विश्‍व अस्‍थमा दिवस 2019 : सिर्फ अस्‍थमा ही नहीं, इन कारणों से भी उखड़ने लगती है सांस

अस्थमा का पहला लक्षण माना जाता है सांस उखड़ना, पर क्या आप जानते हैं कि सांस उखड़ने के और भी कई कारण हो सकते हैं, जिनसे जान का जोखिम भी उत्पन्न हो सकता है।

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Written By: Yogita Yadav | Published : May 6, 2019 5:12 PM IST

अस्‍थमा का पहला लक्षण माना जाता है सांस का उखड़ना। श्‍वास नली में संकुचन के कारण मरीज को सांस लेने में दिक्‍कत होने लगती है, जिससे ऐसा लगता है कि उसकी सांस उखड़ रही है। पर क्‍या आप जानते हैं कि सांस उखड़ना सिर्फ अस्‍थमा का ही लक्षण नहीं है, बल्कि इसके कुछ और भी कारण हो सकते हैं। आइए जानते हैं उन कारणों के बारे में, जिनके कारण सांस लेने में समस्‍या आने लगती है या सांस उखड़ने लगती है।

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क्‍यों उखड़ती है सांस

अस्‍थमा की समस्‍या होने पर फेफड़ों में सूजन हो जाती है और सांस लेने में दिक्‍कत होती है। जिससे मरीज को सांस लेने में दिक्‍कत होने लगती है। फेफड़ा सांस की फैक्टरी की तरह है, अगर इसमें कोई समस्या हो जाये तो सांस लेने में दिक्कत होती है। जब भी आपके गले में कुछ गड़ने जैसा अनुभव होने लगे, और आपको सांस लेने में समस्या हो तो सांस लेने में दिक्कत होती है। इसके अलावा सीओपीडी और निमोनिया के कारण भी फेफड़े प्रभावित होते हैं।

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तनाव या चिंता में

जब भी सांस की समस्या चिंता के साथ होती है तो इसके पीछे हाइपरवेंटिलेशन (hyperventilation) की समस्या हो सकती है। इसका मतलब है अधिक सांस लेना। जब भी इनसान चिंता में होता है तब वह तेजी से सांस लेता है, अधिक सांस लेने का मतलब यह है कि आप अधिक मात्रा में ऑक्सीजन ले रहे हैं और उतनी ही मात्रा में कार्बनडाईऑक्सासइड शरीर से बाहर भी कर रहे हैं। इसके कारण सांस की कमी होने लगती है, और सांस उखड़ जाती है।

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एलर्जी के कारण

एलर्जी के कारण सांस लेने में दिक्कैत हो सकती है। एलर्जी इम्यूडन सिस्टफम से जुड़ी बीमारी है, यह बहुत ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचाती है। एलर्जी की समस्या् धूल, मिट्टी, परागकणों आदि के संपर्क में आने से होती है। एलर्जी होने पर मरीज के फेफड़े की वाहिकायें प्रभावित होती हैं और सांस लेने में समस्याट होती है। इसके कारण सीने में दर्द की शिकायत भी हो सकती है।

मोटापे के कारण

मोटापा एक गंभीर समस्याज है, इसके कारण कई तरह की स्वासस्य्सम  समस्याइयें जैसे - डायबिटीज, थॉयराइड समस्या , दिल की समस्यात आदि हो सकती है। इसके अलावा मोटापे के कारण सांसें भी उखड़ने लगती हैं। थोरेक्सए नामक पत्रिका में छपे एक शोध की मानें तो,  मोटापे के कारण छोटे-छोटे काम यहां तक सीढ़ी चढ़ने में समस्यास होने लगती है, इसकी वजह से सांस की कमी भी हो जाती है। इसलिए वजन को अपने बीएमआई के अनुसार ही रखें।

हृदयाघात का संकेत

एन्‍जाइना, दिल का दौरा, दिल की विफलता, जन्‍मजात दिल की समस्‍या, अतालता (arrhythmia) आदि समस्‍याएं सांस की कमी से संबंधित हैं, सांस जब उखड़ती है तो इनके पीछे दिल से जुड़े हुए ये कारण भी हो सकते हैं। जब दिल की मांसपेशियां सही तरीके से काम नहीं कर पाती हैं तब दिल का दौरा पड़ता है। सांस की कमी के कारण भी दिल के दौरे की संभावना बढ़ जाती है। रक्‍त संचार जब बढ़ जाता है यानी उच्‍च रक्‍तचाप के कारण भी दिल की समस्‍या होती है और मरीज को सांस लेने में समस्‍या होती है।

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