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Blood Cancer Myths: ब्लड कैंसर बीमारी के साथ कई प्रकार के मिथक भी प्रचलित हैं। लोग जानकारी के अभाव और डर की वजह से कई बार इन मिथकों पर भरोसा भी कर लेते हैं। जैसे कई लोगों को लगता है कि ब्लड कैंसर एक दुर्लभ बीमारी ( Is blood cancer a rare disease) है और ब्लड कैंसर से पीड़ित व्यक्ति का बच पाना नामुमकिन है। लेकिन, क्या सचमुच ब्लड कैंसर जानलेवा (Is blood cancer fatal disease) बीमारी है क्या इसके मरीज़ों की मृत्यु जल्दी होती है। आइए जानें इस मिथक के पीछे का सच। (Blood Cancer Myths in Hindi)
एक्सपर्ट्स के अनुसार, ब्लड कैंसर, एक ऐसे प्रकार का कैंसर है जो हर उम्र के लोगों को हो सकता है। ब्लड कैंसर के 3 प्रकार होते हैं, लिम्फोमा (Lymphoma) ल्यूकेमिया (Leukemia) और माइलोमा (Myeloma) जहां, ज़्यादातर मामलों में ब्लड कैंसर अनुवांशिक कारणों ( genetics) के चलते होता है लेकिन, ब्लड कैंसर को दुर्लभ भी नहीं कहा जा सकता। क्योंकि, हाल के वर्षों में ब्लड कैंसर के मामलों में काफी बढ़ोतरी देखी गयी है। ब्लड कैंसर के इन मरीजों में छोटे बच्चे और कम उम्र के लोग भी शामिल हैं। लेकिन, बच्चों में अक्यूट ल्यूकेमिआ (Acute Leukemia) सबसे कॉमन कैंसर का प्रकार है। आंकड़ों के अनुसार, अमेरिकी आबादी में हर 3 मिनट में एक व्यक्ति में ब्लड कैंसर का पता चलता है। वहीं, वैश्विक स्तर पर कैंसर के मरीज़ों में तकरीबन 10 फीसदी हिस्सा ब्लड कैंसर के मरीजों से बनता है।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, हर प्रकार का ब्लड कैंसर जानलेवा नहीं होता। वहीं, कुछ मरीज़ो को तब तक उपचार की भी ज़रूरत नहीं पड़ती जब तक कि, उनमें कैंसर के लक्षण ना दिखायी दें। आमतौर पर ब्लड कैंसर में जो लक्षण दिखायी पड़ते हैं उनमें ये समस्याएं प्रमुख हैं-
एक्सपर्ट्स का मानना है कि, ब्लड कैंसर के लक्षणों (symptoms of blood cancer) को नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए। अगर, पीड़ित व्यक्ति में कैंसर के लक्षणों की पहचान जल्द हो और बीमारी का निदान (blood cancer dignosis) समय पर हो तो ब्लड कैंसर का मरीज ठीक हो सकता है। (Blood Cancer myths and facts in hindi)
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