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World COPD Day 2021: सीओपीडी में लंग अटैक होना कितना खतरनाक? एक्सपर्ट ने बताए सीओपीडी के लक्षण, लंग अटैक से बचने के उपाय

World COPD Day 2021: सीओपीडी में लंग अटैक होना कितना खतरनाक? एक्सपर्ट ने बताए सीओपीडी के लक्षण, लंग अटैक से बचने के उपाय

सीओपीडी (COPD) होने पर वायु मार्ग यानी सांस की नलियां संकरी हो जाती हैं और फेफड़ों का लचीलापन कम हो जाता है। ऐसा क्रोनिक इन्फ्लेमेशन के कारण होता है।

Written by Anshumala |Updated : November 18, 2021 1:40 PM IST

World COPD Day 2021 in Hindi: आज पूरी दुनिया में 'वर्ल्ड सीओपीडी डे' (World COPD Day) मनाया जाता है। इस दिवस को प्रत्येक वर्ष एक खास थीम के तहत सेलिब्रेट किया जाता है और लोगों को फेफड़ों से संबंधित इस क्रोनिक डिजीज के प्रति जागरूक किया जाता है। इस वर्ष 'वर्ल्ड सीओपीडी डे' की थीम 'हेल्दी लंग्स-नेवर मोर इंम्पॉर्टेंट' (World COPD Day 2021 theme Healthy Lungs- Never More Important) है। सीओपीडी यानी क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (Chronic obstructive pulmonary disease)। यह एक फेफड़े से संबंधित बीमारी है। सीओपीडी (COPD) होने पर वायु मार्ग यानी सांस की नलियां संकरी हो जाती हैं और फेफड़ों का लचीलापन (Elasticity) कम हो जाती है। ऐसा क्रोनिक इन्फ्लेमेशन के कारण होता है। इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल्स (नई दिल्ली) की सीनियर कंसल्टेंट, रेस्पिरेटरी, क्रिटिकल केयर एंड स्लीप मेडिसिन कंसल्टेंट डॉ. विनी कांत्रू (Dr. Viny Kantroo) ने बताया क्या है लंग अटैक और सीओपीडी होने पर लंग अटैक से बचने के उपाय के बारे में....

सीओपीडी के आम लक्षण (Symptoms of COPD)

सीओपीडी के आम लक्षण (Symptoms of COPD) हैं सांस फूलना, लम्बे समय तक खांसी रहना, बलगम आना, सांस में घरघराहट की आवाज होना, अधिक मेहनत वाला काम न कर पाना, वजन में कमी, मसल्स मास कम होना, एनर्जी की कमी, ऑक्सीजन स्तर में कमी आदि। सीओपीडी हार्ट अटैक एवं कई अन्य लक्षणों का कारण भी बन सकता है जैसे सीने में दर्द, पसीना आना या अचानक ब्लैक आउट। इन लक्षणों पर जल्द से जल्द ध्यान देना जरूरी होता है। लम्बे समय तक सीओपीडी के कारण श्वसन तंत्र फेल हो सकता है।

क्या है फेफड़ों पर अटैक होना? (What is Lung Attack?)

क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD) से पीड़ित लगभग एक तिहाई लोगों को फेफड़े के दौरे (Lung attacks) होने का अनुभव होता है। इस क्रोनिक बीमारी से पीड़ित लोगों को अक्सर सांस लेने में कठिनाई होती है। सीओपीडीहोने पर फेफड़ों में रुकावट बहुत ज्यादा बढ़ जाती है, तो लंग्स अपना काम ठीक से नहीं कर पाते, जिससे मरीज को सांस लेने में भी मुश्किल होने लगती है। उसके शरीर में ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड का संतुलन ठीक नहीं रहता। इसे ही फेफड़ों पर अटैक (Lung attacks in Hindi) कहा जा सकता है। ऐसे मामलों में मरीज को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत पड़ती है।

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सीओपीडी से बचने के तरीके

  1. धूम्रपान छोड़ दें। पैसिव स्मोकिंग से भी बचें यानी आपके आस-पास कोई और धूम्रपान करता है, तो उससे दूर रहें।
  2. अधिक प्रदूषण वाले इलाकों में न जाएं। अगर ऐसी जगह पर जाना पड़े तो मास्क पहनें।
  3. अपने बच्चों को इन्फेक्शन से बचाने के लिए उनका पूर्ण टीकाकरण करवाएं।
  4.  सही तरह से इन्हेलर का उपयोग करने की तकनीक सीखें।
  5. वजन पर नियंत्रण रखें। ज्यादा कार्बोहाइड्रेट से युक्त आहार का सेवन करने से बचें।
  6.  कोविड के अलावा हर साल फ्लू की वैक्सीन और पांच साल में एक बार निमोनिया की वैक्सीन भी लगवाएं।
  7. अपनी दवाएं समय पर लें और डॉक्टर की सलाह के बिना अपने आप इन्हें बंद न करें।
  8. अपने आहार में फल, मेवे और सब्जियां आदि शामिल करें।
  9. अपने दिल की सेहत का खास ख्याल रखें।
  10. नियमित रूप से स्वास्थ्य की जांच कराते रहें।

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