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कैंसर का नाम सुनते ही हमारे मन में डर बस जाता है यही कारण है कि कैंसर के कारण बहुत से लोगों की मौत हो जाती है। कैंसर कई तरह के होते हैं, जिसमें स्तन कैंसर, मुंह का कैंसर, स्किन कैंसर, गले का कैंसर, ब्लड कैंसर इत्यादि शामिल हैं। मगर यहां हम ब्लड कैंसर की बात कर रहे हैं। दरअसल, ब्लड कैंसर एक ऐसा कैंसर है, जिसका इलाज बहुत ही मुश्किल होता है। 28 मई को पूरी दुनिया में वर्ल्ड ब्लड कैंसर डे (World Blood Cancer Day 2022) मनाया जा रहा है। इस दिवस को मनाने का उद्देश्य लोगों को ब्लड कैंसर के प्रति जागरूक करना है, ताकि समय से पहले इस बीमारी के बारे में पता चल सके।
हड्डियों और जोड़ों में लगातार दर्द होना, मुंह, नाक या शौच के दौरान खून का निकलना, बुखार आना, रात में पसीना और चक्कर आना। बार-बार संक्रमण और शरीर का वजन घटना इत्यादि ब्लड कैंसर के प्रमुख लक्षण हैं। अगर सही समय पर ब्लड कैंसर के लक्षणों को नहीं पहचाना गया, तो इसे काबू करना बहुत ही मुश्किल हो जाता है। आइए जानते हैं ब्लड कैंसर के बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां...
हमारे शरीर में 3 तरह के ब्लड सेल्स का निर्माण होता है, जिसमें प्लेटलेट्स, लाल रक्त सेल और व्हाइट ब्लड सेल होते हैं। ये तीनों ब्लड सेल आमतौर पर स्टेम सेल से आते हैं, जिसका काम किसी भी तरह के ब्लड सेल को बनाना और उसे विकसित करना है। जब ये स्टेम सेल काम करना बंद कर देते हैं या फिर इन्हें किसी तरह की परेशानी होती है, तो उसे ही ब्लड कैंसर कहते हैं।
भारत में कैंसर के नए मामलों में ब्लड कैंसर का 8 फीसदी हिस्सा है। यह कैंसर किसी भी उम्र के लोगों को हो सकता है। इसमें बच्चे से लेकर युवा वर्ग के लोग भी शामिल होते हैं। गंभीर रूप से इस बीमारी की चपेट में आने के बाद इसकी रिकवरी का एकमात्र तरीका ब्लड स्टेम सेल ट्रांसप्लांट होता है। इसके अलावा बोन मैरो ट्रांसप्लांट भी विभिन्न प्रकार के कैंसर के इलाज का एक अन्य तरीका है।
कैंसर ट्रीटमेंट सेंटर ऑफ अमेरिका के अनुसार, आमतौर पर ब्लड कैंसर तीन प्रकार का होता है। इसमें ल्यूकेमिया, लिम्फोमा और मल्टीपल मायलोमा। ब्लड कैंसर बच्चों से लेकर बड़ों में हो सकता है। अमूमन यह बीमारी 30 साल के बाद ज्यादा होने की संभावना होती है।
ब्लड कैंसर का इलाज कैसे होता है, ये सवाल हर उस व्यक्ति के मन में होता है, जो इस बीमारी से पूरी तरह वाकिफ होते हैं। या फिर जो इस बीमारी की चपेट में होते हैं। इससे पीड़ित मरीज को बहुत अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस वजह से वे ऐसे तरीकों के बारे में जानना चाहते हैं, जिनसे वे इस बीमारी से छुटकारा पा सकें:
ब्लड कैंसर के शुरुआती दौर में दवाई का सहारा लिया जाता है। यह इसके इलाज का सबसे आम तरीका है। डॉक्टर्स द्वारा मरीज को कुछ दवाइयां दी जाती हैं, ताकि इन दवाइयों से कैंसर की कोशिकाओं को विकसित होने से रोका जा सके और इसका इलाज आसानी से हो सके।
रेडिएशन थेरेपी से भी ब्लड कैंसर का इलाज किया जाता है। लेकिन यह थेरेपी कई बार असफल हो जाती है। असफल होने के बावजूद भी इसका उपयोग डॉक्टर द्वारा किया जाता है, क्योंकि यह थेरेपी एक प्रभावी प्रक्रिया है, जो ब्लड कैंसर के इलाज का बेहतर तरीकों में से एक है।
डॉक्टर्स द्वारा ब्लड कैंसर के इलाज के लिए कीमोथेरेपी का भी इस्तेमाल किया जाता है। कीमोथेरेपी से कैंसर की कोशिकाओं को नष्ट किया जाता है, ताकि ये शरीर के अन्य अंगों को प्रभावित ना कर सके।
ब्लड कैंसर को ठीक करने के लिए कई बार मॉनिटरिंग टेक्नीक का भी इस्तेमाल किया जाता है। इस प्रक्रिया में शरीर के अंदर की गतिविधियों पर ध्यान दिया जाता है, जिसके अनुसार रोगी का इलाज हो सके।
थेरेपी और इलाज से ठीक न होने की स्थिति में स्टेम सेल का प्रत्यारोपण आखिरी रास्ता होता है। इसमें अस्थि मज्जा से ही स्टेम सेल निकाल कर उसका प्रत्यारोपण किया जाता है। एलोजेनिक बोन मेरो ट्रांसप्लांट में किसी अन्य व्यक्ति के स्वस्थ सेल्स से रोगी के क्षतिग्रस्त सेल्स को स्थानांतरित कर देते हैं। इसके लिए मरीज के परिवार के किसी सदस्य की सेल्स ली जाती है ताकि मरीज की सेल्स उसकी सेल्स से मेल खा सकें।