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विश्‍व हाइपरटेंशन दिवस 2019 : आहार, जो नहीं होने देंगे हाइपरटेंशन की समस्या

वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे 2019 की थीम “Know Your Numbers” रखी गई है। हाई ब्लड प्रेशर के प्रति लोगों को जागरुक करने का लक्ष्य है।

विश्‍व हाइपरटेंशन दिवस 2019 : आहार, जो नहीं होने देंगे हाइपरटेंशन की समस्या
वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे 2019 की थीम “Know Your Numbers” रखी गई है। हाई ब्लड प्रेशर के प्रति लोगों को जागरुक करने का लक्ष्य है। © Shutterstock

Written by Yogita Yadav |Published : May 16, 2019 6:37 PM IST

हाइपरटेंशन एक ऐसी बीमारी है जो किसी भी तरह के तनाव के बढ़ने से हो सकती है। इसमें ब्‍लड प्रेशर इतना ज्‍यादा बढ़ जाता है कि उससे जान के लिए जोखिम भी खड़ा हो सकता है। लोगों में हाइपरटेंशन के प्रति जागरुकता फैलाने के लिए हर साल 17 मई को वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे मनाया जाता है। इस खास दिन पर लोगों को हाइपरटेंशन के प्रति जागरुक किया जाता है। साथ ही उन्हें बताया जाता है कि इस खतरनाक बीमारी से कैसे बचाव किया जा सकता है।

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“Know Your Numbers”

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वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे पहली बार साल 2005 में 14 मई को वर्ल्ड हाइपरटेंशन लीग द्वारा मनाया गया था। वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे 2019 की थीम “Know Your Numbers” रखी गई है। हाई ब्लड प्रेशर के प्रति लोगों को जागरुक करने का लक्ष्य है। हाइपरटेंशन एक ऐसी बीमारी है जिसमें धीरे-धीरे आपका हार्ट, किडनी व शरीर के दूसरे अंग काम करना बंद कर सकते हैं। हाइपरटेंशन एक साइलेंट किलर है। हाइपरटेंशन कई कारणों से होता है, जिनमें से कुछ कारण शारीरिक और कुछ मानसिक होते हैं। हाइपरटेंशन में रक्तचाप 140 के पार पहुंच जाता है। पर अपने दैनिक जीवन और आहार में थोड़ा सा बदलाव करके आप इस समस्‍या से बच सकते हैं। आइए जानते हैं उन आहार के बारे में जो आपको हाइपरटेंशन से बचाने में सक्षम हैं

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पोटेशियम खाएं

पोटेशियम एक ऐसा खनिज होता है जो रक्तचाप कम करने में मददगार है। पोटेशियम से भरपूर खाद्य पदार्थों में सेम व मटर, गिरियां, पालक, बंदगोभी जैसी सब्जियां, केला, पपीता व खजूर आदि प्रमुखता से शामिल होते हैं।

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सफेद सेम

एसिटाइलकोलाइन (acetylcholine) के उत्पादन के लिए विटामिन बी 1 महत्वपूर्ण है जो एक न्यूरोट्रांसमीटर है जो तंत्रिकाओं से मांसपेशियों तक संदेश पहुंचाता है। दिल इन संकेतों पर निर्भर करता है। ऊर्जा का समुचित उपयोग तंत्रिकाओं और मांसपेशियों के बीच संकेत प्रदान करने में मदद करता है। अध्ययनों से पता चलता है कि सेम में मौजूद विटामिन बी 1 दिल की बीमारी का सामना करने में मदद और दिल की विफलता का भी इलाज करता है। सफेद सेम का एक कप 13 प्रतिशत कैल्शियम 30 प्रतिशत मैग्नीशियम और 24 पोटेशियम प्रदान करता है। आप इन्हें कई प्रकार जैसे सब्जी बनाकर, सूप के रूप में या सलाद में खा सकते हैं।

कद्दू के बीज

कद्दू के बीजों में जिंक प्रचुर मात्रा में पाया जाता है जो तनाव को कम करने में मदद करता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। गौरतलब है कि यदि शरीर में जिंक की कमी हो तो आप डिप्रेशन और चिड़चिडेपन के शिकार हो सकते हैं।

किशमिश

अमेरिकन कॉलेज आफ कार्डियोलॉजी कांफ्रेंस में पेश एक अध्ययन में बताया गया कि दिन में तीन बार मुट्ठी भर किशमिश खाने से बढ़े रक्तचाप में कमी होती है।

सोयाबीन

एक और अध्ययन के मुताबिक सोयाबीन को अपने आहार में नियमित रूप से शामिल करने से भी रक्तचाप को कम करने में मदद मिलती है। 18 से 30 वर्ष की आयु के 5100 श्वेत और अफ्रीकी अमेरिकी लोगों पर किए अध्ययन के अनुसार प्रतिदिन सोयाबीन, पनीर, मूंगफली और ग्रीन टी को अपने भोजन में शामिल करने वाले लोगों के रक्तचाप में कमी दर्ज की गई।

दही

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दही में प्रोटीन, कैल्‍शियम, राइबोफ्लेविन, विटामिन बी 6 और विटामिन बी 12 काफी मात्रा में होते हैं, जो कि उच्‍च रक्‍तचाप की समस्‍या को कम करते हैं और शरीर को कई प्रकार को लाभकारी अवयव मिलते हैं। दही में कैल्शियम अधिक मात्रा में पाया जाता है। यह हड्डियों के विकास में सहायक होता है। साथ ही, दांतों और नाखूनों को भी मजबूत बनाता है। इससे मांसपेशियों के सही ढंग से काम करने में मदद मिलती है।

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