World Down Syndrome Day 2020: क्या है डाउन सिंड्रोम? जानिए इससे जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें

WrittenBy

Written By: Kishori Mishra | Published : March 21, 2020 12:26 PM IST

World Down Syndrome Day 2020: विश्वभर में डाउन सिंड्रोम 21 मार्च को मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने का उद्देश्य डाउन सिंड्रोम के प्रति सार्वजनिक रूप से जागरूकता फैलाने का है। संयुक्त राष्ट्र महासभा की सिफारिश पर 2012 से हर साल इस (World Down Syndrome Day) दिवस को मनाया जाता है।

डाउन सिंड्रोम 1866 को पहली बार चिकित्सकीय पहचान मिली थी। इस सिंड्रोम की पहचान ब्रिटिश डॉक्टर, जॉन लैंगडन डाउन ने किया था। इन्हीं के नाम पर इस सिंड्रोम (World Down Syndrome Day) का नाम रखा गया है।

क्या है डाउन सिंड्रोम?

डाउन सिंड्रोम एक अनुवांशिक रोग है। इसमें व्यक्ति के अंदर एक क्रोमोसोम की अधिककता होती है। अधिकांश गर्भ में पल रहे बच्चे के लोगों अंदर 46 क्रोमोसोम के गुणसूत्र होते हैं। लेकिन इस सिंड्रोम वाले लोगों के अंदर 47 गुणसूत्र क्रोमोसोम होते हैं। इस कारण वे अन्य लोगों से अलग दिखते हैं और उनका व्यवहार भी अन्य लोगों से अलग होता है।

डाउन सिंड्रोम वाले व्यक्ति के लक्षण?

  • नाक चपटी और छोटी
  • कान का आकार अनियमित
  • चेहरा चिपटे आकार का
  • बहुत छोटी गर्दन
  • जीभ फैली हुई
  • कमजोर मांसपेशियां
  • आवेगपूर्ण व्यवहार
  • चीजों को जल्दी न समझना,
  • सीखने की क्षमता काफी धीमी

तीन प्रकार के होते हैं डाउन सिंड्रोम

  • ट्राइसोमी 21 (Trisomy 21)
  • ट्रांसलोकेशन (Translocation)
  • मोजैक (Mosaic)

कई बीमारियों का है खतरा

डाउन सिंड्रोम (World Down Syndrome Day) वाले व्यक्ति को कई रोगों के होने का खतरा होता है। ऐसे लोगों को 50 प्रतिशत हृदय रोग होने की संभावना होती है। इसके साथ ही पाचन जैसी समस्याएं, किडनी के रोग होने की संभावना अधिक होती है।

कैसे होता है इलाज

  • डाउन सिंड्रोम से ग्रसित बच्चों का इलाज संभव नहीं है। इन बच्चों को स्पेशल ट्रिटमेंट दी जाती है। इस बीमारी से ग्रसित बच्चे काफी देरी से चलना, बोलना, बैठना सिखते हैं।
  • इस बीमारी से ग्रसित बच्चों के लिए एक टीम बनाई गई है, जो इस तरह के बच्चों की देखभाल करते हैं। इस टीम द्वारा बच्चों को फिजिकल थैरेपी, स्पीच थैरेपी, व्यवसायिक थैरेपी दी जाती है।
  • इस बीमारी से ग्रसित मरीजों की बीच-बीच में सर्जरी की जाती है।
  • इसके साथ ही इन्हें हमेशा किसी ना किसी की जरूरत होती है। ताकि वे इनकी मदद कर सकतें।
  • अगर इस बीमारी के लक्षण किसी में दिखे, तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। ताकि समय पर उसे थैरेपी दी जा सके।

Computer Vision Syndrome in Hindi : कंप्यूटर विजन सिंड्रोम क्या है, जानें इसके लक्षण, कारण और इलाज

Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source