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जानें, कैसे काम करता है आपका दिमाग
क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर हमारा मस्तिष्क क्या है और यह कैसे काम करता है? किसी भी चीज को सही या गलत बताने में हमारे दिमाग का कितना रोल है? क्या आप सोचते हैं कि ऐसा क्यों होता है जब हम सड़क पर चलते हैं और अपने जान पहचान के व्यक्ति या किसी रिश्तेदार को देखते ही हमारे चेहरे पर स्माइल आ जाती है और बॉडी लेंग्वेज बदल जाती है? अगर आपने कभी इस बारे में सोचा नहीं तो अलग बात है लेकिन अगर आप सोचते हैं लेकिन जवाब नहीं मिलता है तो बता दें कि हम ये सारी एक्टिविटी दिमाग की मदद से करते हैं। हमारा दिमाग ही वह पॉवर है जो पूरी बॉडी को इन्सट्रक्शन देता है।
आप इसे यूं समझ सकते हैं कि हमारा शरीर हमारे दिमाग के आगे कठपुतली मात्र है। मानव दिमाग इतना शक्तिशाली है कि ऐसी मशीन फिर से बनाना लगभग असंभव है। दुनियाभर के वैज्ञानिकों के लिए मानव मस्तिष्क से संबंधित कई सवाल आज भी अनसुलझे हैं। विश्व ब्रेन डे (World Brain Day) हर साल 22 जून को मनाया जाता है। कंप्यूटर से भी ज्यादा तेज चलने वाले दिमाग के बारे में आज हम आपको इससे संबंधित कुछ रोचक तथ्य बता रहे हैं।
हमारे शरीर को चलाने में या फिर किसी भी तरह का निर्णय लेने में हमारी दिमाग का बहुत गहरा योगदान होता है। हमारा दिमाग दिल की धड़कन को सामान्य रखने, सांस को अनियंत्रित होने से रोकने, शरीर के तापमान को बनाए रखने और रक्तचाप को स्थिर रखने का काम करता है। इसे आप ऐसे समझ सकते हैं कि जब हम कोई अच्छी या बुरी खबर सुनते हैं तो हमारी सांस तेजी हो जाती हैं या शरीर का तापमान बदलने लगता है, उस स्थिति में मस्तिष्क ही इसे कंट्रोल करता है। इसके साथ ही मस्तिष्क विभिन्न इंद्रियों की मदद से देख कर, छू कर और चख कर हमें अपने आसपास होने वाली प्रक्रिया के बारे में बताता है। किस चीज में हम कितना इन्वोल्व हो रहे हैं, क्या रेस्पॉंस कर रहे हैं इन सभी हलचलों को हमारा मस्तिष्क कंट्रोल करता है। मस्तिष्क हमें सोचने व समझने की शक्ति भी देता है।
1. जब भी हमारे साथ कुछ अच्छा या बुरा होता है तो मस्तिष्क तुरंत उसकी जानकारी शरीर को देता है और फिर हमारी बॉडी उसी हिसाब से रिस्पॉंस करती है।
2. एक सामान्य व्यक्ति एक दिन में लगभग 20 हजार बार पलकें झपकाता है। जिससे एक दिन में व्यक्ति औसतन 30 मिनट तक अंधा रहता है।
3. अगर दिमाग को लगभग 6 मिनट तक ऑक्सीजन न भी मिले तो वह काम कर सकता है। हालांकि 6 मिनट से ज्यादा ऐसा होने पर ब्रेन डैमेज होने का खतरा रहता है।
4. मानव जाति के अलावा भी अन्य जानवरों व पशुओं में दिमाग होता है लेकिन उनके पास विवेक की कमी होती है। मानव दिमाग किसी भी चीज की कल्पना कर सकता है और समस्या का समाधान निकाल सकता है।
5. एक सामान्य व्यक्ति के दिमाग का वजन 3 पाउंड यानी 1 किलो 500 ग्राम तक होता है। जो 75 फीसदी से ज्यादा पानी, 10 फीसदी फैट और 8 फीसदी प्रोटीन से बना होता है।