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World Diabetes Day 2021:डायबिटीज एक क्रोनिक मेटाबॉलिक समस्या ( chronic metabolic condition) है जिसमें पीड़ित व्यक्ति के रक्त में ब्लड ग्लूकोज की मात्रा अधिक होती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) के आंकड़ों के अनुसार, दुनियाभर में 422 मिलियन लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं। लेकिन, एक तरफ जहां डायबिटीज एक आम स्वास्थ्य समस्या बनी हुई है वहीं, दूसरी तरफ लोगों में इस बीमारी के बारे में सही जानकारी का बहुत अभाव है। वहीं, डायबिटीज से जुड़े कई मिथक (Myths about diabetes) भी प्रचलित हैं जिनपर लोग अक्सर विश्वास कर लेते हैं। लेकिन, विभिन्न स्टडीज और रिसर्च में समय-समय पर इन मिथकों के बारे में बहुत कुछ लिखा जा चुका है। आइए जानें डायबिटीज से जुड़े प्रचलित मिथक और उनके पीछे का सच। ( Diabetes myths and facts)
प्रति वर्ष 14 नवंबर के दिन दुनियाभर में विश्व डायबिटीज दिन मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का मकसद दुनियाभर में लगातार बढ़ रही डायबिटीज की बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक करना है। साथ ही डायबिटीज मैनेजमेंट, डायबिटीज कंट्रोल और इससे पीड़ित लोगों को बेहतर तरीके से जीवन जीने में मदद के लिए आवश्यक जानकारियां और सपोर्ट प्रदान करने के भी प्रयास किए जाते हैं। विश्व डायबिटीज दिवस पर इस लेख में पढ़ें उन प्रचलित बातों के बारे में जो अक्सर डायबिटीज के मरीजों को सुनने में मिलती हैं। (Myths about diabetes)
डायबिटीज मैनेजमेंट में डाइट की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। इसीलिए, बहुत-सी चीज़ों के सेवन से परहेज करने और कई फूड्स का सीमित मात्ता में सेवन की सलाह समय-समय पर दी जाती है। लेकिन, किसी भी फूड को डाइट में रखने या डाइट से हटाने का निर्णय एक्सपर्ट्स की सलाह के अनुसार करना चाहिए। लेकिन, कई लोग अपने आसपास के लोगों की बातें सुनकर किसी विशेष फूड के सेवन से पूरी तरह परहेज करने लगते हैं या उनका सेवन बहुत अधिक मात्रा में करने लगते हैं जिससे उनके स्वास्थ्य पर बहुत बुरा असर पड़ सकता है। बहुत से लोगों को लगता है कि डायबिटीज में कार्बोहाइड्रेट्स का सेवन नहीं करना चाहिए। लेकिन यह सच नहीं है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, कार्ब्स का सेवन पूरी तरह बंद करने की बजाय डायबिटीज रोगियों को सही प्रकार के कार्ब्स का सेवन करना चाहिए। इसके साथ ही दिन के किस मील में कितनी मात्रा में कार्ब्स शामिल करना है इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए।
डायबिटीज में उनके ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित रखने के लिए बहुत से लोग चीनी से परहेज करते हैं। लेकिन, वहीं कई लोग ऐसे भी हैं जो शक्कर की जगह आर्टिफिशियल स्वीटनर का सेवन करते हैं। दरअसल, उन्हें लगता है कि आर्टिफिशियल स्वीटनर (artificial sweetener) या शुगर-फ्री मीठे (Sugar Free) का सेवन शक्कर की तुलना में अधिक लाभकारी है। लेकिन, यह केवल एक मिथक है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, आर्टिफिशियल स्वीटनर का सेवन करने से इंसुलिन रेजिस्टेंस की स्थिति गम्भीर हो सकती है। इसीलिए अपनी डाइट में मिठास के लिए कमर्शियल प्रॉडक्ट्स की जगह नेचुरल चीज़ों को जगह दें।
(डिस्क्लेमर:इस लेख में दी गई बीमारी से जुड़ी सभी जानकारियां सूचनात्मक उद्देश्य से लिखी गयी है। किसी बीमारी की चिकित्सा से जुड़े किसी भी निष्कर्ष तक पहुंचने के लिए कृपया अपने चिकित्सक का परामर्श लें।)