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Written By: Anshumala | Updated : June 14, 2020 11:07 AM IST
रक्त दान से पहले जानें कुछ जरूरी बातें। © Shutterstock.
रक्तदान के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल आज (14 जून) विश्व रक्तदान दिवस (World Blood Donor Day 2020) मनाया जाता है। एक अनुमान के अनुसार, हर दो सेकेंड में एक व्यक्ति को रक्त की जरूरत होती है। रक्तदान की बात करें तो देश में मांग और आपूर्ति के बीच बड़ा अंतराल है। यह समझना महत्वपूर्ण है कि रक्त को बनाया नहीं जा सकता, इसलिए इसकी जरूरत को सिर्फ रक्तदान के द्वारा ही पूरा किया जा सकता है। मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए रक्तदान जीवनदान है, किंतु रक्तदान से पहले कुछ चीजों के बारे में जानना बहुत जरूरी है।
1. रक्त यानि ब्लड एक काॅम्प्लेक्स टिश्यू है जो कई अवयवों से बना होता है। रक्त में लाल रक्त कोशिकाएं (रेड ब्लड सेल), श्वेत रक्त कोशिकाएं (व्हाइट ब्लड सेल), प्लेटलेट्ल और प्लाज्मा होते हैं। जब आप रक्तदान करते हैं, तो रक्त के सभी अवयवों जैसे रेड सेल, प्लेटलेट्स, प्लाज्मा और क्रायोप्रेसीपिटेट को अलग किया जाता है। इस तरह एक बार दान किए जाने वाले रक्त से कई अवयव बनाए जा सकते हैं। एक यूनिट ब्लड तीन लोगों का जीवन बचा सकता है। रक्तदान करने वाला व्यक्ति पूरा रक्त दान कर सकता है या रक्त के किसी विशेष अवयव का दान कर सकता है।
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2. आमतौर पर एक बार रक्तदान के दौरान एक यूनिट रक्त निकाला जाता है (तकरीबन 450 एमएल)। यह व्यक्ति के स्वास्थ्य पर निर्भर करता है। हर व्यक्ति से एक बार में एक निर्धारित मात्रा में ही रक्त निकाला जा सकता है, क्योंकि हर व्यक्ति केे शरीर में सीमित मात्रा में रक्त होता है, जो व्यक्ति के वजन, उम्र और ऊंचाई पर निर्भर करता है। जब एक व्यक्ति 1 यूनिट रक्तदान करता है, तो कुछ घंटों से लेकर कुछ सप्ताह के अंदर रक्त की इतनी मात्रा शरीर में दोबारा बन जाती है। इसका दानदाता के स्वास्थ्य पर कोई असर नहीं पड़ता।
3. हर व्यक्ति रक्तदान के लिए योग्य नहीं होता। नियम के अनुसार भारत में 18 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्ति को ही रक्तदान की इजाजत दी जाती है। रक्तदान के लिए व्यक्ति का वजन 45 किलोग्राम से कम नहीं होना चाहिए और उसका समग्र स्वास्थ्य अच्छा होना चाहिए। व्यक्ति को किसी प्रकार का बैक्टीरियल, फंगल या वायरल संक्रमण या कोई और बीमारी नहीं होनी चाहिए। गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली महिलाओं को रक्तदान नहीं करना चाहिए।
4. रक्तदान से कम से कम 2-3 घंटे पहले व्यक्ति को सम्पूर्ण भोजन लेना चाहिए, ताकि रक्त में शुगर का स्तर स्थिर रहे। शरीर में तरल की मात्रा उचित बनी रहे, इसके लिए पर्याप्त मात्रा में पानी और जूस का सेवन करना चाहिए ताकि व्यक्ति लो ब्लड प्रेशर (कम रक्तचाप) से सुरक्षित रह सके। रक्तदान के बाद कैफीन से युक्त पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए तथा आयरन एव विटामिन सी से युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए।
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5. आपके द्वारा दान में दिए गए रक्त का इस्तेमाल दुर्घटना पीड़ितों, रक्त विकार जैसे सिकल सैल एनीमिया या हीमोफीलिया के मरीजों और यहां तक कि कैंसर के मरीजों के लिए भी किया जा सकता है, इसलिए दान में दिए गए रक्त में कई बीमारियों जैसे एचआईवी, हेपेटाइटिस, सायफिलिस एवं अन्य संक्रमण की जांच की जाती है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि रक्त चढ़ाने से किसी भी तरह का संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में न जाए।