World Hypertension Day 2020 : इन 4 आसन से हाइपरटेंशन को करें कंट्रोल, जानें इसके मुख्य कारण और लक्षण
हेल्थ गाइडलाइन्स के अनुसार, 130/80 mmHg से अधिक रक्त का दबाव होने पर व्यक्ति हाइपरटेंशन का शिकार हो जाता है। हाई ब्लड प्रेशर (World Hypertension Day 2020) शरीर के किसी भी अंग को कभी भी प्रभावित कर सकता है, लेकिन यह सबसे अधिक हृदय को प्रभावित करता है।
World hypertension day 2020 : हाइपरटेंशन के कारण, लक्षण और बचने के उपाय
Written by Kishori Mishra|Updated : May 16, 2020 4:48 PM IST
World Hypertension Day 2020 : हाइपरटेंशन के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए हर साल 17 मई को वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे (World Hypertension Day 2020) मनाया जाता है। हाइपरटेंशन साइलेंट किलर बीमारी है, क्योंकि ज्यादातर लोगों में इसके बाहरी लक्षण नहीं दिखते हैं। अनियमित खानपान और स्ट्रेस हाइपरटेंशन का मुख्य कारण है। यह समस्या किसी भी व्यक्ति को हो सकती है, लेकिन ज्यादातर ऐसे व्यक्ति हाइपरटेंशन के शिकार होते हैं, जो अपने घर से दूर रहते हैं। हाइपरटेंशन को ही हाई ब्लड प्रेशर की समस्या कहते हैं। इस समस्या के कारण धमनियों में रक्त का दबाव काफी बढ़ जाता है। धमनियों में रक्त का प्रवाह बनाए रखने के लिये दिल को अधिक काम करने की जरूरत होती है।
हेल्थ गाइडलाइन्स के अनुसार, 130/80 mmHg से अधिक रक्त का दबाव होने पर व्यक्ति हाइपरटेंशन का शिकार हो जाता है। हाई ब्लड प्रेशर (World Hypertension Day 2020) शरीर के किसी भी अंग को कभी भी प्रभावित कर सकता है, लेकिन यह सबसे अधिक हृदय को प्रभावित करता है।
हाइपरटेंशन के मुख्य कारण (causes of Hypertension)
अत्यधिक गुस्सा करना
मोटापा।
नींद की कमी।
नॉनवेज का सेवन अधिक करना।
तैलीय पदार्थों और अनहेल्दी चीजों का सेवन करना।
हाइपरटेंशन के कुछ सामान्य लक्षण (Symptoms of Hypertension)
हाइपरटेंशन होने की स्थिति में व्यक्ति को शुरुआत में सिर के पीछे और गर्दन में दर्द होता है।
इस समस्या के कारण रोगी को सांस लेने में तकलीफ होने लगती है।
ब्लड प्रेशर बढ़ने से व्यक्ति को धुंधला दिखने लगता है।
इसके साथ पेशाब में ब्लड निकलने की भी समस्या हो सकती है।
हाई ब्लड प्रेशर के कारण, चक्कर आना, थकान और सुस्ती जैसे लक्षण सामने आते हैं।
उच्च रक्तचाप की वजह से रात में नींद ना आने के साथ-साथ दिल की धड़कने तेज होने लगती हैं।
हाइपरटेंशन को कंट्रोल में करने के कुछ आसन (Yogasan for Hypertension)
भ्रामरी प्राणायाम
इस प्राणायाम को करने के लिए सांस को अंदर की ओर भर के मध्यमा उंगलियों से नासिका के मूल में आंख के पास दोनों ओर से थोड़ा दबाकर रखें।
अंगूठे के द्वारा दोनों कानों को अच्छे से बंद कर लें।
इसके बाद मधुमक्खी की भांति आवाज निकालें।
इस दौरान सांस को बाहर छोड़ें।
इसे कम से कम तीन से चार बार दोहराएं।
इस प्राणायाम से उच्च रक्तचाप, मानसिक तनाव और हृदय रोग जैसी समस्या दूर होती है।
मार्जरासन
इस आसन को करने के लिए घुटनों और हाथों के बल जमीन पर बैठ जाएं।
इसी अवस्था में रहते हुए, अपनी गर्दन और कमर को ऊपर-नीचे कम से कम दस बार करें।
मार्जरासन से आपके हृदय और फेफड़ों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं।
इसके साथ-साथ नियमित रूप से इस आसन को करने से उच्च रक्त चाप कंट्रोल में रहता है।
सेतुबंधासन
इस आसन को करने के लिए सबसे पहले पीठ के बल लेट जाएं। अपने हाथों को शरीर के बगल में रखें।
घुटने मोड़ते हुए अपने पैरों को हिप्स के नज़दीक ले जाएं।
पीठ को जमीन से ऐसे उठाएं कि शरीर का सारा वज़न आपके पैरों और कंधों पर आए।
इस स्थिति में जितनी देर संभव हो रुकें। इसके बाद सामान्य स्थिति में वापस आ जाएं।
सेतुबंधासन का अभ्यास नियमित रूप से करने पर रक्त का संचार सही से होता है। इसके साथ ही तनाव भी दूर होता है।
अधोमुख शवासन
इस आसन को करने के लिए सबसे पहले वज्रासन में बैठ जाएं।
इसमें पैर की उंगलियों को मोड़ते हुए नितंबों को ऊपर की ओर उठाएं। इस दौरान अपने घुटनों को सीधा करें।
इस आसन को करते समय आपकी हाथों की उंगलियां फैली होनी चाहिए।
ध्यान रहे, आपकी पीठ और भुजाएं एक सीध में हों।
इस आसन को करते समय ऐसा लगे कि शरीर त्रिकोण के आकार में हो।
नियमित रूप से कम से कम 10 से 15 तक मिनट इस आसन का अभ्यास करें।
इस आसन से दिमाग को शांती मिलती है। नियमित रूप से इस आसन को करने से दिमाग में ब्लड का संचार सही तरीके से होता है।
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