... Read More
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
Written By: akhilesh dwivedi | Updated : April 10, 2019 5:40 PM IST
Gait is a pattern of a person's body while walking, running, or moving in a particular manner. It is characterized by the synchronized movement of several body parts, including the legs, hips, arms, and trunk, and is influenced by various circumstances, including age, physical condition, and injury.
World Homoeopathy Day 2019विश्व होम्योपैथी दिवस हर साल 10 अप्रैल को मनाया जाता है। डॉक्टर सैमुअल एक फिजीशियन थे जिन्होंने होम्योपैथिक दवाओं की खोज की थी। दवाओं और उससे होने वाले इलाज के कई तरीके हैं जिसमें होम्योपैथी इलाज बिना किसी सर्जरी के बीमारी का इलाज करने के लिए जाना जाता है। इसके बारे में आम धारणा है कि होम्योपैथिक दवाओं को कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है। लेकिन क्या सच में ऐसा है कि होम्योपैथिक दवाओं का कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है ?
विचित्र होम्यो एंड योगा क्लिनिक, नोएडा के डायरेक्टर डॉक्टर डी.डी. विचित्र के अनुसार " यह कहना की होम्योपैथिक दवाओं का कोई साइड इफेक्ट नहीं होता यह एक तरफा बात है। किसी भी दवा का साइड इफेक्ट हो सकता है जब उसे नियम के विरूद्ध सेवन किया जाय। भारत में कुछ लोग एक-दो बार डॉक्टर से मिलने के बाद यह मानने लगते हैं कि उन्हें पता है किस चीज में कौन सी दवा देनी है और वो लेने लगते हैं जो कि खतरनाक बात है।"
डॉ. डी.डी. विचित्र समझाते हुए कहते हैं कि "अगर फैक्ट्स देखे जाएं तो होम्योपैथिक दवाओं का कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है। दवा खाते समय अगर कोई पूर्व के लक्षण आ जाएं तो बीमारी जड़ से ठीक हो रही है ऐसा माना जाता है। होम्योपैथिक दवा खाते समय अगर कोई नये लक्षण आते हैं तो वो दवा काम कर रही है इसकी तस्दीक करते हैं। अगर होम्योपैथिक डॉक्टर की देखरेख में दवा ली जाये तो कभी भी नुकसान नहीं करती है।"
डॉ. डी.डी. विचित्र आगे कहते हैं कि "होम्योपैथिक दवाओं का असर बहुत धीरे-धीरे होता है इसलिए इन दवाओं का उपयोग बिना किसी डॉक्टर के परामर्श के नहीं करना चाहिये।"
वजन घटाने के लिए होम्योपैथी कितना कारगर है ?
होम्योपैथिक दवाओं का रखरखाव का ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है। होम्योपैथिक दवाओं को सूर्य की सीधी रोशनी या खुली जगह पर हीं रखना चाहिए। होम्योपैथिक दवाओं को सामान्य तापमान या ठंडे तापमान में रखना ठीक होता है।
होम्योपैथिक दवाओं के सेवन में इस बात का हमेशा ख्याल रखना चाहिए कि दवा की जितनी मात्रा डॉक्टर ने बतायी है उससे अधिक न लें। दवाओं को हाथ में या ज्यादा देर तक खुला नहीं छोड़ना चाहिए।
होम्योपैथिक दवाओं के सेवन से पहले और बाद में कम से कम आधे घंटे का अंतराल कुछ भी खाने पीने में देना चाहिए।
होम्योपैथिक दवाओं के सेवन के दौरान कुछ चीजों को नहीं खाना चाहिए। क्या नहीं खाना है इसके बारे में अपने डॉक्टर से जरूर जान लें।
होम्योपैथिक दवाओं के साथ एलोपैथिक दवा या आयुर्वेदिक दवा ले सकते हैं इसके बारे में डॉक्टर से परामर्श जरूर कर लें।
कुछ खाने पीने की चीजें ऐसी होती हैं जो होम्योपैथिक दवाओं के असर को कम करती हैं। जैसी खट्टे खाद्य पदार्थ खाने से होम्योपैथिक दवाओं का असर कम होता है। इस बारे में अपने डॉक्टर से जानकारी जरूर ले लें।