
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : November 15, 2023 5:18 PM IST
World COPD Day 2023: प्रदूषण की वजह से दुनियाभर में सांस से जुड़ी बीमारियां बढ़ रही हैं। खराब एयर क्वालिटी की वजह से लोगों के फेफड़ों, आंखों और ब्रेन पर भी बुरा प्रभाव पड़ने के चिंताजनक आंकड़ें सामने आते रहते हैं। जिससे फेफड़ों से जुड़ी बीमारियां बढ़ रही हैं। फेफड़ों से जुड़ी ऐसी ही एक बीमारी है सीओपीडी (Chronic Obstructive Pulmonary Disease) जिसके बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल विश्व सीओपीडी दिवस (World COPD Day ) मनाया जाता है। इस साल वर्ल्ड सीओपीडी डे की थीम (World COPD Day 2023 theme) है ब्रीदिंग इज लाइफ (Breathing is Life - Act Earlier) अर्थात सांस ही जीवन है । इस लेख में पढ़ें सीओपीडी के लक्षण, कारण और इलाज के बारे में।
क्रॉनिक ऑब्सटॅक्टिव पल्मोनरी डिजीज (Chronic Obstructive Pulmonary Disease) फेफड़ों की एक बीमारी है जो प्रदूषित हवा या धुएं की वजह से होती है। यह बीमारी काफी गम्भीर मानी जाती है क्योंकि अगर इसके लक्षण समय पर ना पहचानें जाएं तो इसके गम्भीर परिणाम दिखायी दे सकते हैं। सीओपीडी गम्भीर होने पर यह जानलेवा भी साबित हो सकता है।
सांस से जुड़ी इस बीमारी में फेफड़ों के लिए ऑक्सीजन का अवशोषण कर पाने में दिक्कत आती है। सीओपीडी में शरीर द्वारा कार्बन डाइऑक्साइड को बाहर छोड़ पाने में दिक्कत होती है। सीओपीडी में कार्बन डाइऑक्साइड की वजह से लंग्स से जुड़ा वायु मार्ग सिकुड़ने लगता है और इस वजह से ठीक तरह से सांस ले पाने में दिक्कत आती है। जिससे मरीज को कई तरह की समस्याएं होने लगती हैं। सर्दियों के मौसम में सीओपीडी के लक्षण बढ़ सकते हैं और बदलता मौसम और प्रदूषण की वजह से सीओपीडी गम्भीर हो जाता है।
सीओपीडी की बीमारी में ब्रेन पर असर पड़ता है। इसके लक्षणों से मानसिक तनाव बढ़ जाता है जिससे मेंटल हेल्थ भी प्रभावित होती है। मरीजों को डिप्रेशन, एंग्जायटी और मानसिक दबाव जैसी परेशानियों से बचने के लिए सीओपीडी के लक्षणों पर ध्यान देना चाहिए और जल्द से जल्द इसका इलाज कराना चाहिए।