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World Lung Cancer Day 2020: लंग कैंसर फेफड़ों से जुड़ा कैंसर है। जिसमें, फेफड़ों में सेल्स में अचानक से बदलाव आने लगता है। आमतौर पर शरीर में सेल्स कुछ समय बाद नष्ट हो जाती हैं, जिनकी जगह पर नयी सेल्स बनने लगती हैं । लेकिन, जब कैंसर हो तो, इन सेल्स का विकास बहुत ज़्यादा होने लगता है। ये सेल्स एक जगह इकट्ठा हो जाती हैं, जिसके चलते ट्यूमर या गांठ बनने लगती है। कैंसर वाली सेल्स से बनी इस गांठ के कारण आगे चलकर कैंसर डेवलप हो सकता है। जैसे-जैसे ट्यूमर बढ़ता है, कैंसर के लक्षण भी दिखायी पड़ने लगता है। लंग कैंसर में लोगों को सांस लेने की परेशानी होती है। जैसा कि कैंसर की समस्या धीरे-धीरे फैलती और गम्भीर होती है। इसीलिए, इसका समय पर इलाज करना ज़रूरी है। इलाज में देरी के कारण यह समस्या खतरनाक और जानलेवा भी हो सकती है।(World Lung Cancer Day 2020 )
फेफड़ों से जुड़े कैंसर के 2 प्रकार है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, लंग कैंसर के प्रकार तय करने के लिए कैंसरस सेल्स के आकार की माइक्रोस्कोप की मदद से जांच करने के बाद तय किया जाता है। लंग कैंसर का पता लगाने के बाद डॉक्टर्स उसी हिसाब से कैंसर के इलाज का तरीका तय करते हैं। आइए जानते हैं कि, लंग कैंसर के प्रकार क्या हैं:
धूम्रपान या स्मोकिंग की वजह से यह कैंसर होता है। धूम्रपान करने वाले लोगों को इस प्रकार का कैंसर बहुत आम है। इसके अलावा बाकी लोगों में नॉन स्मॉल सेल लंग कैंसर की संभावना थोड़ी कम होती है।
फेफड़ों के कैंसर के ज़्यादातर मामले इसी वर्ग में आते हैं। नॉन स्मॉल सेल लंग कैंसर में कैंसर के अन्य 3 प्रकार के मामले गिने जाते हैं। जिनके नाम हैं, स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा (squamous cell carcinoma), लार्ज सेल कार्सिनोमा (adenocarcinoma and large) और एडेनोकार्सिनोमा
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