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World hypertension day 2024: एक्सपर्ट्स ने बताया समय रहते हाई बीपी को कंट्रोल करना क्यों है जरूरी

विश्व हाइपरटेंशन दिवस 2024 के मौके पर एक्सपर्ट्स ने हाई ब्लड प्रेशर से जुड़ी बीमारियों के बारे में बताया जो स्थिति को गंभीर बनाने का कारण बन सकती है। डॉक्टर से हाइपरटेंशन की बीमारी के बारे में कुछ जरूरी जानकारी

Written By Mukesh Sharma
Updated : May 17, 2024 2:57 PM IST

Hypertension day: वैश्विक स्तर पर हाई ब्लड प्रेशर की समस्या गंभीर रूप से कई लोगों को प्रभावित कर रही है। पहले के समय में यह समस्या उम्र बढ़ने के साथ होती थी लेकिन वर्तमान समय में बहुत से युवा भी इस समस्या की चपेट में आ रहे हैं। हाई ब्लड प्रेशर से होने वाले खतरों के बारे में लोग सतर्क रहें और बचाव के लिए जागरूक रहें, इसी उद्देश्य से हर साल 17 मई को विश्व हाइपरटेंशन दिवस मनाया जाता है। आइये इस लेख के माध्यम से समझते हैं कि हाई ब्लड प्रेशर किस तरह की समस्याएं बढ़ाता हैं और किस तरह से आपको इससे बचना चाहिए। इस लेख में एक्सपर्ट्स ने हाई बीपी यानी हाइपरटेंशन के बारे में कुछ जरूरी जानकारियां दी, जिसके बारे में हर किसी को जानना जरूरी है।

हाई ब्लड प्रेशर बन सकता है गंभीर बीमारियों का कारण

डॉ. हेमंत मदान, सीनियर डायरेक्टर और प्रोग्राम हेड कार्डियक साइंसेज, नारायणा हॉस्पिटल, गुरुग्राम के अनुसार, सामान्य रूप से एक स्वस्थ व्यक्ति का ब्लड प्रेशर 80/120 होता है। ब्लड प्रेशर और कुछ नहीं बल्कि वह प्रेशर है, जिसकी मदद से ब्लड धमनियों (आर्टरीज) तक पहुंचता है। हाई ब्लड प्रेशर की स्थिति में व्यक्ति का ब्लड प्रेशर 90/140 या इसके उपर पहुँच जाता है। ऐसे में शरीर की धमनियों में रक्त का दबाव अधिक बढ़ जाता है। अक्सर दिनभर में रक्त चाप कई बार बढ़ता और कम होता रहता है, लेकिन अगर हाई ब्लड प्रेशर की स्थिति लंबे समय तक रहती है तो यह सेहत के लिए हानिकारक हो सकती है और इसके कई दुष्प्रभाव सामने आ सकते हैं। इस समस्या के कारण ह्रदय रोग, हार्ट फेलियर और स्ट्रोक जैसी अनेक बीमारियां होने का खतरा रहता है।

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हाई ब्लड प्रेशर के कारण

डॉ अविनाश बंसल, इंटरवेंशनल, क्लिनिकल एंड क्रिटिकल कार्डियोलॉजी एंड इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी, श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट के अनुसार, ज्यादातर हाई ब्लड प्रेशर के मामलों में कोई एक कारण जिम्मेदार नहीं होता है। अनियमित जीवन शैली, खराब खानपान, आनुवंशिक कारण और प्रदूषण से जुड़े हुए कारण जब सामूहिक रूप से लंबे समय तक किसी व्यक्ति को प्रभावित करते हैं, तो हाई ब्लड प्रेशर की समस्या बढ़ने लगती है। शारीरिक गतिविधि की कमी, जंक फूड और प्रोसेस्ड फूड का अधिक सेवन, अनियमित लाइफस्टाइल, अधिक सिगरेट और शराब का सेवन व्यक्ति को हाइपरटेंशन का शिकार बना देता है। इसके अलावा तनाव भी मुख्य रूप से हाई ब्लड प्रेशर के लिए जिम्मेदार होता है क्योंकि अधिक तनाव के कारण ऐसे हार्मोन निकलते हैं, जो रक्त वाहिकाओं पर दबाव डालते हैं और ब्लड प्रेशर बढ़ने लगता है। ऐसे में इन कारणों को समझ कर लाइफस्टाइल में आवश्यक परिवर्तन करना जरूरी है।

हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण

डॉ ललित कपूर, सीनियर कंसलटेंट, कार्डिएक सर्जरी (वयस्क), नारायणा हॉस्पिटल आरएन टैगोर हॉस्पिटल, मुकुंदपुर के अनुसार, हाई ब्लड प्रेशर को एक तरह से साइलेंट किलर के नाम से भी जाना जाता है। अक्सर ऐसा देखा गया है कि हाई ब्लड प्रेशर के मरीज में लक्षण या किसी भी तरह के संकेत जल्दी देखने को नहीं मिलते हैं, लेकिन इसके कुछ सामान्य लक्षण हैं, जिनका पता लगने के बाद आप ब्लड प्रेशर की जांच करा सकते हैं। इन लक्षणों में चक्कर आना सांस लेने में मुश्किल होना, थकान, नाक से खून आना, अक्सर सिर दर्द रहना, नजर में परिवर्तन आना, सीने में दर्द महसूस होना और यूरिन के साथ ब्लड आना जैसे लक्षण शामिल हैं। ऐसे लक्षणों के प्रति सतर्कता आवश्यक है। भूल कर भी ऐसे लक्षणों के प्रति लापरवाही ना बरतें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करके आवश्यक जांच कराएं।

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हाई ब्लड प्रेशर से बचाव

डॉ. समीर कुब्बा, डायरेक्टर - कार्डियोलॉजी, धर्मशिला नारायणा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, दिल्ली ने बताया कि, लंबे समय तक हाई ब्लड प्रेशर की स्थिति शरीर में कई गंभीर बीमारियां उत्पन्न कर सकती है इसलिए बचाव के तौर पर आपको कुछ सावधानी बरतने की आवश्यकता है। सबसे पहले तो आप नमक का सेवन सीमित करें, शराब और धूम्रपान का सेवन बिल्कुल भी ना करें, अपने तनाव को कम करने के लिए व्यायाम और योग को प्राथमिकता दें, फास्ट फूड के सेवन से बचें, सिर्फ पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थों का ही सेवन करें और चाय एवं कॉफी का सेवन भी कम करें । इसके अलावा नियमित रूप से अपने ब्लड प्रेशर की जांच कराते रहें और डॉक्टर के संपर्क में बने रहें।