वर्ल्‍ड हेपेटाइटिस डे 2018: हेपेटाइटिस 'सी' के बारे में कितना जानते हैं आप ?

नशा और मांसाहार भी हो सकता है हेपेटाइटिस सी का कारण, जानें लक्षण।

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Written By: Yogita Yadav | Updated : July 27, 2018 5:09 PM IST

हेपेटाइटिस सी लिवर से जुड़ी एक बीमारी है। जितनी तेजी से यह फैल रही है, उतना लोग इसके बारे में जागरुक नहीं हैं। यह संक्रमित व्‍यक्ति से खून के माध्‍यम से अन्‍य लोगों में फैलती है। इसलिए जरूरी है कि इसके बारे में पूरी जानकारी हो। कई बार लिवर की कमजोरी के कारण भी यह बीमारी बढ़ जाती है। जबकि मांसाहार का सेवन करने वालों में हेपेटाइटिस सी के होने की संभावना बहुत ज्‍यादा होती है।

क्‍या है बीमारी

हेपेटाइटिस सी हेपेटाइटिस सी नामक विषाणु से संक्रमित होने पर पैदा होती है। यह संक्रमण आपके लिवर को क्षतिग्रस्त कर सकता है। हालांकि शुरूआती संक्रमण के बाद इसके लक्षणों को पहचानना बेहद मुश्किल है।

लक्षण :

  • भूख न लगना या बेहद कम भूख लगना।
  • सामान्य रहते हुए भी थकान महसूस होना।
  • पेट में यकृत की ओर से दर्द महसूस होना।
  • पीलिया होना भी इसका एक लक्षण हो सकता है।
  • हल्का बुखार होना एवं खुजली।

कारण :

प्रमुख रूप से हेपेटाइटिस सी, लिवर के कमजोर होने की स्थिति में होता है। अत्यधिक तेल मसाले युक्त भोजन का सेवन लिवर के लिए नुकसानदायक होता है। चटपटे एवं मिर्च मसालेयुक्त भोजन को पचाने में भी लिवर को अधिक मेहनत करनी पड़ती है। यदि वह यह करने में सक्षम नहीं है तो हेपेटाइटिस सी का कारण बन सकता है।

वह अतिरिक्‍त भोजन जिसकी शरीर को आवश्‍यकता नहीं है और लिवर जिसे पचा नहीं पाता, वह पेट के अंदर ही सड़ जाता है। इससे उत्‍पन्‍न कीटाणु हेपेटाइटिस सी का कारण बनते हैं।

किसी भी प्रकार का नशा, धूम्रपान और मांसाहार लिवर के लिए बेहद हानिकारक साबित होते हैं। इससे लिवर में सूजन आ जाती है।

कई बार दवाईयों का सेवन भी लिवर की समस्याओं के लिए जिम्मेदार होता है। पैरासिटापोल, एंटीबायोटिक या ब्युटाजोलीडीन जैसी दवाईयों का अत्यधिक सेवन भी लिवर को खराब कर सकता है।

सुझाव

हेपेटाइटिस होने की संभावना में सबसे जरूरी है कि खून की जांच करवाई जाए। तुरंत किसी अच्‍छे चिकित्‍सक से परामर्श कर उनके सुझावों पर अमल करें।

चित्रस्रोत: Shutterstock.

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