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Written By: Yogita Yadav | Published : May 10, 2019 1:43 PM IST
इस बीमारी के लक्षण के रूप में चेहरे पर तितली जैसे लाल रंग के रेशेज हो जाते हैं, जबकि इसके प्रभाव बहुत ही कष्टकर हैं। चेहरे पर दिखने वाले ल्यूपस के बटरफ्लाई रेशेज धूप में ज्यादा उभर आते हैं। © Shutterstock.
ल्यूपस इम्यून सिस्टम से जुड़ा रोग है। इसमें शरीर की रक्षा करने वाले टिश्यूज ही शरीर के लिए मुश्किल खड़ी कर देते हैं। ल्यूपस (Lupus erythematosus) प्रतिरक्षा प्रणाली की समस्या से सम्बन्धित कई रोगों का सामूहिक नाम है। इस बीमारी के लक्षण के रूप में चेहरे पर तितली जैसे लाल रंग के रेशेज हो जाते हैं, जबकि इसके प्रभाव बहुत ही कष्टकर हैं। ल्यूपस पर जागरुकता बढ़ाने के लिए 10 मई को विश्व ल्यूपस दिवस मनाया जाता है। ल्यूपस के अन्य अंगों पर तो दुष्प्रभाव होते ही हैं, पर सबसे पहले परेशान करते हैं चेहरे पर बटरफ्लाई रेशेज। इन्हें समाप्त तो नहीं किया जा सकता पर संतुलित और पोषक आहार एवं हेल्दी आदतों से इन्हें कंट्रोल किया जा सकता है।
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इन बातों का रखें ध्यान
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इन चीजों को करें आहार में शामिल
फल और सब्जियां, कैलोरी और संतृप्त वसा की कमी वाले आहार और एंटीऑक्सीडेंट से समृद्ध आहार, फाइबर, कैल्शियम, विटामिन डी और ओमेगा 3 फैटी एसिड युक्त आहार लिए जाने चाहिए।
अनाज फाइबर, ऊर्जा, फोलिएट, बी6, बी2, सेलेनियम और जिंक का अत्यंत बढ़िया स्रोत होते हैं और इनमें प्राकृतिक रूप से वसा कम पाई जाती है। कुछ साबुत अनाजों में भूरे और जंगली चावल, होल वीट ब्रेड, होल वीट पास्ता, बाजरा, जई, क्विनोआ, मक्का, और जौ आदि हैं।
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कैल्शियम युक्त आहार मजबूत दांतों और हड्डियों के निर्माण में सहायक होते हैं, जो कि लुपस रोगी के लिए उनकी ऑस्टियोपोरोसिस के खतरे के चलते अत्यंत महत्वपूर्ण है।
ल्यूपस पीड़ित कुछ लोगों को हर रात 12 घंटों तक की नींद की आवश्यकता होती है। इसलिए भरपूर आराम करें। © Shutterstock.
ओमेगा 3 फैटी एसिड्स से समृद्ध आहारों में मछली, अलसी के बीज, अखरोट, केनोला का तेल, अखरोट का तेल और अलसी का तेल आदि हैं जिनमें प्राकृतिक रूप से सूजन रोधी पदार्थ होते हैं और संपूर्ण शरीर में फैले ल्यूपस के कारण उत्पन्न सूजन को कम करने में सहायक होते हैं।
एंटीऑक्सीडेंट से समृद्ध आहार (जैसे हरी, पत्तेदार सब्जियां) और फल (जैसे जामुन, अनार, और चेरी) अधिक मात्रा में लें।
इनसे करें परहेज
संतृप्त वसा, ट्रांस फैट, और कोलेस्ट्रॉल युक्त पदार्थ।
रेड मीट और उच्च वसायुक्त मीट जैसे लिवर, अंगों का मांस और गहरे रंग का मांस।
अल्कोहलयुक्त पेय, नमकीन भोज्य पदार्थ, शक्कर द्वारा मीठे किये गए पेय, कैंडी, स्नैक्स, मिठाइयां, और अल्फाल्फा स्प्राउट्स।
व्यायाम भी है मददगार
हल्के दबाव वाली गतिविधियां चुनें जो आपके जोड़ों पर जोर ना डालें। इनमें पैदल चलना, साइकिलिंग, तैरना आदि शामिल हैं।
लचीले बनाने वाले व्यायामों में स्ट्रेचिंग और गतिकारक व्यायाम आते है। ये जकड़न कम करते हैं और आपको अधिक फुर्तीला बनाते हैं।
मजबूती देने वाले व्यायामों जैसे प्रतिरोधक प्रशिक्षण या वजन उठाने वाले व्यायाम मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं और जोड़ों के लिए भी बेहतर होते हैं।
मालिश रक्तसंचार को सुधारती है जिससे ल्यूपस प्रभावित हिस्सों को आराम मिलता है।
खुद को तंदरुस्त रखने के लिए आप योग का भी सहारा ले सकते हैं।