World Asthma Day 2020: घर के अंदर की हवा भी होती है सेहत के लिए ख़तरनाक, लॉकडाउन में अस्थमा के मरीज़ इस तरह रखें अपना ख्याल

5 मई को विश्व अस्थमा दिवस है और इस दिन अस्थमा की बीमारी के प्रति लोगों की जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रयास किए जाते हैं। क्या आप जानते हैं कि, जहां बाहर की हवा में प्रदूषण है, वहीं घर के अंदर की हवा भी पूरी तरह शुद्ध नहीं है। जी हां, घर के अंदर की हवा भी सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकती है। क्योंकि, घर में मौजूद कई चीज़ों से भी प्रदूषण और एलर्जन्स उत्पन्न हो सकते हैं। जो, अस्थमा अटैक का कारण बन सकते हैं। ऐसे में घर के भीतर की हवा को साफ करने की ज़रूरत पड़ सकती है। जिसके लिए आप कुछ उपाय अपना सकते हैं। साथ ही, अस्थमा अटैक से बचने के लिए कुछ बातों का ध्यान भी रखें।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : May 5, 2020 12:38 PM IST

Managing Asthma During Lockdown: प्रदूषित हवा अस्थमा के मरीज़ों की मुश्किलें बढ़ा सकती है। क्योंकि, प्रदूषण के कारण हवा में घुले सूक्ष्म कण अस्थमा ट्रिगर का काम कर सकते हैं। लॉकडाउन के दौरान लोग अपने घरों मे ही रह रहे हैं। क्योंकि, घर के बाहर फैली हवा से कोरोना संक्रमण (Coronavirus Pandemic) होने का ख़तरा है।

लेकिन, जहां बाहर की हवा में प्रदूषण है, वहीं घर के अंदर की हवा भी पूरी तरह शुद्ध नहीं है। जी हां, घर के अंदर की हवा (Indoor Air Pollution) भी सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकती है। क्योंकि, घर में मौजूद कई चीज़ों से भी प्रदूषण और एलर्जन्स उत्पन्न हो सकते हैं। जो, अस्थमा अटैक (Asthma Attack) का कारण बन सकते हैं। ऐसे में घर के भीतर की हवा को साफ करने की ज़रूरत पड़ सकती है। जिसके लिए आप कुछ उपाय अपना सकते हैं। साथ ही, अस्थमा अटैक (Tips to Prevent Asthma Attack) से बचने के लिए कुछ बातों का ध्यान भी रखें। (Managing Asthma During Lockdown in hindi):

लॉकडाउन में अस्थमा के मरीज़ रखें इन बातों का ध्यान (Managing Asthma During Lockdown) :

किचन से दूर रहें

जैसा कि किचन में जलने वाली गैस के कारण घर की हवा में प्रदूषण बढ़ता है। साथ ही, किचन में खाना बनते समय धुआं भी उठता है। यह दोनों चीज़ें अस्थमा ट्रिगर का काम करती हैं। इसीलिए,  अगर ज़रूरी ना हो तो किचन में जाने से बचना चाहिए।

कोहरे और तेज़ हवा में ना खोलें खिड़की

स्मॉग, धुआं, मौसम के अनुसार चलने वाली तेज़ हवाएं प्रदूषण का ही प्रकार हैं। इन सभी चीज़ों से अस्थमा के मरीज़ों को नुकसान पहुंच सकता है। सांस के माध्यम से हवा में मौजूद प्रदूषण के कण फेफड़ों तक पहुंचकर अस्थमा ट्रिगर कर सकते हैं।  इसीलिए,  जब मौसम ठीक ना हो तो, खिड़की और दरवाजे बंद रखें।

साफ रखें अपना बिस्तर

अस्थमा के मरीज़ों को इस बात का भी ख्याल रखना चाहिए कि उनका बिस्तर साफ रहे। दरअसल,  साफ बिस्तर पर सोने से अस्थमा अटैक से बचा जा सकता है। जैसा कि, गंदी चादरों, तकिए के कवर और ओढ़ने-बिछाने की बाकी चीज़ों में प्रदूषण के कण मौजूद हो सकते हैं। इसीलिए, अपने बिस्तर की नियमित सफाई करें। तकिए के कवर और चादरें जल्दी-जल्दी बदलते रहें।

इंडोर प्लांट्स लगाएं

ऐसे कई पेड़-पौधे हैं जो सूरज की रोशनी की कम धूप में भी रह सकते हैं। साथ ही ये घर के अंदर की हवा को शुद्ध बनाने का भी काम करते हैं। इसीलिए, अपने घर में स्पाइडर प्लांट, क्रिसैन्थमम जैसे पौधे लगाएं। इसके अलावा, घर की बाल्कनी में तुलसी और नीम जैसे पौधे भी रख सकते हैं। इन पेड़ों की पत्तियां अधिक मात्रा में ऑक्सिजन का निर्माण करती हैं और प्रदूषण को भी कम करती हैं। हालांकि,  इन पौधों की पत्तियों की सफाई करते रहें। क्योंकि,  उनपर बैठी धूल आपकी हेल्थ प्रॉब्लम्स बढ़ा सकती है।

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