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World Iodine Deficiency Day 2021: आयोडिन की कमी ही नहीं, इसकी अधिक मात्रा से भी होती हैं बीमारियां, स्टडीज़ और एक्सपर्ट्स से जाने आयोडिन के नुकसान

शरीर में आयोडिन की कमी के प्रभावों और इसके नुकसान के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए प्रति वर्ष 21 अक्टूबर को आयोडिन डेफिशिएंसी डे (World Iodine Deficiency Day) मनाया जाता है।

World Iodine Deficiency Day 2021: आयोडिन की कमी ही नहीं, इसकी अधिक मात्रा से भी होती हैं बीमारियां, स्टडीज़ और एक्सपर्ट्स से जाने आयोडिन के नुकसान

Written by Sadhna Tiwari |Updated : October 21, 2021 12:56 PM IST

World Iodine Deficiency Day 2021: आयोडिन युक्त नमक हड्डियों की मज़बूती, इम्यूनिटी और थायराइड से बचाव के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया जाता है और इसीलिए, आयोडिन युक्त नमक के सेवन की सलाह हेल्थ एक्सपर्ट्स द्वारा हमेशा दी जाती है। जब आयोडिन युक्त नमक का सेवन कम कर दिया जाता है कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का रिस्क भी बढ़ जाता है। शरीर में आयोडिन की कमी के प्रभावों और इसके नुकसान के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए प्रति वर्ष 21 अक्टूबर को आयोडिन डेफिशिएंसी डे (World Iodine Deficiency Day)मनाया जाता है। वहीं, आयोडिन की बहुत अधिक मात्रा भी शरीर के लिए नुकसानदायक (Side Effects of high iodine intakes) बतायी जाती है। जी हां, एक स्टडी में दावा किया गया है कि आयोडिन की अधिक मात्रा से टाइप 2 डायबिटीज का रिस्क बढ़ता है। (High iodine intake and risk of type 2 diabetes)

क्या आयोडिन युक्त नमक बन सकता है डायबिटीज की वजह ?

गौरतलब है कि, टाइप 2 डायबिटीज की बीमारी (type 2 diabetes) आज दुनियाभर में एक बड़े स्वास्थ्य संकट के तौर पर देखी जा रही है क्यों टाइप 2 डायबिटीज के मरीजों की संख्या लगातार और तेज़ी से बढ़ रही हैं। डायबिटीज के मरीजों को अपनी डाइट में नमक (salt), चीनी (sugar) और तेल (oil) की मात्रा के प्रति बहुत अधिक सावधानी बरतने की सलाह सबसे पहले दी जाती है क्योंकि, इन तरीकों से ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित रखने में (ways to control blood sugar level) सहायता होती है।

अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, मुंबई में न्यूट्रिशनिस्ट, श्वेता सावंत (Shweta Sawant, Nutritionist, Apollo Spectra Hospital, Mumbai) कहती हैं कि, अगर किसी व्यक्ति के शरीर में आयोडिन की कमी है तो उसे कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं जैसे,

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न्यूट्रिशनिस्ट, श्वेता सावंत के अनुसार, आयोडिन थायराइड ग्लैंड के स्वास्थ्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण तत्व है। इसीलिए, हर व्यक्ति को थायराइड और अन्य बीमारियों से बचने के लिए सही मात्रा में आयोडिन रिच फूड का सेवन करना चाहिए। अपने स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए आपको रोज़ाना कितनी मात्रा में आयोडिन युक्त नमक का सेवन करना चाहिए, इसके बारे में किसी विशेषज्ञ की सलाह ज़रूर लें। एक्सपर्ट द्वारा बतायी की सही मात्रा में आयोडिन मिलने से इन हेल्थ प्रॉब्लम्स से बचने में मदद हो सकती है।

क्या कहती है रिसर्च और स्टडीज

आयोडिन थायराइड हार्मोन्स के उत्पादन और उनके सही तरीके से कार्य करने के लिए आवश्यक एक महत्वपूर्ण पोषक तत्व है। बहुत अधिक आयोडिन की मात्रा से थायराइड डिसॉर्डर का रिस्क बढ़ता है। इसी तरह थायराइड ग्लैंड की कार्यक्षमता बिगड़ने से और डायबिटीज का रिस्क भी बढ़ने की संभावना बढ़ जात है। आयोडिन की अधिक मात्रा और टाइप 2 डायबिटीज के रिस्क को समझने के लिए एक स्टडी की गयी।  यूनिवर्सिटी ऑफ पेरिस  (University Versailles, Saint Quentin, University Paris-Sud, Villejuif, France) के शोधकर्ताओं द्वारा की गयी एक स्टडी में महिलाओं में टाइप 2 डायबिटीज के रिस्क और आयोडिन इंटेक के बीच संबंध का पता लगाने के प्रयास किए गए। इस स्टडी के अनुसार, जिन महिलाओं की डाइट से उन्हें अधिक आयोडिन प्राप्त हो रहा था उनमें, टाइप 2 डायबिटीज के लक्षण अधिक देखे गए।

इसी तरह की एक और स्टडी के लिए 49 ऐसे लोगों को चुना गया जिन्हें टाइप 2 डायबिटीज मेलिटस पाया गया था वहीं 49 स्वस्थ लोगो को भी स्टडी में प्रतिभागी के तौर पर शामिल किया गया। इन सभी लोगों की उम्र 18-64 वर्ष के बीच थी और मार्च 2017 से लेकर जून 2017 तक इनका निरीक्षण किया गया।  स्टडी के दौरान इन सबकी रोज़मर्रा की डाइट का विश्लेषण किया गया और पाया गया कि-

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  • डायबिटीज वाले प्रतिभागी रोज़ाना 91.8 प्रतिश आयोडिन का सेवन कर रहे थे जबकि, अन्य नॉन-डायबिटिक और स्वस्थ लोगों में आयोडिन का स्तर का 69.4 फीसदी था।
  • इसी तरह डायबिटीज से पीड़ित पुरुषों में 90.5 प्रतिशत और महिलाओं में 55.6 प्रतिशत आयोडिन इंटेक देखा गया। इसका अर्थ है कि पुरुष मधुमेह के मरीज महिलाओं (डायबिटीज से पीड़ित) की तुलना में अधिक मात्रा में आयोडिन का सेवन कर रहे थे।

(डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गयी बीमारी से जुड़ी सभी जानकारियां सूचनात्मक उद्देश्य से लिखी गयी है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के इलाज  से जुड़े किसी भी निर्णय को लेने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह लें और उनके परामर्श अनुसार ही निर्णय लें।)