
आशु कुमार दास
आशु कुमार दास एक अनुभवी हेल्थ कंटेंट स्पेशलिस्ट हैं। इन्हें हेल्थ कंटेंट राइटर के तौर पर काम करते हुए 6 ... Read More
Medically Verified By: Dr Arun Kumar Goel
World cancer Day 2026 Cancer Prevention Vaccines Complete Guide : आधुनिक दुनिया के लिए कैंसर सिर्फ एक बीमारी नहीं, बल्कि स्वास्थ्य चुनौती बनकर उभर रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार दुनिया भर में हर साल लाखों नए कैंसर केस सामने आते हैं। कैंसर के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 4 फरवरी को वर्ल्ड कैंसर डे मनाया जाता है। वर्ल्ड कैंसर डे खास मौके पर हम आपको बताने जा रहे हैं, उन वैक्सीन के बारे में जो कैंसर से बचाव करने में मददगार होते हैं।
हरियाणा के सोनीपत स्थित एंडोमेड्रा कैंसर अस्पताल के सीनियर ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. अरुण कुमार गोयल का कहना है कि- हां वैक्सीन के जरिए कुछ खास प्रकार के कैंसर से बचाव करना संभव होता है। लेकिन ध्यान रहे कि कोई भी वैक्सीन कैंसर को पूरी तरह से नहीं खत्म करती है।
वैक्सीन शरीर में मौजूद उन वायरस और बैक्टीरिया को मारती है, जो आगे चलकर कैंसर का कारण बनते हैं। इस बात को आप ऐसे समझ सकते हैं कि एचपीवी वैक्सीन HPV वायरस को खत्म करता है, जो भविष्य में सर्वाइकल कैंसर का कारण बनती है। इसलिए इन्हें Cancer Preventive Vaccines कहा जाता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार एक व्यक्ति को होने वाले लगभग 15-20% कैंसर संक्रमणों के कारण होते हैं। कौन से संक्रमण से कारण कौन से कैंसर होने का खतरा रहता है, इसकी जानकारी के लिए नीचे टेबल देखें।
| S.NO | संक्रमण का प्रकार | संबंधित कैंसर |
| 1. | HPV सर्वाइकल | पेनाइल, एनल, गले का कैंसर |
| 2. | Hepatitis A | लिवर कैंसर |
| 3. | Hepatitis B | Hepatitis C लिवर कैंसर |
| 4. | EBV | लिंफोमा |
| 5. | H. pylori | पेट का कैंसर |
1. HPV वैक्सीन (Human Papillomavirus Vaccine)- सर्वाइकल कैंसर से बचाव करने के लिए एचवीपी वैक्सीन सबसे असरदार है। HPV एक यौन संचारित वायरस है, जो दुनियाभर में सर्वाइकल कैंसर का सबसे बड़ा कारण माना जाता है। एचपीवी वायरस के कारण महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर, योनि, वल्वा कैंसर, पेनाइल कैंसर (पुरुषों में), एनल कैंसर और मुंह का कैंसर होता है। ऐसे में एचपीवी वैक्सीन लेने से HPV संक्रमण के हाई-रिस्क स्ट्रेन (16, 18 आदि) से सुरक्षा मिलती है और कैंसर से बचाव संभव हो पाता है। HPV वैक्सीन सर्वाइकल कैंसर से 90% तक बचाव कर सकती है
2. हेपेटाइटिस-B वैक्सीन (Hepatitis B Vaccine)- हेपेटाइटिस एक संक्रमण होता है, जो मुख्य रूप से लीवर को नुकसान पहुंचाता है। अगर हेपेटाइटिस संक्रमण की चपेट में लीवर लंबे समय तक रहता है, तो इससे लिवर कैंसर का खतरा होता है। डॉ. अरुण कुमार गोयल बताते हैं कि Hepatitis B लिवर सिरोसिस जैसी बीमारी होती है। लिवर सिरोसिस ही भविष्य में लिवर कैंसर का कारण बनता है। लिवर कैंसर जैसी घातक बीमारी से बचाव के लिए हेपेटाइटिस-B वैक्सीन लेने की सलाह दी जाती है। हेपेटाइटिस - B वैक्सीन लेने से लीवर कैंसर के जोखिम को 70 से 90 फीसदी तक कम किया जा सकता है।

Hepatitis A गंदे खाने और पानी से व्यक्ति के शरीर में फैलने वाला संक्रमण है। डॉ. अरुण कुमार गोयल का कहना है कि Hepatitis A संक्रमण सीधे तौर पर कैंसर का कारण नहीं बनता है। पर इस संक्रमण के कारण लिवर कमजोर हो जाता है। ऐसे में पहले से Hepatitis B/C हो तो लिवर कैंसर का खतरा बढ़ा सकता है। इसलिए Hepatitis A वैक्सीनको Protective Support Vaccine माना जाता है। Hepatitis A वैक्सीन लेने से लीवर कैंसर के खतरे को कम किया जा सकता है।

H. pylori बैक्टीरिया मुख्य रूप से पेट में इन्फेक्शन का कारण बनता है। H. pylori संक्रमण के कारण पेट का कैंसर होने के खतरा रहता है। वर्तमान में भारत में H. pylori वैक्सीन लगाने की इजाजत नहीं दी गई है, लेकिन इस पर रिसर्च की जा रही है।
वैक्सीन भारत में उपलब्ध
भारत सरकार ने HPV वैक्सीन को राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। वहीं, हेपेटाइटिस ए और हेपेटाइटिस बी वैक्सीन पहले से ही मौजूद है। आपने अब तक इन 3 में से कोई वैक्सीन नहीं लगवाई या कोई डोज मिस किया है, तो इस विषय पर डॉक्टर से बात करें और जल्द से जल्द आपका वैक्सीनेशन करवाएं।
डॉ. अरुण कुमार गोयल कहते हैं कि कैंसर से डरने की नहीं, समझदारी से बचाव करने की जरूरत है। पहले के दौर में कैंसर का इलाज पूरी तरह से संभव नहीं था। पर डिजिटल जमाने में न सिर्फ आसानी से कैंसर का इलाज हो रहा है, बल्कि रिकवरी रेट भी काफी ज्यादा है। ऐसे में वैक्सीन लगवाकर आप न सिर्फ कैंसर से बचाव कर सकते हैं, बल्कि लोगों को भी इसके प्रति जागरूक कर सकते हैं।
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।