
आशु कुमार दास
आशु कुमार दास एक अनुभवी हेल्थ कंटेंट स्पेशलिस्ट हैं। इन्हें हेल्थ कंटेंट राइटर के तौर पर काम करते हुए 6 ... Read More
Written By: Ashu Kumar Das | Published : February 4, 2026 9:02 AM IST
Medically Verified By: Dr. Anita David
Why Every Woman Needs a Pap Smear Test to Prevent Cervical Cancer : आज भी बहुत-सी महिलाएं पैप स्मीयर टेस्ट को टालती रहती हैं। वजह लगभग एक जैसी होती हैं- जिंदगी की भागदौड़, कोई खास लक्षण न होना और जांच से डर। लेकिन सच्चाई यह है कि सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर) दुनिया के सबसे ज्यादा रोके जा सकने वाले कैंसरों में से एक है।
फिर भी, देर से पहचान होने के कारण यह आज भी हज़ारों महिलाओं की जान ले रहा है।विश्व स्वास्थ्य संगठन के डेटा के अनुसार, 2022 में दुनिया भर में लगभग 6.6 लाख नए मामले और 3.5 लाख मौतें दर्ज की गईं। इसका सबसे बड़ा कारण है समय पर जांच न कराना। आज 4 फरवरी को जब वैश्विक स्तर पर वर्ल्ड कैंसर डे मनाया जा रहा है, तब हम आपको बताने जा रहे हैं, हर महिला के लिए पैप स्मीयर टेस्ट करवाना क्यों जरूरी है।
बेंगलुरु स्थित होसमैट मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल्स की लैप्रोस्कोपिक सर्जन (ऑब्स एंड गाइनी)डॉ. अनीता डेविड का कहना है कि भारत में ज्यादातर मामलों में सर्वाइकल कैंसर का कारण ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV)का लंबे समय तक बना रहना होता है। किसी भी महिला को अचानक से सर्वाइकल कैंसर नहीं होता है। ये सर्विक्स (गर्भाशय का मुंह) की कोशिकाओं में धीरे-धीरे बदलाव आते हैं। जैसेः
सामान्य कोशिकाएं - प्री-कैंसर- कैंसर
किसी भी महिला में इन बदलावों को आने में कई साल लग जाते हैं। यही वह समय होता है जब स्क्रीनिंग जान बचा सकती है।

डॉ. अनीता डेविड बताती हैं कि पैप स्मीयर हर महिला के लिए एक जरूरी मेडिकल टेस्ट है। इस मेडिकल टेस्ट में महिलाओं के सर्विक्स से कुछ कोशिकाएं ली जाती हैं। इस प्रक्रिया के दौरान महिला को सर्विक्स पर हल्का दबाव और थोड़ी सी असहजता महसूस होती है। पर टेस्ट के दौरान किसी प्रकार का दर्द नहीं होता है। पैप स्मीयर सिर्फ कैंसर होने पर किया जाने वाला टेस्ट नहीं है, यह सिर्फ शादीशुदा या मां बनी महिलाओं के लिए नहीं है, यह टेस्ट मुख्य रूप प्री-कैंसर पहचानने के लिए किया जाता है। इस टेस्ट के जरिए महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर का पता समय से पहले चलता है। इससे इलाज आसान हो जाता है।
डॉक्टर बताती हैं कि मुझे कोई लक्षण नहीं हैं, मैं ठीक हूं, ये महिलाओं का सबसे बड़ा भ्रम है। 10 में से 9 मामलों में सर्वाइकल कैंसर की शुरुआती स्टेज में किसी प्रकार न तो दर्द होता है और न ही कोई गंभीर लक्षण नजर आते हैं। सर्वाइकल कैंसरकी शुरुआती स्टेज में अक्सर महिलाएं बिल्कुल स्वस्थ महसूस करती है। इसीलिए सिर्फ लक्षणों का इंतजार करना खतरनाक है।
भारत में समस्या सुविधा की नहीं, बल्कि डर, झिझक और गलतफहमी की है। आज भी 30- 49 वर्ष की महिलाओं में स्क्रीनिंग की दर लगभग 2% से भी कम है।
किसी महिला के शरीर में अगर लगातार नीचे बताए गए लक्षण नजर आते हैं, तो उन्हें तुरंत डॉक्टर से मिलकर पैप स्मीयर टेस्ट करवाना चाहिए।
डॉक्टर कहती हैं कि हर महिला के लिए याद रखने वाली सबसे जरूरी बात यह है कि पैप स्मीयर तब नहीं कराते जब डर लगने लगे। पैप स्मीयर इसलिए कराते हैं ताकि डर की नौबत ही न आए।
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।