मात्रा में सिगरेट, ई- वेपिंग, बीड़ी और तंबाकू का सेवन करते हैं। तंबाकू सेहत के लिए कितना हानिकारक है, इसके बारे में वैश्विक स्तर पर लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 31 मई को विश्व तंबाकू निषेध दिवस (World No-Tobacco Day) मनाया जाता है। इस साल विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने युवाओं और बच्चों को तंबाकू और निकोटीन की लत से बचाने पर खास जोर दिया है। WHO ने विशेषकर भारत में युवाओं के बीच तंबाकू को लेकर एक बड़ी चेतावनी दी है।
भारत में कितनी बड़ी समस्या है तंबाकू?
आंकड़ों के मुताबिक, तंबाकू की वजह से भारत में हर साल करीब 13 लाख लोगों की मौत होती है। सिगरेट और बीड़ी के अलावा गुटखा, खैनी, जर्दा और अन्य तंबाकू उत्पाद भी लोगों की सेहत को गंभीर नुकसान पहुंचाते हैं। भारत में तंबाकू का इस्तेमाल करने वालों की संख्या बहुत ज्यादा है।
WHO ने क्या कहा है?
WHO का कहना है कि तंबाकू कंपनियां नए-नए तरीकों से युवाओं को अपने प्रोडक्ट्स की ओर आकर्षित करने की हर कोशिश कर रही है और युवा इसके झांसे में आ भी रहे हैं। रंग-बिरंगी पैकेजिंग, फ्लेवर वाले प्रोडक्ट और सोशल मीडिया के जरिए प्रचार से बच्चे और युवाओं के दिमाग को तेजी से प्रभावित कर रहे हैं। इस दौरान WHO ने भारत से तंबाकू और निकोटीन उत्पादों के प्रचार पर सख्ती बढ़ाने की अपील की है।
तंबाकू से कौन-कौन सी बीमारियां हो सकती हैं?
तंबाकू शरीर के लगभग हर हिस्से को नुकसान पहुंचाता है। इससे कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसमें मुख्य रूप से शामिल हैः
- फेफड़ों का कैंसर
- मुंह और गले का कैंसर
- दिल की बीमारी
- हार्ट स्ट्रोक
- सांस की गंभीर बीमारियां
- हाई ब्लड प्रेशर
- प्रेग्नेंसी से जुड़ी परेशानियां
इतना ही नहीं, जो लोग खुद तंबाकू नहीं लेते लेकिन धुएं के संपर्क में रहते हैं, उनकी सेहत पर भी बुरा असर पड़ सकता है।
तंबाकू युवाओं के लिए क्यों है बड़ा खतरा?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ई-सिगरेट और निकोटीन वाले नए उत्पाद युवाओं को तेजी से अपनी गिरफ्त में ले रहे हैं। कई बार बच्चे इन्हें कम नुकसानदायक समझ लेते हैं, लेकिन इनमें मौजूद निकोटीन लत पैदा कर सकता है और दिमाग के विकास को प्रभावित कर सकता है।
तंबाकू छोड़ने के क्या फायदे हैं?
- तंबाकू छोड़ने के बाद शरीर खुद को ठीक करना शुरू कर देता है।
- 20 मिनट के भीतर दिल की धड़कन और ब्लड प्रेशर सामान्य होने लगते हैं।
- 24 घंटे के भीतर दिल के दौरे का खतरा कम होने लगता है।
- कुछ हफ्तों में सांस लेने में सुधार महसूस हो सकता है।
- लंबे समय में कैंसर और दिल की बीमारी का खतरा काफी कम हो जाता है।
तंबाकू एक ऐसी आदत है जो धीरे-धीरे शरीर को नुकसान पहुंचाती है। भारत में हर साल 13 लाख लोगों की मौत इस वजह से होती है। World No-Tobacco Day हमें याद दिलाता है कि तंबाकू से दूरी बनाकर हम खुद और अपने परिवार को कई गंभीर बीमारियों से बचा सकते हैं।
Disclaimer: तंबाकू चबाना, सिगरेट और बीड़ी का धुआं स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। अगर आप भी इस तरह की चीजों का इस्तेमाल करते हैं, तो इसे तुरंत छोड़ें।