World Hepatitis Day : हेपाटिक एन्सेफॅलोपॅथी क्या हैं ? जानें इसके लक्षण, कारण और उपचार के तरीके

हेपाटिक एन्सेफॅलोपॅथी अक्यूट (कम अवधि वाला) या क्रोनिक (लम्बी अवधि की समस्या) भी हो सकती है। कुछ गम्भीर मामलों में मरीज किसी भी प्रकार का रिस्पॉन्स नहीं देता और कई बार वह कोमा में भी चला जाता है।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : July 27, 2020 10:38 AM IST

Hepatic Encephalopathy: हेपाटिक एन्सेफॅलोपॅथी (Hepatic encephalopathy) दिमाग से जुड़ी एक बीमारी है। जिसमें, ब्रेन फंक्शन में धीरे-धीरे कमी आने लगती है। यह समस्या लीवर से जुड़ी बीमारियों की वजह से होती है। इस स्थिति में आपका लीवर रक्त में से अशुद्धियों को बाहर नहीं निकाल पाता। जिससे, नसों में विषैले तत्व जमा हो सकते हैं। नतीजतन, ब्रेन डैमेज होने लगते हैं। हेपाटिक एन्सेफॅलोपॅथी अक्यूट (कम अवधि वाला) या क्रोनिक (लम्बी अवधि की समस्या) भी हो सकती है। कुछ मामलों में मरीज किसी भी प्रकार का रिस्पॉन्स नहीं देता और कई बार वह कोमा में भी चला जाता है।

क्या हैं हेपाटिक एन्सेफॅलोपॅथी के टाइप (types of hepatic encephalopathy)?:

अक्यूट हेपाटिक एन्सेफॅलोपॅथी लीवर से जुड़ी गम्भीर बीमारियों के कारण होता है। आमतौर पर यह इन स्थितियों में होती है:

  • अक्यूट फल्मीनेंट वायरल हेपेटाइटिस- इस तरह का गम्भीर वायरस हेपेटाइटिस अचानक से होने लगता है।
  • टॉक्सिक हेपेटाइटिस- यह अल्कोहल, केमिकल्स, दवाइयों और सप्लीमेंट्स लेने से होने वाले नुकसान के कारण होता है।
  • रेयेज़ सिंड्रोम (Reye’s syndrome)- यह लीवर से जुड़ी एक गम्भीर समस्या है। जो आमतौर पर बच्चों को होती है। इसमें लीवर और ब्रेन में गम्भीर सूजन हो जाती है।
  • लीवर फेलियर

कौन-सी परेशानियां हैं हेपाटिक एन्सेफॅलोपॅथी का लक्षण ? (symptoms of hepatic encephalopathy):

लीवर डैमेज़ से जुड़ी परेशानियों और उसके कारणों के आधार पर हेपाटिक एन्सेफॅलोपॅथी के लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं। मॉडरेट हेपाटिक एन्सेफॅलोपॅथी के लक्षण ये समस्याएं हो सकती हैं-

  • सोचने में परेशानी
  • व्यक्तित्व में बदलाव
  • एकाग्रता की कमी
  • लिखावट में बदलाव
  • छोटे-छोटे कामों में दिक्कत आना
  • कन्फ्यूज़न (confusion)
  • भूलने की बीमारी

गम्भीर हेपाटिक एन्सेफॅलोपॅथी के लक्षण (Symptoms of severe hepatic encephalopathy):

  • दुविधा या कन्फ्यूज़न
  • सुस्ती या बहुत अधिक थकान (lethargy)
  • एंग्जायटी (anxiety)
  • सीज़र्स (seizures)
  • व्यवहार मे बहुत अधिक बदलाव होना
  • हाथों का कांपना
  • आवाज़ का लड़खड़ाना

क्यों होता है हेपाटिक एन्सेफॅलोपॅथी ? (causes hepatic encephalopathy)

इसके सही कारणों का पता नहीं लग सका है। लेकिन, आमतौर पर यह नसों में कचरा या विषैले तत्वों के जमा होने के कारण होता है। जब लीवर इस जमा गंदगी का विघटन नहीं कर पाता तो, हेपाटिक एन्सेफॅलोपॅथी की समस्या होने लगती है।

हमारा लीवर अमोनिया जैसे खतरनाक तत्वों को आपके शरीर से बाहर निकालने का काम करता है। जब लीवर डैमेज़्ड होता है तो, ये विषैले तत्व शरीर से बाहर नहीं निकल पाते। फिर, ये गंदगी नसों के माध्यम से दिमाग तक पहुंच जाती है। ब्रेन के अलावा ये विषैले तत्व, शरीर के अन्य अंगों को भी नुकसान पहुंचाते हैं।

इनसे बढ़ सकती है हेपाटिक एन्सेफॅलोपॅथी की समस्या:

  • निमोनिया जैसे इंफेक्शन्स
  • किडनी प्रॉब्लम
  • डिहाइड्रेशन (dehydration)
  • शरीर में ऑक्सीजन की कमी
  • सर्जरी या ट्रॉमा
  • प्रोटीन का बहुत अधिक सेवन
  • इम्यूनिटी कम करने वाली दवाइयां

हेपाटिक एन्सेफॅलोपॅथी का इलाज (Treatment options for hepatic encephalopathy):

इसका इलाज हेपाटिक एन्सेफॅलोपॅथी के लक्षणों और उनकी गम्भीरता के आधार पर किया जाता है। इलाज के दौरान इन बातों का ध्यान रखने की सलाह दी जा सकती है।

आपको कम मात्रा में प्रोटीन का सेवन करना चाहिए। जैसा कि, प्रोटीन शरीर को कार्य करने में सहायता करता है। इसीलिए, आपका डायटिशन आपकी डायट में प्रोटीन की मात्रा कम करने की सलाह देता है। मछली, अंडे, पोल्ट्री जैसी हाई प्रोटीन चीज़ें खाने से बचें।

दवाइयों की मदद से भी नसों में से गंदगी साफ की जा सकती है। इसके लिए एंटीबायोटिक्स और लैक्टुलोस जैसी दवाइयां खाने की सलाह आपको दी जा सकती है। इन दवाइयों से अमोनिया और इंस्टेटाइन बैक्टेरिया की सफाई होती है। जिससे, आपको कोलोन से सारी गंदगी निकल जाती है।