
आशु कुमार दास
आशु कुमार दास एक अनुभवी हेल्थ कंटेंट स्पेशलिस्ट हैं। इन्हें हेल्थ कंटेंट राइटर के तौर पर काम करते हुए 6 ... Read More
Written By: Ashu Kumar Das | Published : April 17, 2026 8:07 PM IST
वर्ल्ड लिवर डे को मनाने का उद्देश्य लिवर से जुड़ी बीमारी के प्रति जागरूक करना है।
भारत जैसे अन्य विकासशील देशों में गलत खानपान, एक्सरसाइज नहीं करने और डेस्क जॉब के कारण लिवर से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। रिसर्च बताती है कि भारत में हर 5 में से 1 व्यक्ति फैटी लिवर से प्रभावित है। 2030 तक फैटी लिवर के मामलों में और भी ज्यादा बढ़ोतरी हो सकती है। फैटी लिवर के साथ- साथ हमारे देश में लिवर सिरोयसिस के मरीजों का आंकड़ा भी बढ़ा रहा है। लिवर से जुड़ी बीमारियों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा 19 अप्रैल को वर्ल्ड लिवर डे (World Liver Day 2026) मनाया जाता है। वर्ल्ड लिवर डे के खास मौके पर हम आपको बताने जा रहे हैं, इस दिन का इतिहास, थीम और महत्व के बारे में।
विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा हर साल 19 अप्रैल को वर्ल्ड लिवर डे (World Liver Day) मनाया जाता है। वर्ल्ड लिवर डे को मनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को लिवर (यकृत) की सेहत के प्रति जागरूक करना और उससे जुड़ी बीमारियों से बचाव के बारे में जानकारी देना है।
वर्ल्ड लिवर डे को मनाने की शुरुआत 2010 में हुई थी।
वर्ल्ड लिवर डे की शुरुआत 2010 में यूरोपीय लिवर अध्ययन संघ (EASL) द्वारा की गई थी। 1996 में 19 अप्रैल को ही EASL की स्थापना की गई थी। इसके बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन और विशेषज्ञों द्वारा इस दिन को बड़े स्तर पर मनाया जाने लगा, ताकि बढ़ती लिवर बीमारियों के प्रति लोगों को जागरूक किया जा सके। आज के समय में गलत खान-पान, शराब का सेवन, मोटापा और वायरल संक्रमण जैसे कारणों से लिवर से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। इसी वजह से इस दिन को मनाने की जरूरत महसूस हुई। स्वास्थ्य संगठन हेपेटाइटिस, सिरोसिस, फैटी लिवर और लिवर कैंसर सहित लिवर से संबंधित बीमारियों के बारे में लोगों को वर्ल्ड लिवर डे के प्रति जागरूक करते हैं। इस खास मौके पर लोकल, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर कई प्रकार के कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। खास बात यह है कि 2010 के बाद हर साल एक खास थीम पर वर्ल्ड लिवर डे को मनाया जाता है।
इस साल वर्ल्ड लिवर डे की थीम 'अच्छी आदतें, स्वस्थ लिवर' है। वर्ल्ड लिवर डे की थीम इस बात को दर्शाती है कि अपनी रोजमर्री की जीवनशैली में छोटे- छोटे बदलाव करके लिवर से जुड़ी बीमारियों से बचाव किया जा सकता है। संतुलित आहार, शारीरिक रूप से सक्रिय रहना, शराब का सेवन सीमित करना और नियमित लिवर जांच करवाने से लिवर से जुड़ी बीमारियां कम होती है। यह विषय लोगों को अपने लिवर के स्वास्थ्य में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए भी प्रेरित करता है।
लिवर सही तरीके से काम करें तो इससे बीमारियों का खतरा कम होता है।
वर्ल्ड लिवर डे को मनाने के पीछे कई महत्वपूर्ण कारण हैं:
सही खानपान, जीवनशैली को अपनाकर लिवर की बीमारियों से दूर रहना।
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की वेबसाइट पर छपी रिपोर्ट बताती है कि लिवर मानव शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है। लिवर शरीर में 1 या 2 नहीं बल्कि 500 से अधिक काम करता है। लिवर का मुख्य काम हमारे द्वारा खाए गए खाने को पचाना,
शरीर से विषैले पदार्थ (टॉक्सिन) निकालना, एनर्जी को स्टोर करना और खून को साफ करना। अगर लिवर सही तरीके से काम नहीं करता है, तो शरीर के यह सभी हिस्से इससे प्रभावित होते हैं। वर्ल्ड लिवर डे सिर्फ एक दिन नहीं, बल्कि एक संदेश है कि हमें अपने लिवर को भी सेहत के प्रति जागरूक रहना चाहिए।
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
हां, नींबू पानी का नियमित सेवन यूरिक एसिड को कम करने में मददगार हो सकता है। नींबू पानी में मौजूद विटामिन C और साइट्रिक एसिड शरीर को डिटॉक्सिफाई करते हैं और यूरिक एसिड के क्रिस्टल को घोलकर किडनी के जरिए बाहर निकालते हैं।
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